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Exponent Energy फंडिंग: ₹200 करोड़, एनर्जी कंपनी बनने का दांव

On: June 11, 2026 6:24 AM
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Exponent Energy फंडिंग - IT Samachar
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बेंगलुरु, 11 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): कमर्शियल EV चार्जिंग कंपनी Exponent Energy ने ₹200 करोड़ ($21.1 मिलियन) का Series B2 राउंड बंद किया है, जिसकी अगुवाई 360 ONE Asset और TDK Ventures ने की। 10 जून को घोषित डील के बाद कंपनी की कुल फंडिंग $65.7 मिलियन हो गई है।

यह राउंड सिर्फ़ पूंजी नहीं, पोज़िशनिंग की ख़बर है। छह साल पुरानी यह कंपनी ख़ुद को “चार्जिंग टेक स्टार्टअप” से “फुल-स्टैक एनर्जी कंपनी” में बदल रही है — बैटरी, चार्जर, सॉफ़्टवेयर और फ़ाइनेंसिंग एक ही छत के नीचे। भारत के कमर्शियल EV ट्रांज़िशन में एनर्जी-इन्फ्रा का यह मॉडल कितना स्केल करता है, यही अगले दो साल की कहानी होगी।

राउंड में कौन-कौन: दो निवेशकों की पहली एंट्री

EVreporter के मुताबिक़ यह 360 ONE Asset का EV सेक्टर में पहला निवेश है, और Hitachi Ventures का भारत के एनर्जी सेक्टर में पहला दांव। मौजूदा निवेशक Eight Roads Ventures, Lightspeed, 3one4 Capital और AdvantEdge VC ने भी हिस्सा लिया, जबकि पहले संस्थागत निवेशक YourNest ने Continuum Fund से अतिरिक्त $4 मिलियन लगाए। Hero MotoCorp चेयरमैन पवन मुंजाल का फ़ैमिली ऑफ़िस पहले से कैप टेबल पर है।

“We are backing Exponent to become the leading energy platform for an electric-first India.” — सुमित जैन, Head of Venture Growth Investments, 360 ONE Asset

“एनर्जी टेक कंपनी से एनर्जी कंपनी तक”

फ़ाउंडर-CEO अरुण विनायक इस राउंड को कंपनी का inflexion point बताते हैं। Business Today को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अगले चरण को “Exponent 2.0” नाम दिया — पहले पांच साल कोर टेक्नोलॉजी साबित करने के थे, अब स्केल का दौर है।

“Exponent is going from an energy tech company to an energy company.” — अरुण विनायक, Founder & CEO, Exponent Energy (Business Today से)

कंपनी की तकनीक का दावा साफ़ है: लिथियम-आयन सेल पर 15 मिनट में फुल चार्ज और 3,000-साइकल वॉरंटी। एनर्जी स्टैक के तीन हिस्से हैं — बैटरी+चार्जर, फ़्लीट के लिए Exponent OTO प्लेटफ़ॉर्म, और इसी साल लॉन्च हुआ फ़ाइनेंसिंग-एसेट मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म Exponent One

रेट्रोफिट का दांव: ₹1.7 लाख बनाम ₹3.5 लाख

नई पूंजी से कंपनी नए शहरों और नई व्हीकल कैटेगरी में जाएगी — इसी साल बस चार्जिंग प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च होने वाला है। लेकिन विनायक के मुताबिक़ अप्रत्याशित ग्रोथ-लीवर रेट्रोफिटिंग निकला है: पुराने डीज़ल-पेट्रोल कमर्शियल वाहन को Exponent की तकनीक से इलेक्ट्रिक में बदलना। Business Today से बातचीत में उन्होंने बताया कि रेट्रोफिट की लागत क़रीब ₹1.7 लाख है, जबकि नया वाहन क़रीब ₹3.5 लाख का पड़ता है — आधे से भी कम capex में “ओवरनाइट” इलेक्ट्रिक ट्रांज़िशन।

