जामनगर, 24 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): Reliance Industries गुजरात के जामनगर में गीगावॉट-स्केल, AI-ready data center खड़ा कर रही है। कंपनी की योजना 2026 की दूसरी छमाही में पहली 120 मेगावॉट (MW) AI compute क्षमता चालू करने की है, जो उसके $110 बिलियन के बहु-वर्षीय AI इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश का हिस्सा है।
यह भारत के लिए अहम है क्योंकि देश अब तक AI के लिए ज़रूरी compute क्षमता में पीछे रहा है। जामनगर का यह केंद्र अगर तय रफ़्तार से बढ़ा, तो यह घरेलू AI मॉडल और enterprise workloads के लिए बड़ी क्षमता खोल सकता है, और भारत की विदेशी data center पर निर्भरता घटा सकता है।
क्या-क्या बन रहा है
DataCenterDynamics और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार जामनगर में multi-gigawatt data center प्रोजेक्ट पर निर्माण शुरू हो चुका है, और शुरुआती 120 MW क्षमता इस साल की दूसरी छमाही में चालू होगी। कुछ रिपोर्ट्स इस परिसर के अंततः 3 गीगावॉट (GW) तक पहुँचने का अनुमान देती हैं — जो इसे दुनिया के सबसे बड़े AI data center परिसरों में से एक बना सकता है। फ़रवरी 2026 में Reliance ने अगले सात वर्षों में AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर $110 बिलियन निवेश की योजना का ख़ुलासा किया था, जिसका मक़सद देशभर में AI-ready सुविधाएँ और advanced computing क्षमता खड़ी करना है।
Meta के साथ साझेदारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ Reliance और Meta मिलकर जामनगर में एक AI-enabled data center विकसित कर रहे हैं, जिसकी शुरुआती क्षमता क़रीब 168 MW बताई गई है और जो Meta की वैश्विक AI computing ज़रूरतों को सहारा देगा। Reliance के लिए यह उसकी green energy क्षमता को AI compute से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। यह साझेदारी इस बात का संकेत है कि वैश्विक tech दिग्गज भारत को सिर्फ़ बाज़ार नहीं, बल्कि compute हब के तौर पर भी देखने लगे हैं।
नेतृत्व ने क्या कहा
मुकेश अंबानी, चेयरमैन, Reliance Industries ने कहा, “हम जामनगर में gigawatt-scale, AI-ready data center स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, जो पूरी तरह Reliance की green energy से चलेंगे — यह हमारी sustainability और हरित भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।” Jio चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि Reliance Intelligence साल के अंत तक जामनगर data center में पहली 120 MW AI compute क्षमता चालू कर देगी। हरित ऊर्जा से चलने का दावा इस प्रोजेक्ट को बिजली-गहन AI उद्योग में अलग खड़ा करता है।
मुख्य तथ्य
स्थान: जामनगर, गुजरात | शुरुआती क्षमता: 120 MW (2026 दूसरी छमाही) | Meta साझेदारी: ≈168 MW | अंतिम लक्ष्य: 3 GW तक (रिपोर्ट्स अनुसार) | कुल AI निवेश योजना: $110 बिलियन / 7 वर्ष | ऊर्जा: Reliance green energy।
भारत के data center बाज़ार पर असर
भारत में AI-ready capacity की होड़ तेज़ है — Reliance के अलावा अडानी और कई वैश्विक hyperscaler भी निवेश कर रहे हैं। green energy से चलने वाला यह केंद्र अगर सस्ती और स्थिर compute देता है, तो Sarvam जैसे घरेलू AI डेवलपर्स और enterprises के लिए मॉडल training व inference की लागत घट सकती है। ऊँची GPU व बिजली लागत अब तक भारतीय AI के विस्तार में बड़ी अड़चन रही है, और घरेलू compute क्षमता बढ़ने से कई स्टार्टअप्स को राहत मिल सकती है।
आगे क्या?
अगले 30-90 दिनों में तीन बातें देखने लायक: एक, क्या पहली 120 MW क्षमता तय समयसीमा में चालू होती है; दो, Meta के साथ साझेदारी का अंतिम ढाँचा और क्षमता आँकड़े; और तीन, इस केंद्र के लिए कौन-से AI चिप व GPU चुने जाते हैं। साथ ही, हरित ऊर्जा आपूर्ति और कूलिंग जैसी इंजीनियरिंग चुनौतियों पर भी प्रगति देखने लायक रहेगी।
पृष्ठभूमि: Reliance का AI दांव
Reliance का यह क़दम अचानक नहीं आया। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी Jio के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, telecom और अब AI को एक साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। फ़रवरी 2026 में घोषित $110 बिलियन की योजना के तहत कंपनी देशभर में AI-ready सुविधाएँ, नेटवर्क और advanced computing क्षमता खड़ी करना चाहती है। जामनगर, जो पहले से Reliance के रिफ़ाइनरी और ऊर्जा कारोबार का गढ़ है, अब हरित ऊर्जा और AI compute के संगम का केंद्र बनता दिख रहा है। कंपनी की दलील है कि अपनी green energy क्षमता को साथ रखने से बिजली-गहन AI workloads की लागत और कार्बन फ़ुटप्रिंट, दोनों क़ाबू में रहेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत में AI मांग — चाहे वह उपभोक्ता ऐप्स हों या enterprise automation — तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू compute क्षमता उस रफ़्तार से नहीं बढ़ी। अगर जामनगर जैसी बड़ी सुविधाएँ समय पर चालू होती हैं, तो यह अंतर पाटने में मदद मिल सकती है। हालाँकि कूलिंग, पानी की उपलब्धता और हरित बिजली की निरंतर आपूर्ति जैसी इंजीनियरिंग चुनौतियाँ अब भी बड़ी बनी हुई हैं।
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स्रोत: DataCenterDynamics, TechCrunch, LightReading, LatestLY, TechGenyz (फ़रवरी-जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





