TCS Infosys Wipro Google Microsoft Deloitte Accenture LTIMindtree Cognizant Meta Amazon IBM

---Advertisement---

Innefu Labs ने जुटाए $30 मिलियन, भारत की सॉवरेन AI सुरक्षा को बल

On: June 9, 2026 1:31 AM
Follow Us:
Innefu Labs Series B sovereign AI security - IT Samachar
---Advertisement---

नई दिल्ली, 5 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): नेशनल-सिक्योरिटी AI स्टार्टअप Innefu Labs ने Panthera Growth Partners की अगुवाई में $30 मिलियन (क़रीब ₹286 करोड़) का Series B राउंड जुटाया है, जिससे कंपनी अपनी sovereign AI क्षमताओं को मज़बूत कर, विदेशी विस्तार और संभावित IPO की तैयारी करेगी।

यह राउंड ऐसे समय आया है जब भारत ‘आत्मनिर्भर’ रक्षा और साइबर-सुरक्षा तकनीक पर ज़ोर दे रहा है। Innefu का दावा है कि वह देश की उन गिनी-चुनी कंपनियों में है जो रक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों के लिए स्वदेशी, AI-आधारित सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म बनाती है।

डील की मुख्य बातें

$30 मिलियन के इस राउंड में primary और secondary दोनों तरह के ट्रांज़ैक्शन शामिल हैं। 2010 में Tarun Wig और Abhishek Sharma द्वारा नई दिल्ली में स्थापित Innefu Labs रक्षा, ख़ुफ़िया, क़ानून-प्रवर्तन और revenue intelligence एजेंसियों के लिए AI प्लेटफ़ॉर्म बनाती है। कंपनी की मौजूदगी भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैली है।

राउंड में primary निवेश का मतलब है कंपनी में नई पूँजी आना, जबकि secondary हिस्से में पुराने शेयरधारक अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचते हैं। इस मिले-जुले ढाँचे से कंपनी को विस्तार के लिए ताज़ा पैसा भी मिलता है और शुरुआती निवेशकों को आंशिक रिटर्न का रास्ता भी, जो IPO से पहले अक्सर देखा जाता है।

पैसा कहाँ लगेगा

कंपनी के मुताबिक़ नई पूँजी sovereign AI में R&D को तेज़ करने, विदेशी परिचालन बढ़ाने और agentic AI तथा robotics में नई क्षमताएँ बनाने में लगेगी। Innefu एक अलग Physical AI (रोबोटिक्स) विंग भी बनाएगी और संवेदनशील, high-trust माहौल के लिए सुरक्षित, domain-specific large language models विकसित करेगी।

संस्थापक और निवेशक की राय

Innefu Labs के सह-संस्थापक और CEO Tarun Wig ने कंपनी की मूल सोच दोहराई।

“When we started Innefu, our vision was clear: India should never have to depend on external technologies to secure its people, its institutions, or its digital future.” — Tarun Wig, Co-Founder & CEO, Innefu Labs

निवेश की वजह बताते हुए Panthera Growth Partners की संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर Shilpa Kulkarni ने कंपनी की स्वामित्व-आधारित तकनीक और ट्रैक रिकॉर्ड को अहम बताया।

“Innefu has built native, AI-powered software that solves critical challenges in national defence and enterprise security infrastructure.” — Shilpa Kulkarni, Founder & Managing Partner, Panthera Growth Partners

Innefu का सफ़र: स्टार्टअप से राष्ट्रीय सुरक्षा तक

2010 में दो इंजीनियरों Tarun Wig और Abhishek Sharma ने Innefu Labs की नींव रखी, उस समय जब भारत में साइबर-सुरक्षा को अभी एक गंभीर इंडस्ट्री के तौर पर नहीं देखा जाता था। शुरुआती सालों में कंपनी ने authentication और data analytics पर काम किया और धीरे-धीरे रक्षा व ख़ुफ़िया एजेंसियों के बीच भरोसा बनाया। आज इसके प्लेटफ़ॉर्म चेहरा पहचान, बड़े डेटा का विश्लेषण और ख़तरे की पहचान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी ख़ुद को “national security AI” श्रेणी में रखती है — एक ऐसा क्षेत्र जहाँ डेटा का देश के भीतर रहना और तकनीक पर स्वदेशी नियंत्रण सबसे अहम होता है। यही “sovereign AI” का विचार Innefu की पूरी रणनीति का केंद्र है।

विदेशी तकनीक पर निर्भरता घटाने की यह सोच भारत सरकार के “आत्मनिर्भर भारत” और स्वदेशी रक्षा-तकनीक पर ज़ोर के साथ मेल खाती है, जिससे इस तरह की कंपनियों के लिए घरेलू बाज़ार और भी अहम हो जाता है।

भारतीय स्टार्टअप परिदृश्य में मायने

2026 में भारतीय AI स्टार्टअप्स में निवेश तेज़ हुआ है और देश वैश्विक AI निवेश के शीर्ष ठिकानों में गिना जा रहा है। इस माहौल में Innefu का राउंड दिखाता है कि निवेशक अब सिर्फ़ कंज़्यूमर AI नहीं, बल्कि रक्षा और राष्ट्रीय-सुरक्षा जैसी deep-tech, high-trust श्रेणियों में भी पैसा लगा रहे हैं। हाल के हफ़्तों में FirstClub ($55M) और Simple Energy जैसे सौदों के साथ भारतीय फ़ंडिंग में रिबाउंड दिखा है, और Innefu उसी रुझान का हिस्सा है।

रक्षा और ख़ुफ़िया क्षेत्र में स्वदेशी AI का महत्व इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि संवेदनशील डेटा को विदेशी क्लाउड या मॉडल पर भेजना सुरक्षा और संप्रभुता दोनों लिहाज़ से जोखिम भरा माना जाता है। दुनिया भर की सरकारें अब “sovereign AI” — यानी देश के भीतर नियंत्रित AI बुनियादी ढाँचे — पर ज़ोर दे रही हैं। Innefu का यह राउंड इसी वैश्विक रुझान के साथ भारत को जोड़ता है और घरेलू deep-tech कंपनियों के लिए एक बड़ा संकेत है कि इस श्रेणी में धैर्यवान, दीर्घकालिक पूँजी उपलब्ध है।

Aage kya?

अगले 30-90 दिनों में देखने लायक़ तीन चीज़ें — Innefu के Physical AI/रोबोटिक्स विंग की औपचारिक शुरुआत और शुरुआती प्रोडक्ट; मध्य-पूर्व व दक्षिण-पूर्व एशिया में नए सरकारी या एंटरप्राइज़ अनुबंध; और कंपनी की IPO टाइमलाइन पर कोई ठोस संकेत, जिसका इशारा फ़ंडिंग घोषणा में दिया गया है।

स्रोत: BusinessToday, YourStory, Entrepreneur India, CIOL, The420.in, SiliconIndia (5 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

इसे भी पढ़ें: TrueFan AI ने जुटाए $10 मिलियन

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment