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TCS विवाद: Tata Group का Zero Tolerance मैसेज, दोषियों पर गिरेगी गाज

On: April 13, 2026 3:18 PM
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नासिक के TCS IT‑BPO ऑफिस में 8 महिला कर्मचारियों की शिकायत के बाद 9 FIR दर्ज, 7 गिरफ्तारियां और 12 सदस्यीय SIT गठित। कंपनी ने दोषियों को तत्काल निलंबित किया।

नासिक, महाराष्ट्र के एक बड़े IT‑BPO ऑफिस में जो हुआ, वो किसी को भी झकझोर देने वाला है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के इस दफ्तर में काम करने वाली कम से कम आठ महिला कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके साथ न सिर्फ यौन उत्पीड़न हुआ, बल्कि उन पर धर्म बदलने का दबाव भी डाला गया।

क्या आरोप लगाए गए हैं?

शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि जब उन्होंने साथी कर्मचारियों का प्रस्ताव ठुकराया, तो उन्हें धमकियां मिलीं। कुछ मामलों में उन्हें नमाज़ पढ़ने के लिए कहा गया, खान-पान की आदतें बदलने पर जोर दिया गया और जबरन मांस खिलाने की भी कोशिशें हुईं।

पुलिस के अनुसार यह मामला सिर्फ एक-दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है। यह एक संगठित रूप से चल रहे उत्पीड़न का नेटवर्क हो सकता है, जो कंपनी के अलग-अलग टीमों और डिपार्टमेंट्स में फैला हुआ था।

“प्रपोज़ल ठुकराने पर धमकी, धार्मिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना — यह सब एक IT कंपनी के भीतर हुआ। यह सिर्फ कानूनी नहीं, सामाजिक मामला भी है।” — नासिक पुलिस अधिकारी (अनाम)

पुलिस कार्रवाई — 9 FIR, 7 गिरफ्तारियां

शिकायतों की गंभीरता देखते हुए नासिक पुलिस ने तत्काल 9 अलग‑अलग FIR दर्ज कीं। इन FIRs में यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं को आहत करना, छेड़छाड़ और अन्य IPC धाराएं शामिल हैं।

अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में कई टीम लीडर, जूनियर मैनेजर और एक महिला HR मैनेजर भी हैं — जो इस मामले को और भी गंभीर बना देता है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।

जानकारी: भारतीय दंड संहिता (IPC) के अलावा यौन उत्पीड़न के मामलों में POSH Act (2013) के तहत भी कंपनी की Internal Complaints Committee (ICC) को जांच करनी होती है। TCS ने इस प्रक्रिया को तत्काल शुरू कर दिया है।

TCS की त्वरित आंतरिक कार्रवाई

TCS जैसी बड़ी कंपनी के लिए यह मामला एक बड़ा झटका है। कंपनी ने शिकायत मिलते ही एक आंतरिक जांच समिति गठित की और जिन कर्मचारियों पर गंभीर आरोप आए उन्हें तत्काल निलंबित या बर्खास्त कर दिया।

कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि TCS यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव या किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ “शून्य सहनशीलता (Zero-Tolerance)” की नीति पर चलती है। जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

SIT का गठन और राजनीतिक बवाल

मामले की व्यापकता को देखते हुए नासिक पुलिस ने 12 सदस्यीय SIT (Special Investigation Team) बनाई है। यह SIT अलग-अलग शाखाओं में दर्ज मामलों को एक साथ जोड़कर गहरी जांच कर रही है।

इसी बीच महाराष्ट्र की कुछ राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने इस मामले को “कॉर्पोरेट जिहाद” जैसे नारों से जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं रह गया — यह एक सामाजिक और राजनीतिक विवाद भी बन गया है।

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आगे क्या हो सकता है?

अगर SIT की जांच में यह साबित होता है कि यह एक संगठित धार्मिक रूपांतरण रैकेट था, तो TCS समेत पूरे IT उद्योग में बड़े बदलाव हो सकते हैं। बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, टीम लीडर मॉनिटरिंग, और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा नीतियों की गहरी समीक्षा लगभग तय मानी जा रही है।

इस घटना ने पूरे IT सेक्टर में एक बार फिर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, grooming culture और धार्मिक दबाव जैसे संवेदनशील विषयों को केंद्र में ला दिया है। यह सवाल अब उठ रहा है — क्या हमारी कंपनियों में ICC सिर्फ कागज पर है, या वाकई काम करती है?

Ganesh Thik

Ganesh Thik IT Samachar के संस्थापक और एक अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे IT Samachar के ज़रिए IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, जॉब अपडेट्स, लेऑफ़ न्यूज़, कंपनी अपडेट्स, AI और टेक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हैं।

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