न्यूयॉर्क/मुंबई, 11 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): Elon Musk की रॉकेट कंपनी SpaceX का IPO आज (11 जून) अमेरिकी बाज़ार बंद होने के बाद $135 प्रति शेयर पर प्राइस होने जा रहा है — implied वैल्यूएशन क़रीब $1.75 ट्रिलियन। कंपनी $75 अरब जुटाएगी, और 12 जून से Nasdaq पर SPCX टिकर के साथ ट्रेडिंग शुरू होगी। यह इतिहास की सबसे बड़ी स्टॉक-मार्केट लिस्टिंग होगी।
यह सिर्फ़ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं, पूरे AI-स्पेस युग के लिए पब्लिक मार्केट का पहला बड़ा इम्तिहान है। SpaceX के ठीक पीछे OpenAI और Anthropic भी IPO क़तार में खड़ी हैं — तीनों की संयुक्त टारगेट वैल्यूएशन $3.5 ट्रिलियन से ऊपर बैठती है। नतीजा जो भी हो, असर भारतीय निवेशकों और टेक इकोसिस्टम तक पहुंचेगा।
ऑफ़र की पूरी गणित
CNBC की रिपोर्ट के अनुसार SpaceX 55.56 करोड़ शेयर बेच रही है, जिससे $75 अरब जुटेंगे। अंडरराइटर्स के पास 8.33 करोड़ अतिरिक्त शेयर ($11.2 अरब) ख़रीदने का विकल्प रहेगा। ऑफ़रिंग की अगुवाई Goldman Sachs कर रही है, साथ में Morgan Stanley, Bank of America, Citigroup और JPMorgan Chase हैं। लिस्टिंग के बाद भी Musk के पास 82% से ज़्यादा वोटिंग कंट्रोल रहेगा। तुलना के लिए — 2019 में Saudi Aramco ने IPO से $29 अरब जुटाए थे; SpaceX उससे ढाई गुना बड़ी फंडरेज़ कर रही है।
मुख्य तथ्य
- प्राइस: $135 प्रति शेयर; वैल्यूएशन: क़रीब $1.75 ट्रिलियन
- साइज़: 55.56 करोड़ शेयर = $75 अरब (+$11.2 अरब greenshoe विकल्प)
- लिस्टिंग: 12 जून, Nasdaq, टिकर SPCX; लीड बैंकर Goldman Sachs
- रिटेल हिस्सा: क़रीब 30% (~$22.5 अरब) — बड़े IPO में आम तौर पर 5-10%
कंपनी के कारोबार की बुनियाद दो स्तंभों पर टिकी है — ग्लोबल लॉन्च मार्केट में दबदबा और Starlink सैटेलाइट ब्रॉडबैंड का बढ़ता सब्सक्राइबर बेस। निवेशकों की दलील यही है कि SpaceX सिर्फ़ रॉकेट कंपनी नहीं, बल्कि पूरी space economy का प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें लॉन्च, कनेक्टिविटी और भविष्य के डेटा-इन-स्पेस बिज़नेस एक साथ बंडल हैं।
डिमांड रिकॉर्ड, पर वैल्यूएशन पर सवाल
Bloomberg के अनुसार ऑर्डर-बुक बुधवार को बंद हुई और इश्यू कई गुना oversubscribed रहा — रिपोर्ट्स में $150 अरब से ज़्यादा के ऑर्डर और Barron’s के हवाले से 4 गुना तक सब्सक्रिप्शन की बात है। रिटेल निवेशकों के लिए क़रीब 30% हिस्सा (लगभग $22.5 अरब) रखा गया है, जबकि बड़े IPO में यह आम तौर पर 5-10% होता है।
हालांकि हर कोई क़ायल नहीं है।
“SpaceX is worth less than half of its reported $1.75 trillion IPO target” — Nicolas Owens, Lead Equity Analyst, Morningstar
Owens के आकलन का मतलब है कि मौजूदा भाव में launch और Starlink बिज़नेस की कई साल की ग्रोथ पहले से शामिल है। 24/7 Wall St. के विश्लेषण ने भी आगाह किया कि 4 गुना oversubscription का आंकड़ा Aramco जैसी मेगा-लिस्टिंग्स की तुलना में कम है, जहां सब्सक्रिप्शन कई गुना ज़्यादा रहा था — यानी डिमांड बड़ी ज़रूर है, पर बेलगाम नहीं।
“The demand reflects a belief that SpaceX is not just a rocket company” — एक संस्थागत विश्लेषक, Stocktwits की रिपोर्ट में
पीछे खड़ी हैं OpenAI और Anthropic
SpaceX अकेली नहीं है। OpenAI की IPO फाइलिंग 8 जून को सार्वजनिक हुई — कंपनी ने SEC के पास गोपनीय S-1 दाख़िल किया है और सितंबर 2026 की लिस्टिंग टारगेट कर रही है; रिपोर्ट्स में $730-850 अरब की वैल्यूएशन रेंज बताई गई है। उससे एक हफ़्ता पहले, 1 जून को, Anthropic ने क़रीब $965 अरब की रिपोर्टेड वैल्यूएशन पर गोपनीय फाइलिंग की थी। indmoney के विश्लेषण के अनुसार OpenAI ने हालिया तिमाही में हर $1 कमाई पर क़रीब $1.22 का घाटा दर्ज किया — यानी मुनाफ़े का रास्ता अभी लंबा है, और SpaceX की लिस्टिंग का प्रदर्शन इन दोनों AI IPO की क़ीमत तय करने में बेंचमार्क बनेगा।
भारतीय निवेशक और इंडस्ट्री के लिए मायने
भारतीय रिटेल निवेशक US ब्रोकिंग प्लेटफ़ॉर्म्स (Vested, INDmoney, Stockal जैसे) के ज़रिए SPCX में सीधे निवेश कर सकेंगे, हालांकि RBI की LRS सीमा ($2.5 लाख/वर्ष) और 20% TCS के नियम लागू रहेंगे। इंडस्ट्री के लिहाज़ से देखें तो SpaceX की लिस्टिंग ग्लोबल स्पेस-टेक वैल्यूएशन का नया बेंचमार्क तय करेगी — जिसका सीधा असर Skyroot और Agnikul जैसे भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स की अगली फंडिंग राउंड की प्राइसिंग पर दिख सकता है। विश्लेषकों के अनुसार बड़ी अमेरिकी टेक लिस्टिंग्स से ग्लोबल लिक्विडिटी का रुख़ भी बदलता है, जो भारतीय बाज़ारों में FII फ्लो को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या? (Outlook)
अगले 30-90 दिनों के तीन ट्रिगर साफ़ हैं। पहला — 12 जून का लिस्टिंग डे: पहला भाव और पहले हफ़्ते की वोलैटिलिटी बताएगी कि $1.75 ट्रिलियन टिकता है या नहीं। दूसरा — OpenAI की सितंबर लिस्टिंग की तैयारी: SpaceX का प्रदर्शन उसकी प्राइसिंग सीधे प्रभावित करेगा। तीसरा — लॉक-अप और flipping नियम: ब्रोकरों ने शुरुआती शेयर बेचने वालों पर पाबंदी की चेतावनी दी है, जिससे शुरुआती सप्लाई सीमित रह सकती है। ट्रिलियन-डॉलर प्राइवेट कंपनियों का पब्लिक मार्केट युग कल सुबह से शुरू हो रहा है।
स्रोत: CNBC, Bloomberg, CoinDesk, The Motley Fool, 24/7 Wall St., Stocktwits (11 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





