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Apple Siri AI अब Google Gemini पर, iPhone में Claude भी

On: June 9, 2026 1:35 AM
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Apple Siri AI Google Gemini - IT Samachar
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क्यूपर्टिनो, 8 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): Apple ने अपने सालाना डेवलपर सम्मेलन WWDC 2026 में पूरी तरह नया Siri AI पेश किया, जो अब Google के 1.2 ट्रिलियन पैरामीटर वाले Gemini मॉडल पर चलेगा और पहली बार iPhone यूज़र्स को Claude या ChatGPT जैसे थर्ड-पार्टी AI ऐप से सीधे जवाब लेने का विकल्प देगा।

यह सिर्फ़ एक फ़ीचर अपडेट नहीं, बल्कि Apple की AI रणनीति में बड़ा मोड़ है। करीब 15 साल पुराने Siri को ChatGPT और Gemini जैसे प्रतिद्वंद्वियों की बराबरी में लाने के लिए Apple ने अपनी इन-हाउस तकनीक के बजाय Google पर भरोसा जताया — एक ऐसा फ़ैसला जिसकी क़ीमत कई रिपोर्ट्स के मुताबिक़ कंपनी को सालाना क़रीब $1 बिलियन चुकानी होगी।

Siri AI में नया क्या है

नया असिस्टेंट अब conversation history, personal context और एक अलग Siri ऐप के साथ आता है। यह स्क्रीन पर दिख रही चीज़ के आधार पर सवालों के जवाब दे सकता है, ईमेल लिख सकता है, और Camera ऐप से फ़ूड लेबल पढ़कर न्यूट्रिशन जानकारी निकाल सकता है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जब यूज़र थर्ड-पार्टी AI ऐप इंस्टॉल रखेगा, तो Siri भारी सवाल सीधे Claude या ChatGPT को सौंप सकेगा — यह पहली बार है जब Apple ने अपने असिस्टेंट में बाहरी AI मॉडल को इस तरह जगह दी है।

साथ ही कंपनी ने अपने सभी ऑपरेटिंग सिस्टम के नए संस्करण घोषित किए — iOS 27, iPadOS 27, macOS 27 (कोडनेम Golden Gate), tvOS 27, watchOS 27 और visionOS 27। macOS का नाम Apple की पुरानी परंपरा के मुताबिक़ California के लैंडमार्क Golden Gate पर रखा गया है।

तीन-स्तरीय आर्किटेक्चर और Google की भूमिका

TechTimes और Bloomberg की रिपोर्टिंग के अनुसार, नया Siri एक three-tier routing सिस्टम पर काम करता है। आसान रिक्वेस्ट पूरी तरह डिवाइस पर ही प्रोसेस होती हैं, मध्यम-जटिल रिक्वेस्ट Apple के Private Cloud Compute सर्वर पर जाती हैं, और सबसे भारी reasoning टास्क Google Cloud पर भेजे जाते हैं, जहाँ ये Nvidia Blackwell B200 GPU पर चलते हैं।

Google मॉडल का 1.2 ट्रिलियन पैरामीटर वाला आकार और सालाना $1 बिलियन की डील का आँकड़ा कई स्वतंत्र रिपोर्ट्स में दोहराया गया है। हालाँकि Apple ने डील की सटीक वित्तीय शर्तें सार्वजनिक नहीं कीं, इसलिए यह राशि मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से है, Apple की आधिकारिक पुष्टि नहीं।

विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं

Apple के सॉफ़्टवेयर प्रमुख Craig Federighi ने कीनोट में दलील दी कि कंपनी ने AI को दिखावे के लिए नहीं, बल्कि उपयोगिता के लिए जोड़ा है।

“Apple didn’t want to send users off into some chat experience in order to get things done.” — Craig Federighi, SVP Software Engineering, Apple

विश्लेषक इसे Apple के लिए निर्णायक पल मान रहे हैं। Forrester के वाइस प्रेसिडेंट और प्रिंसिपल एनालिस्ट Dipanjan Chatterjee के मुताबिक़ बेहतर Siri कंपनी की दिशा बदल सकता है।

