दुनिया की बड़ी क्लाउड सेवा प्रदाताओं में से एक IBM Cloud को गुरुवार, 7 मई 2026 की सुबह बड़े आउटेज का सामना करना पड़ा। नीदरलैंड्स के Amsterdam के पास स्थित कंपनी का AMS3 डेटासेंटर लगभग 4 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। वजह बनी पास के NorthC डेटासेंटर में लगी आग।
क्या हुआ था उस सुबह?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आउटेज सुबह करीब 07:15 UTC से शुरू हुआ और दोपहर 12:00 UTC के आसपास तक चला। मॉनिटरिंग सर्विस StatusGator पर कम से कम 10 यूज़र्स ने IBM Cloud को “service down” फ्लैग किया। Downdetector पर भी इसी समय रिपोर्ट्स की बाढ़ आ गई।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे समय IBM Cloud का अपना आधिकारिक status page बिल्कुल साफ दिखा रहा था — कोई भी issue रिपोर्ट नहीं किया गया था। यानी ग्राहकों को outage की जानकारी third-party tools से लेनी पड़ी।
ग्राहकों के लिए मुश्किल समय
एंटरप्राइज़ क्लाइंट्स के लिए स्थिति और भी कठिन थी। Severity 1 (Sev 1) tickets घंटों तक बिना जवाब के पड़े रहे। एक यूज़र ने बताया कि जानकारी तब मिली जब उन्होंने सीधे अपने account manager से संपर्क किया। मिशन-क्रिटिकल वर्कलोड चलाने वाली कंपनियों के लिए यह एक बड़ी service-level चूक मानी जा रही है।
IBM ने क्या कहा?
IBM ने पुष्टि की है कि Amsterdam के एक डेटासेंटर में आग लगी थी, इमारत खाली करवा ली गई है, और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। आग बुझाने के लिए Amsterdam और Schiphol से दमकल की यूनिट्स पहुंचीं। यह डेटासेंटर असल में Almere स्थित NorthC का है, जिसे IBM समेत कई बड़ी कंपनियां इस्तेमाल करती हैं। कंपनी का कहना है कि वे आपातकालीन सेवाओं और प्रभावित ग्राहकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे incidents
यह IBM Cloud का पहला बड़ा outage नहीं है। पिछले साल मई, जून और सितंबर में भी Sev 1 incidents हुए थे, जिनमें यूज़र्स लॉगिन तक नहीं कर पा रहे थे। सितंबर में कंपनी ने अपने Basic Support tier यूज़र्स से portal या API से ticket खोलने की सुविधा भी वापस ले ली थी — अब उन्हें Cloud Console से self-report करना पड़ता है।
क्या सीख मिलती है?
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि single-region cloud deployment एंटरप्राइज़ के लिए कितना जोखिम भरा हो सकता है। आज के समय में multi-region failover और disaster recovery (DR) प्लान सिर्फ best practice नहीं, बल्कि बुनियादी ज़रूरत बन चुके हैं। साथ ही, status page पर भरोसा करने के बजाय third-party monitoring जैसे StatusGator या Downdetector को भी अपने ops dashboard में जोड़ना चाहिए।





