गुरुग्राम, 8 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): गुरुग्राम की एंटरप्राइज़ AI वीडियो कंपनी TrueFan AI ने $10 मिलियन (लगभग ₹85 करोड़) की Series A फंडिंग जुटाई है, जिसकी अगुवाई Baring Private Equity Partners India और Z3Partners ने की। राउंड में IAN Alpha Fund और 3Lines Venture Capital भी शामिल हुए, और पूँजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय विस्तार व AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होगा।
यह डील भारत में एक नई परत — एंटरप्राइज़ वीडियो इन्फ्रास्ट्रक्चर — के तेज़ी से बनने का संकेत है। TrueFan AI का दावा है कि उसने वीडियो प्रोडक्शन की मार्जिनल लागत लगभग शून्य तक ला दी है, जिससे बैंकिंग से लेकर हेल्थकेयर तक कंपनियाँ शूट के बिना ऑन-डिमांड वीडियो बना पा रही हैं।
क्या करती है TrueFan AI
2020 में शुरू हुई कंपनी पहले सेलिब्रिटी फ़ैन-एंगेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म थी, जो अब एंटरप्राइज़ AI वीडियो जनरेशन की ओर मुड़ चुकी है। इसका फ़ाउंडेशनल AI मॉडल बड़ी कंपनियों को स्केल पर वीडियो बनाने देता है — प्लेटफ़ॉर्म 175+ भाषाओं में 5 लाख वीडियो प्रति मिनट तक जनरेट कर सकता है और CRM, WhatsApp व RCS से जुड़कर डिस्ट्रिब्यूशन करता है। कंपनी अब तक 150 से ज़्यादा सेलिब्रिटीज़ के AI अवतार बना चुकी है, जिनमें कई बड़े ब्रांड एम्बेसडर शामिल हैं।
कंपनी का सबसे बड़ा यूज़-केस ब्रांड एम्बेसडर और बिज़नेस लीडर्स के AI अवतार बनाना है, जिनका समय सीमित होता है। एक 5 मिनट की रिकॉर्डिंग को बिना दोबारा शूट किए हज़ारों कॉन्टेक्स्ट वीडियो में ढाला जा सकता है — यानी एक रिकॉर्डिंग से 100 गुना ज़्यादा वीडियो कंटेंट। इससे डीलर-डिस्ट्रिब्यूटर नेटवर्क, कस्टमर-लाइफ़साइकल और लोकलाइज़्ड मार्केटिंग के लिए बेहद पर्सनलाइज़्ड वीडियो तैयार होते हैं।
निवेशक और कंपनी क्या बोले
कंपनी का तर्क है कि AI ने वीडियो बनाने का अर्थशास्त्र ही बदल दिया है।
“AI ने वीडियो निर्माण का अर्थशास्त्र मौलिक रूप से बदल दिया है। यह तय है कि वीडियो जनरेशन ईमेल टाइप करने जितना आसान हो जाएगा।” — Nimish Goel, को-फ़ाउंडर और CEO, TrueFan AI
निवेशकों ने कंपनी की एंटरप्राइज़ पकड़ को भरोसे की वजह बताया।
“जिस चीज़ ने हमें भरोसा दिया, वह एंटरप्राइज़ ग्राहकों से लगातार मिला फ़ीडबैक था — प्लेटफ़ॉर्म भारत की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के वर्कफ़्लो में गहराई से बस चुका है।” — Arul Mehra, पार्टनर, Baring Private Equity Partners India
IAN Alpha फ़ंड की मैनेजिंग पार्टनर Sarika Saxena के अनुसार, “175+ भाषाओं में ग्लोबल पीयर्स जैसी क्वालिटी उनकी लागत के एक अंश पर देना ही TrueFan को दुर्लभ बनाता है — पुणे और कोयंबटूर का ग्राहक अपनी भाषा में बात किए जाने की उम्मीद रखता है।”
नंबर जो कहानी कहते हैं
TrueFan AI एक साल में 50 लाख से बढ़कर 2 करोड़ से ज़्यादा वीडियो सालाना पर पहुँची है और पिछले 20 महीनों में 11 गुना रेवेन्यू ग्रोथ का दावा करती है। इसके 100 से अधिक एंटरप्राइज़ ग्राहकों में Bajaj Finance, Zomato, HDFC Bank, Axis Max Life Insurance, Cipla, BharatPe और Goibibo जैसे नाम हैं, जो BFSI, हेल्थकेयर, कंज़्यूमर गुड्स और मीडिया तक फैले हैं। कंपनी इस साल 5 करोड़ वीडियो तक पहुँचने की राह पर है।
ग्लोबल मुक़ाबला और भारत का दांव
AI वीडियो श्रेणी वैश्विक स्तर पर भी तेज़ी से बढ़ रही है। Synthesia और HeyGen जैसे प्लेटफ़ॉर्म कथित तौर पर $100 मिलियन ARR पार कर चुके हैं, और HeyGen पर 10 करोड़ से ज़्यादा वीडियो बनने की बात कही गई है। Z3Partners के संस्थापक Gautam Patel के अनुसार TrueFan ग्लोबल पीयर्स की गुणवत्ता को उनकी लागत के एक अंश पर दे रही है। हालाँकि सेलिब्रिटी AI अवतार और लाइकनेस के इस्तेमाल पर सहमति व नैतिकता के सवाल इस पूरी श्रेणी के सामने बने रहेंगे — एक पहलू जिस पर भारतीय रेगुलेटर भी नज़र रखेंगे। यह भी पढ़ें: भारतीय AI स्टार्टअप्स की रिकॉर्ड फंडिंग।
टेक्स्ट से वीडियो की ओर शिफ्ट
निवेश के पीछे एक बड़ा बाज़ार-रुझान है — एंटरप्राइज़ कम्युनिकेशन टेक्स्ट से वीडियो-लेड होती जा रही है, पर अब तक बड़े पैमाने पर वीडियो बनाने का इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं था। बजट और इरादा दोनों थे, लेकिन प्रोडक्शन की अड़चनें वीडियो को डिफ़ॉल्ट चैनल बनने से रोकती रहीं। TrueFan का दावा है कि वह यही अंतर पाट रही है — एक रिकॉर्डिंग से कई भाषाओं में लोकलाइज़्ड वीडियो बनाकर डीलर नेटवर्क, सोशल मीडिया, TVC और लर्निंग-एंड-डेवलपमेंट तक पहुँच बनाना अब कुछ ही मिनटों का काम रह गया है। यही वजह है कि निवेशक इसे एक नई एंटरप्राइज़ “कैटेगरी” मान रहे हैं, सिर्फ़ एक टूल नहीं।
आगे क्या?
कंपनी अब रियल-टाइम AI वीडियो एजेंट्स बना रही है, जो कस्टमर सपोर्ट, सेल्स और ऑनबोर्डिंग में दो-तरफ़ा बातचीत कर सकें — कई एंटरप्राइज़ ग्राहकों के साथ इसका पायलट शुरू हो चुका है। दूसरा, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडल-ईस्ट और अमेरिका से आ रही इनबाउंड माँग पर अंतरराष्ट्रीय विस्तार होगा। तीसरा, देखना होगा कि कंपनी 50 लाख से 5 करोड़ वीडियो के लक्ष्य तक मार्जिन और क्वालिटी कैसे संभालती है।
स्रोत: StartupTalky, Business Standard, Analytics India Magazine, Indian Startup News, MediaNews4u (4 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





