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2025 में भारतीय IT सेक्टर में छंटनी का दौर जारी: AI और ऑटोमेशन मुख्य कारण

On: December 19, 2025 9:12 AM
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भारतीय IT उद्योग 2025 में बड़े पैमाने पर छंटनी का सामना कर रहा है, जहाँ हजारों प्रोफेशनल्स अपनी नौकरियाँ खो चुके हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल आर्थिक मंदी का संकेत नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के कारण हो रहे संरचनात्मक बदलावों का परिणाम है। यह स्थिति भारतीय IT पेशेवरों, स्टार्टअप्स और टेक में रुचि रखने वाले रीडर्स के लिए महत्वपूर्ण है।

2025 का साल भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए काफी उथल-पुथल भरा रहा है, जिसमें व्यापक छंटनी, कार्यबल का पुनर्गठन और कर्मचारियों के बीच बढ़ती अनिश्चितता देखी गई है। TCS, माइक्रोसॉफ्ट, PwC, मेटा और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। Intellizence के आंकड़ों के अनुसार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने लगभग 2% वर्कफोर्स, यानी लगभग 12,000 कर्मचारियों को कम किया है, जिसमें मुख्य रूप से मिड और सीनियर-लेवल के टैलेंट प्रभावित हुए हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने भी लगभग 9,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि PwC ने लगभग 1,500 और मेटा ने लगभग 600 पदों पर कटौती की है। गूगल ने भी कई चरणों में छंटनी की है, हालांकि उसने सटीक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। वैश्विक स्तर पर, 2025 में अब तक लगभग 126,352 अमेरिकी-आधारित टेक कंपनियों के कर्मचारी अपनी नौकरी खो चुके हैं। इंटेल (27,159), माइक्रोसॉफ्ट (15,387), वेरिजॉन (15,000), और अमेज़न (14,709) जैसी कंपनियों ने सबसे बड़ी वर्कफोर्स कटौती की है।

इन छंटनी के पीछे मुख्य कारण AI और ऑटोमेशन का तेजी से बढ़ता प्रभाव है। AI और जनरेटिव AI ने पारंपरिक भूमिकाओं को फिर से परिभाषित किया है, कुछ पदों को समाप्त कर दिया है और कंपनियों को कार्यबल प्रबंधन रणनीतियों पर फिर से विचार करने पर मजबूर किया है। भारतीय IT कंपनियों में लगभग 64% ने 2025 में जनरेटिव AI टूल्स को इंटीग्रेट किया है। इसके अलावा, कौशल बेमेल (skill mismatch), लागत में कटौती और दक्षता की मांग भी छंटनी के प्रमुख कारण रहे हैं।

भारतीय IT सेक्टर पर इसका गहरा असर पड़ रहा है। मध्य और वरिष्ठ स्तर के प्रोफेशनल्स, जिन्होंने सिस्टम में दशकों बिताए हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं क्योंकि कंपनियों का मानना है कि उनके कौशल AI-संचालित भूमिकाओं के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इस माहौल से कर्मचारियों में नौकरी खोने का डर बढ़ गया है, खासकर उन वरिष्ठ टेक प्रोफेशनल्स में जो प्रति वर्ष ₹45 लाख से ₹70 लाख कमाते हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2-3 वर्षों में भारत में चार से पांच लाख IT नौकरियां AI अपनाने के कारण समाप्त हो सकती हैं, और फ्रेशर्स की हायरिंग में भी भारी गिरावट आई है।

भविष्य में, IT कंपनियों से उम्मीद की जा रही है कि वे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिसिस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल वाले कर्मचारियों की तलाश करेंगी। कर्मचारियों के लिए रीस्किलिंग और अपस्किलिंग महत्वपूर्ण हो गया है ताकि वे बदलते तकनीकी परिदृश्य के साथ तालमेल बिठा सकें। भारतीय IT उद्योग, जो कभी श्रम-गहन था, अब AI-गहन मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जिससे विकास के पारंपरिक मॉडल को फिर से लिखा जा रहा है।

KEY POINTS:

  • 2025 में भारतीय और वैश्विक IT सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी हुई है।
  • AI और ऑटोमेशन छंटनी के मुख्य कारण हैं, जो पारंपरिक भूमिकाओं को बदल रहे हैं।
  • TCS ने लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि माइक्रोसॉफ्ट ने 9,000 और मेटा ने 600 कर्मचारियों को प्रभावित किया।
  • कौशल बेमेल, लागत में कटौती और दक्षता की मांग भी छंटनी के प्रमुख कारण रहे हैं।
  • भारतीय IT सेक्टर में नौकरी खोने का डर बढ़ा है और रीस्किलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

सूचना के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित टेक और बिज़नेस न्यूज़ सोर्सेस की मदद ली गई है।

Ganesh Thik

Ganesh Thik IT Samachar के संस्थापक और एक अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे IT Samachar के ज़रिए IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, जॉब अपडेट्स, लेऑफ़ न्यूज़, कंपनी अपडेट्स, AI और टेक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हैं।

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