बेंगलुरु, 5 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): Flipkart के पूर्व सीनियर VP Ayyappan R के quick-commerce स्टार्टअप FirstClub ने $55 मिलियन (क़रीब ₹512 करोड़) का Series B राउंड जुटाया है, जिसकी अगुवाई Peak XV Partners और बेल्जियम की Sofina ने की। डील के बाद कंपनी की वैल्यूएशन $255 मिलियन पहुंच गई — सितंबर 2025 के $120 मिलियन से सिर्फ़ 9 महीने में दोगुनी से ज़्यादा।
जिस बाज़ार में Blinkit, Instamart और Zepto 10-मिनट डिलीवरी की होड़ में हैं, वहां एक स्टार्टअप का “speed नहीं, quality” pitch पर निवेशकों से इतनी तेज़ re-rating पाना भारतीय quick-commerce की दिशा बदलने का संकेत माना जा रहा है। ICICI Securities की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत का quick-commerce बाज़ार FY25 के $6.2 अरब से बढ़कर FY26 में $11-12 अरब होने का अनुमान है।
राउंड की पूरी तस्वीर
TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा निवेशक Accel, RTP Global और Paramark Ventures ने भी राउंड में हिस्सा लिया। ताज़ा राउंड मिलाकर FirstClub अब तक कुल $86 मिलियन जुटा चुकी है — दिसंबर 2024 में $8 मिलियन का seed राउंड, सितंबर 2025 में $23 मिलियन का Series A (Accel और RTP Global की अगुवाई में), और अब यह Series B। नई पूंजी नए शहरों में विस्तार, beauty & personal care, home essentials और pet care जैसी नई कैटेगरी, और technology व supply chain मज़बूत करने में लगेगी।
एक साल में 10 लाख ऑर्डर, $50M GMV रन-रेट
सितंबर 2024 में शुरू हुई FirstClub अभी बेंगलुरु में 21 स्टोर और हैदराबाद में 3 लोकेशन से चलती है, और सीधे क़रीब 220 लोगों को रोज़गार देती है। कंपनी का दावा है कि launch के पहले साल में ही उसने 10 लाख ऑर्डर पार किए और 1.7 लाख households तक पहुंची। Ayyappan ने TechCrunch को बताया कि कंपनी क़रीब $50 मिलियन के annualized GMV पर चल रही है — ग्राहक महीने में औसतन 4+ ऑर्डर करते हैं और हर ऑर्डर पर क़रीब ₹1,200 खर्च करते हैं।
प्लेटफ़ॉर्म पर सिर्फ़ क़रीब 4,000 प्रोडक्ट हैं — आम quick-commerce ऐप के मुक़ाबले एक-तिहाई। फल sweetness के लिए स्क्रीन होते हैं, सब्ज़ियां दाग़-धब्बों के लिए जांची जाती हैं, और दूध, आटा, पनीर व दालों जैसे स्टेपल्स की लैब-टेस्टिंग होती है। कंपनी के मुताबिक़ 60% से ज़्यादा ग्राहक women-led households हैं, और प्याज़-टमाटर के बजाय avocado, persimmon और Modi apples उसके टॉप-सेलर्स में हैं।
संस्थापक और निवेशक की ज़ुबानी
“For our customers, quality comes first — not just speed.” — Ayyappan R, Founder & CEO, FirstClub (YourStory को दिए बयान में)
Ayyappan के मुताबिक़ कंपनी ने प्लेटफ़ॉर्म पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स से 200 से ज़्यादा harmful ingredients बैन कर रखे हैं। Flipkart में सीनियर VP रहने के अलावा वे Cleartrip के CEO और Myntra के Chief Business Officer भी रह चुके हैं।
Peak XV के Managing Director GV Ravishankar ने निवेश की थीसिस यूं समझाई:
“The first wave of quick commerce was built for speed. FirstClub is building for trust.” — GV Ravishankar, Managing Director, Peak XV Partners
Ravishankar ने TechCrunch से कहा कि भारत में affluent, health-conscious उपभोक्ताओं की एक बड़ी जमात उभर रही है जो बेहतर quality के लिए premium देने को तैयार है — ठीक वैसे ही जैसे developed markets में premium grocery चेन उभरी थीं।
कैसे यहां पहुंची FirstClub
FirstClub का सफ़र निवेश के लिहाज़ से असामान्य रूप से तेज़ रहा है। दिसंबर 2024 में Accel और RTP Global से $8 मिलियन का seed राउंड, सितंबर 2025 में $120 मिलियन वैल्यूएशन पर $23 मिलियन का Series A, और उसके सिर्फ़ 8 महीने बाद यह Series B — Entrackr के मुताबिक़ हर राउंड के बीच कंपनी की operating metrics ने ही अगली re-rating की ज़मीन तैयार की। मॉडल भी बाक़ी quick-commerce से अलग है: FirstClub dark store के बजाय club-style स्टोर्स चलाती है, जहां ग्राहक चाहें तो ख़ुद आकर भी खरीदारी कर सकते हैं, और delivery का वादा “मिनटों” के बजाय quality consistency पर टिका है।
नई निवेशक Sofina भी इस कहानी में अहम संकेत है — बेल्जियम की यह सदी-पुरानी investment कंपनी भारतीय consumer बाज़ार में लंबी अवधि के दांव के लिए जानी जाती है। उसका आना बताता है कि patient capital अब भारतीय grocery-tech में speed की जगह durability वाली थीसिस पर पैसा लगा रहा है।
इंडस्ट्री के लिए संकेत
FirstClub की यह डील बताती है कि भारतीय retail अब one-size-fits-all नहीं रहा — price और convenience के साथ-साथ trust एक अलग purchase driver बन रहा है। बेंगलुरु का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैसे भी इस समय निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है — हाल में AI chip स्टार्टअप HrdWyr के $13 मिलियन Series A समेत शहर में लगातार बड़े राउंड बंद हो रहे हैं। D2C ब्रांड्स के विस्फोट के बीच एक “neutral quality curator” की पोज़िशनिंग FMCG कंपनियों और निवेशकों — दोनों के लिए नया प्लेबुक खोल सकती है।
आगे क्या?
अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ें देखने लायक होंगी। पहला, हैदराबाद के बाद FirstClub किस तीसरे शहर में उतरती है — कंपनी ने विस्तार के लिए ही यह राउंड जुटाया है। दूसरा, नई कैटेगरी (beauty, home essentials, pet care) की लॉन्चिंग और उनमें quality-first model कितना टिकता है। तीसरा, बड़े प्रतिद्वंद्वी — Blinkit, Zepto, Instamart — premium/curated सेगमेंट में जवाबी पेशकश लाते हैं या नहीं; अगर लाते हैं, तो FirstClub की moat की असली परीक्षा वहीं होगी।
स्रोत: TechCrunch, Entrackr, YourStory, Outlook Business, IndianWeb2 (4 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





