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UPI रिकॉर्ड: मई में 23.2 अरब लेनदेन, ₹29.9 लाख करोड़ वैल्यू

On: June 5, 2026 6:31 AM
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UPI रिकॉर्ड मई 2026 - 23.2 अरब ट्रांज़ैक्शन - IT Samachar
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नई दिल्ली, 5 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI ने मई 2026 में अब तक का सबसे बड़ा महीना दर्ज किया — 23.2 अरब ट्रांज़ैक्शन, कुल वैल्यू ₹29.9 लाख करोड़। National Payments Corporation of India (NPCI) के 1 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक़ यह रोज़ाना औसतन 73.77 करोड़ लेनदेन और ₹84,423 करोड़ की डेली वैल्यू है।

यह आंकड़ा सिर्फ़ एक record नहीं है — यह बताता है कि UPI अब सुविधा भर नहीं, भारत की डिजिटल economy का बुनियादी infrastructure बन चुका है। FY27 की शुरुआत में ही यह रफ़्तार fintech कंपनियों, बैंकों और merchant ecosystem के लिए अगली तिमाहियों का टोन सेट करती है।

आंकड़े क्या कहते हैं

NPCI डेटा के मुताबिक़ मई में UPI ने ठीक-ठीक 23,201.93 मिलियन ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए। StartupTalky की रिपोर्ट के अनुसार यह वॉल्यूम में सालाना 24% की बढ़त और वैल्यू में 19% की बढ़त है; पिछला record मार्च 2026 का 22.64 अरब ट्रांज़ैक्शन था। तुलना के लिए — दूसरे बड़े real-time सिस्टम IMPS ने इसी महीने सिर्फ़ 35.81 करोड़ ट्रांज़ैक्शन (क़रीब ₹6.96 लाख करोड़) दर्ज किए। यानी वॉल्यूम में UPI क़रीब 65 गुना आगे है।

असली आंकड़ा इससे भी बड़ा

दिलचस्प बात यह है कि headline नंबर भी पूरी तस्वीर नहीं दिखाते। NPCI ने साफ़ किया है कि published आंकड़ों में Credit Card on UPI और Credit Line on UPI के ट्रांज़ैक्शन शामिल नहीं हैं — इन्हें जोड़ने पर कुल usage और ऊपर निकल जाएगा। यह exclusion खुद इस बात का संकेत है कि UPI अब सिर्फ़ bank-account आधारित पेमेंट से आगे बढ़कर credit और lending ecosystem में पैर पसार रहा है।

“The May performance underscores UPI’s role as the backbone of India’s digital economy.” — ANI रिपोर्ट, 2 जून 2026

10 साल में टहलने की दूरी से दौड़ तक

संदर्भ के लिए पीछे मुड़कर देखना ज़रूरी है। NPCI ने UPI को अप्रैल 2016 में लॉन्च किया था — शुरुआती महीनों में पूरे सिस्टम पर लाखों ट्रांज़ैक्शन भी मुश्किल से होते थे। अक्टूबर 2019 में पहली बार महीने में 1 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार हुआ, अगस्त 2023 में 10 अरब का — और अब मई 2026 में 23 अरब से ऊपर। merchant payments पर zero-MDR नीति ने छोटे दुकानदारों के लिए acceptance का खर्च शून्य रखा, जिसने street-vendor से लेकर kirana स्टोर तक QR कोड पहुंचा दिया — हालांकि industry में MDR की वापसी की बहस समय-समय पर उठती रही है।

ग्रोथ के पीछे क्या है

अप्रैल से मई के बीच लगातार month-on-month बढ़त के पीछे तीन factor गिनाए जा रहे हैं — उपभोक्ता भरोसे में इज़ाफ़ा, merchant acceptance की गहराई, और UPI Lite व feature-phone यूज़र्स के लिए बने UPI solutions की बढ़ती पहुंच। छोटी-छोटी grocery खरीद से लेकर बड़े bill payments तक — UPI का real-time, low-cost infrastructure इसे default choice बना चुका है। RP-Sanjiv Goenka समूह की Open Magazine ने अपने विश्लेषण में लिखा:

“UPI has evolved into the primary infrastructure powering India’s digital economy.” — Open Magazine विश्लेषण, 2 जून 2026

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ UPI इस समय UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, मॉरीशस, श्रीलंका, फ्रांस और क़तर — कुल 8 देशों में live है, जिससे भारतीय traveller बिना currency-conversion के स्थानीय भुगतान कर पा रहे हैं।

इंडस्ट्री और IT सेक्टर के लिए मायने

PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे consumer apps इस वॉल्यूम का सबसे बड़ा हिस्सा संभालते हैं, और हर record महीने के साथ इन प्लेटफ़ॉर्म्स पर credit, insurance और wealth products की cross-sell संभावनाएं बढ़ती जाती हैं। बैंकों के लिए चुनौती दूसरी है — UPI switch और core-banking सिस्टम पर बढ़ता load, जिसके लिए ज़्यादातर बड़े बैंक अपने payment infrastructure का modernization कर रहे हैं।

रोज़ाना 70 करोड़ से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन बिना downtime संभालना अपने आप में एक engineering benchmark है — और यही स्केल भारतीय fintech व banking-tech टैलेंट की सबसे बड़ी training ground भी है। payment gateways, fraud-detection AI, reconciliation सिस्टम और UPI switch बनाने वाली कंपनियों के लिए हर नया record सीधी business pipeline है। enterprise-tech adoption की यही रफ़्तार दूसरे मोर्चों पर भी दिख रही है — भारतीय IT दिग्गज 3 लाख से ज़्यादा Copilot seats तैनात कर चुके हैं। NPCI की security, fraud-prevention और cross-border connectivity में जारी upgrade investments अगली ग्रोथ का आधार बनेंगे।

आगे क्या?

अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ों पर नज़र रखिए। पहला, जून-जुलाई के NPCI आंकड़े — क्या monsoon quarter में 24 अरब मासिक ट्रांज़ैक्शन का स्तर टूटता है। दूसरा, Credit Line on UPI के आंकड़ों की अलग रिपोर्टिंग — RBI और NPCI इस सेगमेंट पर जितनी transparency लाएंगे, fintech lending की असली तस्वीर उतनी साफ़ होगी। तीसरा, cross-border विस्तार — 8 देशों के बाद अगले corridor (ख़ासकर Gulf और ASEAN) के ऐलान, जो remittance बाज़ार के लिए game-changing साबित हो सकते हैं।

स्रोत: ANI, Open Magazine, StartupTalky, Asianet Newsable, NewsOrbiter (2 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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