Deloitte US ने कॉर्पोरेट जगत में एक ऐसी हलचल मचा दी है जिसकी गूंज भारत के IT और Consulting गलियारों तक सुनाई दे रही है। कंपनी ने अपने 1,81,000 से अधिक कर्मचारियों के पारंपरिक Job Titles को खत्म कर उन्हें AI-driven economy के हिसाब से रीसेट करने का फैसला लिया है।
यह सिर्फ नाम बदलने की कवायद नहीं है, बल्कि इस बात का सबूत है कि अब क्लाइंट्स को ‘Generalist Consultant’ नहीं, बल्कि ‘Technical Specialists’ चाहिए।
Timeline: कब क्या होगा?
- 29 जनवरी 2026: कर्मचारियों को उनके नए और स्पेसिफिक टाइटल्स की जानकारी दी जाएगी।
- 1 जून 2026: नया टाइटल सिस्टम आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा।
Old vs New: अब कैसे बदलेंगे पदनाम?
दशकों से चल रहे ‘Analyst’ और ‘Senior Consultant’ जैसे शब्द अब इतिहास बनने जा रहे हैं। Deloitte का नया “Talent Architecture” अब स्किल्स पर आधारित होगा।
| पुराना सिस्टम (Traditional) | नया सिस्टम (Skill-Specific Example) |
| Senior Consultant | Software Engineer III |
| Manager | Project Management Senior Consultant |
| Functional Analyst | Functional Transformation Specialist |
| Partners / Managing Directors | Leaders (नई कैटेगरी) |
AI और “Leader” कैटेगरी का उदय
इस बदलाव का सबसे दिलचस्प हिस्सा है—‘Leaders’। Deloitte ने एक बिल्कुल नई श्रेणी पेश की है जो Partners और Managing Directors के समकक्ष होगी। कंपनी का मानना है कि AI के इस दौर में लीडरशिप का मतलब सिर्फ टीम मैनेज करना नहीं, बल्कि तकनीक और बदलाव को लीड करना है।
क्यों बदला जा रहा है 100 साल पुराना सिस्टम?
आंतरिक प्रेजेंटेशन में Deloitte ने अपने पुराने ढांचे को “Outdated” करार दिया है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- AI का प्रभाव: क्लाइंट्स अब ऐसी सलाह चाहते हैं जो डेटा और AI पर आधारित हो।
- Market Relevancy: LinkedIn और जॉब मार्केट में ‘Software Engineer’ जैसा शब्द ‘Consultant’ से ज्यादा स्पष्टता देता है।
- Tailored Experience: कर्मचारी अब अपनी स्किल्स के हिसाब से पहचान चाहते हैं, न कि किसी जेनेरिक लेबल के हिसाब से।
भारतीय प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर?
Deloitte India में वर्तमान में लगभग 1.4 लाख कर्मचारी हैं और कंपनी 50,000 नई नियुक्तियों की तैयारी में है। हालांकि यह बदलाव फिलहाल US के लिए है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि:
- Resume Reshuffle: भारतीय टेक इंडस्ट्री में भी अब “Skill-first” टाइटल्स की मांग बढ़ेगी।
- Standardization: जल्द ही Infosys, TCS और Accenture जैसी कंपनियां भी अपने पदनामों को अधिक मॉडर्न और स्पेसिफिक बना सकती हैं।
हमारा नज़रिया: क्या आपको डरना चाहिए?
नहीं! कंपनी ने साफ किया है कि इस बदलाव से Salary या Reporting Structure पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह केवल आपकी स्किल्स को दुनिया के सामने सही ढंग से पेश करने का एक तरीका है।