“A more capable, context-aware, and everyday-useful Siri would be a game changer for Apple.” — Dipanjan Chatterjee, VP & Principal Analyst, Forrester

Creative Strategies की प्रेसिडेंट Carolina Milanesi ने भी कहा कि वे एक ऐसा “personal Siri” चाहती हैं जो यूज़र के context और डेटा का इस्तेमाल कर असली मूल्य दे।

भारतीय यूज़र्स और डेवलपर्स के लिए मायने

भारत Apple के लिए सबसे तेज़ बढ़ते बाज़ारों में से एक है, और iPhone पर Claude तथा ChatGPT का सीधा इंटीग्रेशन भारतीय यूज़र्स के रोज़मर्रा के AI अनुभव को बदल सकता है। भारतीय डेवलपर्स के लिए यह भी अहम है कि Apple का नया Siri ऐप थर्ड-पार्टी मॉडल के लिए खुला रहेगा, जिससे स्थानीय भाषा और एंटरप्राइज़ ऐप्स को नए डिस्ट्रिब्यूशन रास्ते मिल सकते हैं। हालाँकि Gemini-आधारित फ़ीचर्स की भारत में उपलब्धता और भाषाई सपोर्ट को लेकर तस्वीर अभी साफ़ नहीं है।

Tim Cook की विदाई

यह कीनोट Tim Cook के CEO के तौर पर आख़िरी WWDC भी रही। Apple के मुताबिक़ हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख John Ternus सितंबर में नए CEO का पदभार संभालेंगे, जबकि Cook बोर्ड के executive chairman की भूमिका में जाएँगे। निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया भी दिखी — कीनोट के दौरान AAPL शेयर शुरुआती बढ़त गँवाकर क़रीब 0.71% गिरकर $305.15 पर आ गया।

Siri का सफ़र: देर से आया बदलाव

Apple ने Siri को 2011 में iPhone 4S के साथ पेश किया था, और एक दौर में यह वॉइस असिस्टेंट की दुनिया का अगुआ था। लेकिन बीते कुछ बरसों में Amazon Alexa, Google Assistant और फिर ChatGPT जैसे जनरेटिव AI टूल्स ने इसे पीछे छोड़ दिया। 2024 में घोषित “Apple Intelligence” फ़ीचर्स की धीमी और अधूरी डिलीवरी ने कंपनी पर निवेशकों और यूज़र्स, दोनों का दबाव बढ़ाया था। यही वजह है कि Gemini जैसी बाहरी तकनीक अपनाने का फ़ैसला — जो कभी Apple की “इन-हाउस सब कुछ” सोच के ख़िलाफ़ माना जाता — अब एक व्यावहारिक मजबूरी के तौर पर देखा जा रहा है। बाज़ार में यह बहस भी तेज़ है कि अपने सबसे अहम सॉफ़्टवेयर अनुभव के लिए प्रतिद्वंद्वी Google पर निर्भरता Apple के लिए जोखिम है या समझदारी।

Aage kya?

अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ों पर नज़र रहेगी — पहला, iOS 27 का सार्वजनिक रोलआउट (आमतौर पर सितंबर के आसपास) और तब असली परफ़ॉर्मेंस टेस्ट; दूसरा, Apple-Google डील पर संभावित रेगुलेटरी और एंटीट्रस्ट जाँच, क्योंकि दोनों कंपनियाँ पहले से सर्च डील को लेकर निगरानी में हैं; और तीसरा, भारत समेत अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में Gemini-Siri और थर्ड-पार्टी हैंडऑफ़ की उपलब्धता का टाइमलाइन।

स्रोत: CNN, Bloomberg, TechTimes, Tom’s Guide, Yahoo Finance, TradingKey (8 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

इसे भी पढ़ें: ChatGPT की नई Dreaming V3 मेमोरी लॉन्च

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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