क्या IT कंपनी में टिके रहने (Loyalty) का फल मीठा होता है?” अगर आप भी यही सोचते हैं, तो यह खबर आपको गहरा सदमा दे सकती है।
सोशल मीडिया पर एक TCS कर्मचारी का Salary Slip वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इंडियन टेक इकोसिस्टम में खलबली मचा दी है। 5 साल से ज्यादा का अनुभव, लेकिन सैलरी बढ़ने के बजाय 25,000 से गिरकर 22,800 रुपये हो गई! आखिर ऐसा कैसे हुआ?
The Big News: सैलरी स्लिप जो डरा रही है
हाल ही में Reddit और Twitter (X) पर एक TCS कर्मचारी (Java Developer) का दर्द छलका, जो अब हर IT प्रोफेशनल की जुबान पर है। इस कर्मचारी ने 2020 में 25,000 रुपये प्रति माह की इन-हैंड सैलरी पर कंपनी ज्वाइन की थी। उम्मीद थी कि 5 साल बाद यह आंकड़ा कम से कम दोगुना होगा। लेकिन 2026 में, यानी 5.5 साल बाद, उसके हाथ में सिर्फ 22,800 रुपये आ रहे हैं।
यह गिरावट क्यों?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे मुख्य वजह ‘Performance Bands’ और ‘Variable Pay’ का खेल है। कर्मचारी को लगातार ‘C’ और ‘D’ रेटिंग्स मिलीं, जिससे न सिर्फ अप्रेजल (Appraisal) रुका, बल्कि कंपनी की वेरिएबल पे पॉलिसी के तहत सैलरी में कटौती भी हो गई।
बात सिर्फ एक कर्मचारी की नहीं है। फ्रेशर्स के लिए TCS का ‘Ninja’ पैकेज (लगभग 3.36 LPA) पिछले एक दशक से लगभग स्थिर बना हुआ है। जहां महंगाई रॉकेट बन चुकी है, वहां एंट्री-लेवल सैलरी का ‘कछुआ चाल’ चलना इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय है।
Expert Insight: इसका आप पर क्या असर होगा? (The ‘Loyalty Trap’)
यह खबर सिर्फ एक “बैड न्यूज़” नहीं, बल्कि एक “Wake-up Call” है। इसे हम ‘Loyalty Penalty’ कहते हैं।
- The Low Base Effect: सर्विस-बेस्ड कंपनियों में अगर आप कम सैलरी पर शुरू करते हैं और वहीं टिके रहते हैं, तो आपके हाइक (Hike) उसी छोटे बेस अमाउंट पर मिलते हैं। 5 साल बाद भी आप मार्केट स्टैंडर्ड से कोसों दूर रह जाते हैं।
- HR का ‘Red Flag’ नजरिया: वायरल पोस्ट में सबसे डरावनी बात यह थी कि जब इस कर्मचारी ने दूसरी कंपनियों में अप्लाई किया, तो वहां के HR ने उसकी Current Salary देखकर उसे रिजेक्ट कर दिया। इंडस्ट्री में यह धारणा बन गई है—“अगर 5 साल में इसकी सैलरी नहीं बढ़ी, तो शायद इसमें स्किल ही नहीं होगी।” यानी, कम सैलरी अब आपकी काबिलियत पर प्रश्नचिह्न बन रही है।
- AI और Upskilling का दबाव: अब वह दौर गया जब सिर्फ “बेंच” पर बैठकर या रूटीन काम करके साल-दर-साल प्रमोशन मिलता था। जेनरेटिव एआई (GenAI) के दौर में, अगर आप खुद को ‘Upskill’ नहीं कर रहे, तो कंपनियां आपको ‘Liability’ (बोझ) मानने लगेंगी, जैसा इस केस में PIP (Performance Improvement Plan) के जरिए देखा गया।
आज की बड़ी बातें (Key Takeaways):
- सैलरी शॉक: 5.5 साल के अनुभव के बाद सैलरी 25k से घटकर 22.8k हुई।
- वजह: लगातार खराब रेटिंग्स (C/D bands) और वेरिएबल पे में कटौती।
- फ्यूचर अलर्ट: दूसरी कंपनियों के HR कम सैलरी हिस्ट्री (Salary History) को ‘लो परफॉरमेंस’ का सबूत मान रहे हैं।
- सबक: सिर्फ ‘Experience Years’ गिनने से काम नहीं चलेगा, मार्केट के हिसाब से स्किल्स और सैलरी दोनों को समय-समय पर ‘Validate’ करना जरूरी है।
सूचना: यह जानकारी Reddit (r/developersIndia), सोशल मीडिया चर्चाओं और विभिन्न टेक न्यूज़ रिपोर्ट्स पर आधारित है।





