Infosys ने AI की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया है! कंपनी ने US स्टार्टअप Cognition के साथ पार्टनरशिप करके उनके ऑटोनॉमस AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर ‘Devin’ को अपने सिस्टम्स में इंटीग्रेट करना शुरू कर दिया है। ये खबर आते ही IT जगत में, खासकर freshers और junior developers के बीच जॉब सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Devin एक ऐसा AI है जिसे ‘दुनिया का पहला AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर’ कहा जा रहा है। ये AI खुद से coding कर सकता है, bugs fix कर सकता है, legacy systems को migrate कर सकता है, और बिना ज्यादा human intervention के end-to-end engineering workflows को पूरा कर सकता है। Infosys का कहना है कि Devin human engineers के साथ मिलकर काम करेगा ताकि प्रोजेक्ट्स को तेजी से और ज्यादा एफिशिएंसी के साथ डिलीवर किया जा सके।
Infosys ने Devin का rollout अपनी Financial Services practice में शुरू कर दिया है, जिसमें banking, payments, capital markets और insurance जैसे सेक्टर्स शामिल हैं। कंपनी इसे सिर्फ अपने internal teams तक ही सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे सीधे client organizations में भी integrate किया जाएगा। आगे चलकर retail, energy और healthcare जैसे अन्य verticals में भी इसका इस्तेमाल करने की प्लानिंग है।
Infosys का दावा है कि पिछले छह महीनों के एक्सपेरिमेंट में Devin से “material productivity gains” मिले हैं। जो प्रोजेक्ट्स पहले बहुत टाइम लेते थे और जिनमें ज्यादा मैनपावर की जरूरत होती थी, जैसे complex COBOL migrations, अब वो Devin की मदद से रिकॉर्ड टाइम में पूरे हो रहे हैं। कंपनी का मानना है कि इससे प्रोजेक्ट डिलीवरी की स्पीड काफी बढ़ जाएगी।
कंपनी Devin को तीन मेन तरीकों से इस्तेमाल करेगी: पहला, internal productivity के लिए; दूसरा, services delivery में human engineers और AI agents के hybrid teams बनाकर client projects को accelerate करने के लिए; और तीसरा, Managed Service Provider के तौर पर, जहां Infosys सीधे कस्टमर के environments में Devin को डिप्लॉय और मैनेज करेगा।
लेकिन इस खबर ने Tech circles में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूजर्स अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि Infosys junior employees की सैलरी बढ़ाने के बजाय AI पर इन्वेस्ट कर रहा है, जिससे entry-level jobs पर खतरा मंडरा रहा है। एक यूजर ने तो यहाँ तक लिखा, “SWE is officially a dead field to get into, especially for people joining consultancies like TCS and Infosys.”
कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि AI 70 घंटे काम करने की शिकायत नहीं करेगा, लेकिन overtime तो उसे भी देना पड़ेगा! वहीं, कुछ यूजर्स का ये भी मानना है कि AI adoption से बड़ी IT firms और मजबूत होंगी, न कि कमजोर। उनका कहना है कि Infosys, TCS जैसी कंपनियां कहीं नहीं जा रही हैं।
फिलहाल, Infosys Devin को replacement नहीं, बल्कि एक accelerator के तौर पर पेश कर रहा है। लेकिन जिस तेजी से AI agents core engineering workflows में अपनी जगह बना रहे हैं, उससे यह सवाल तो उठ ही रहा है कि भारत में entry-level tech jobs का भविष्य क्या होगा।
KEY POINTS:
- Infosys ने US स्टार्टअप Cognition के AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर Devin को अपने सिस्टम में इंटीग्रेट करना शुरू किया है।
- Devin coding, bug fixing और legacy system migration जैसे काम खुद से कर सकता है।
- Infosys का दावा है कि इससे प्रोजेक्ट डिलीवरी में तेजी और “material productivity gains” मिल रहे हैं।
- इस कदम से freshers और junior developers के बीच जॉब सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
- कंपनी Devin को internal productivity, services delivery और Managed Service Provider के तौर पर इस्तेमाल करेगी।
सूचना के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित टेक और बिज़नेस न्यूज़ सोर्सेस की मदद ली गई है।





