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चीन AI डेटा सेंटर: $295 अरब का प्लान, Nvidia बाहर

On: June 10, 2026 6:24 AM
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चीन AI डेटा सेंटर - IT Samachar
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बीजिंग, 9 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): चीन अगले पाँच साल में देशव्यापी AI डेटा सेंटर नेटवर्क पर क़रीब 2 लाख करोड़ युआन ($295 अरब) ख़र्च करने की तैयारी में है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस योजना में इस्तेमाल होने वाली कम से कम 80% टेक्नोलॉजी — AI चिप समेत — Huawei जैसी घरेलू कंपनियों से आएगी, जिससे Nvidia और AMD इस विशाल बाज़ार से लगभग बाहर हो जाएँगे।

यह सिर्फ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर ख़र्च नहीं, बल्कि अमेरिका-चीन टेक टकराव का अगला मोर्चा है। बीजिंग एक ऐसा कंप्यूटिंग ढाँचा खड़ा करना चाहता है जो विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता ख़त्म कर दे — और इसका सीधा असर वैश्विक चिप सप्लाई चेन और भारत जैसे देशों की AI रणनीति पर पड़ेगा।

योजना का खाका

चीन की शीर्ष नियोजन एजेंसी National Development and Reform Commission (NDRC) इसका ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है, जिसमें पूरे देश में आपस में जुड़े कंप्यूटिंग हब बनाए जाएँगे। इनमें से अधिकांश डेटा सेंटर सरकारी कंपनियाँ — China Mobile और China Telecom — चलाएँगी और इनके बीच कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी।

फंडिंग मुख्य रूप से अल्ट्रा-लॉन्ग-टर्म सरकारी बॉन्ड और राज्य निवेश फंड से आएगी, जिसमें बैंक लोन और निजी पूँजी की मदद भी ली जाएगी। यह पूरी कवायद चीन के “Six Networks” कार्यक्रम का हिस्सा है। 2028 तक बिखरे हुए डेटा सेंटरों को एक एकीकृत नेटवर्क में जोड़ने की योजना है, और बिजली ढाँचे को मिलाकर कुल निवेश 5 लाख करोड़ युआन तक पहुँच सकता है। इस योजना के तहत चीन की AI इंडस्ट्री का कुल आकार 10 लाख करोड़ युआन से ऊपर जाने का लक्ष्य है।

Nvidia की जगह घरेलू चिप

सबसे अहम पहलू है घरेलू हार्डवेयर पर ज़ोर। Bloomberg के अनुसार हाल ही में Huawei, Alibaba और Shanghai Biren Technology समेत नौ चीनी AI चिप एक सरकारी सुरक्षा समीक्षा में पास हुए हैं, जिससे इन्हें सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में इस्तेमाल का रास्ता साफ़ हो गया है।

Forrester Research के प्रिंसिपल एनालिस्ट Charlie Dai के मुताबिक़, एक एकीकृत कंप्यूटिंग नेटवर्क बिखरे हुए क्षेत्रीय संसाधनों को एक साथ लाएगा और “policy alignment, capital mobilization” यानी नीतिगत तालमेल और पूँजी जुटाने को सुनिश्चित करेगा। वहीं Bloomberg Intelligence के आकलन के अनुसार इस योजना का सबसे बड़ा फ़ायदा किसी एक निजी कंपनी को नहीं, बल्कि व्यापक अर्थव्यवस्था को होगा — और घरेलू सप्लायर्स में Huawei को सबसे ज़्यादा लाभ मिलेगा।

पृष्ठभूमि: चिप जंग तेज़

यह क़दम ऐसे समय आया है जब Taiwan पहली बार चीन को AI चिप तस्करी को आपराधिक अपराध बनाने पर विचार कर रहा है। अभी ताइवान से चीन को अनधिकृत चिप निर्यात अपराध नहीं है, और अधिकारी केवल दस्तावेज़ जालसाज़ी जैसे आरोप लगा पाते हैं। अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के बीच ताइपे अब एक तय कंप्यूटिंग-पावर सीमा से ऊपर के सभी चीनी ग्राहकों पर रोक का विकल्प देख रहा है।

तुलना के लिए, Meta और Microsoft जैसी अमेरिकी टेक कंपनियाँ अकेले 2026 में क़रीब $725 अरब का AI ख़र्च करने की योजना बना रही हैं। चीनी डेटा सेंटर कम मज़दूरी और निर्माण लागत के चलते सस्ते पड़ते हैं, और 2 लाख करोड़ युआन के इस आँकड़े में Alibaba व Tencent जैसी कंपनियों का निजी ख़र्च शामिल नहीं है।

विश्लेषकों का यह भी मानना है कि “Six Networks” कार्यक्रम केवल कंप्यूटिंग तक सीमित नहीं है — इसमें पानी, बिजली और दूरसंचार जैसे बुनियादी ढाँचे भी शामिल हैं, और AI डेटा सेंटर इसका सबसे महँगा हिस्सा हैं। चीन की रणनीति साफ़ है: कंप्यूटिंग क्षमता को एक राष्ट्रीय संसाधन की तरह देखना, जैसे बिजली ग्रिड। यही वजह है कि इसे चलाने की ज़िम्मेदारी निजी टेक कंपनियों के बजाय सरकारी टेलीकॉम दिग्गजों को दी जा रही है।

भारत के लिए मायने

भारत की AI इन्फ्रास्ट्रक्चर रणनीति चीन से उलट है। जहाँ बीजिंग घरेलू चिप पर दाँव लगा रहा है, वहीं भारत में Reliance के ₹1.6 लाख करोड़ निवेश और IndiaAI Mission जैसे प्रोजेक्ट काफ़ी हद तक Nvidia के GPU और वैश्विक सप्लायर्स पर निर्भर हैं। चीन के इस क़दम से Nvidia का चीनी बाज़ार सिकुड़ेगा, जिससे कंपनी का फ़ोकस और सप्लाई भारत व अन्य बाज़ारों की ओर शिफ़्ट हो सकती है — जो भारतीय डेटा सेंटर कंपनियों के लिए संभावित अवसर है। साथ ही यह भारत के लिए एक चेतावनी भी है कि घरेलू सेमीकंडक्टर क्षमता के बिना AI आत्मनिर्भरता अधूरी रहेगी।

आगे क्या?

अगले कुछ महीनों में तीन चीज़ें अहम होंगी। पहला — NDRC का अंतिम ब्लूप्रिंट कब और किस रूप में सामने आता है। दूसरा — ताइवान का चिप-तस्करी क़ानून, जो वैश्विक सप्लाई चेन को और कसेगा। तीसरा — भारत की प्रतिक्रिया, ख़ासकर India Semiconductor Mission 2.0 और घरेलू फ़ैब्स की रफ़्तार। AI के इस इन्फ्रास्ट्रक्चर युद्ध में अब पैमाना देश-स्तर का हो चुका है।

स्रोत: Bloomberg, The Decoder, Quartz, The Next Web, Silicon Republic, Yahoo Finance (9 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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