TDK Ventures के इन्वेस्टमेंट डायरेक्टर रवि जैन ने फ़ॉलो-ऑन निवेश की वजह तकनीक से प्लेटफ़ॉर्म तक के सफ़र को बताया — उनके शब्दों में कंपनी “15-minute rapid-charging technology” से आगे बढ़कर फुल-स्टैक एनर्जी और एसेट मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म बन चुकी है। Hitachi Ventures के पार्टनर टोबियास यान का तर्क है कि बैटरी+चार्जिंग का प्रोप्राइटरी फुल-स्टैक ही कंपनी का moat है, और यहीं से recurring revenue की फ्लाईव्हील बनती है।

इंटरऑपरेबिलिटी बहस और भारतीय EV बाज़ार

दिलचस्प यह है कि जहां पूरी EV इंडस्ट्री ओपन चार्जिंग स्टैंडर्ड और इंटरऑपरेबिलिटी की तरफ़ बढ़ रही है, विनायक उल्टा तर्क देते हैं — भरोसेमंद rapid charging के लिए बैटरी और चार्जर का टाइट इंटीग्रेशन ज़रूरी है। कंपनी का दावा है कि उसका इकोसिस्टम इंटरऑपरेबल भी है: Exponent वाहन पब्लिक चार्जिंग और होम चार्जिंग भी इस्तेमाल कर सकते हैं। भारत के थ्री-व्हीलर और लाइट कमर्शियल सेगमेंट में जहां ड्राइवर के पास घर पर पार्किंग-चार्जिंग नहीं होती, वहां 15-मिनट का चार्ज TCO गणित बदल देता है। फ़िलहाल कंपनी मुख्य रूप से दो शहरों में सक्रिय है — यानी स्केल का असली इम्तिहान अभी बाक़ी है। AI का इस्तेमाल बैटरी मैनेजमेंट और चार्जिंग ऑप्टिमाइज़ेशन में बढ़ रहा है, और इन्फ्रा की यह लहर भारत में एनर्जी-इन्फ्रा निवेश की बड़ी कहानी से जुड़ती है।

बैकग्राउंड का बाज़ार भी अनुकूल है। EVreporter के आंकड़ों के मुताबिक़ जनवरी-मई 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर भारत के 2W बाज़ार का 8% से ज़्यादा हिस्सा ले चुके हैं, और केरल में 2W बिक्री में EV पेनेट्रेशन 19% तक पहुंच गया है। पैसेंजर और कार्गो थ्री-व्हीलर सेगमेंट — Exponent का मुख्य मैदान — में इलेक्ट्रिफ़िकेशन की रफ़्तार और भी तेज़ है, जहां Atul Auto जैसे OEM पहले से कंपनी के 15-मिनट चार्जिंग वाले e-3W डिप्लॉय कर रहे हैं।

आगे क्या?

तीन चीज़ों पर नज़र रखें। पहली, बस चार्जिंग प्लेटफ़ॉर्म की लॉन्च टाइमलाइन और पहला बड़ा फ़्लीट क्लाइंट — यह साल के अंत तक आना है। दूसरी, रेट्रोफिट वॉल्यूम: अगर ₹1.7 लाख वाला गणित टियर-2 शहरों में चला, तो यह कंपनी की सबसे तेज़ रेवेन्यू लाइन बन सकता है। तीसरी, IPO सिग्नल — विनायक ने Business Today से कहा कि लिस्टिंग “दिमाग़ में है” पर तारीख़ तय नहीं; अगला राउंड या प्री-IPO स्ट्रक्चरिंग दिशा साफ़ करेगी।

मुख्य तथ्य

  • राउंड: ₹200 करोड़ ($21.1M) Series B2; को-लीड: 360 ONE Asset, TDK Ventures
  • कुल फंडिंग: $65.7 मिलियन (2020 में स्थापना से अब तक)
  • तकनीक: 15-मिनट रैपिड चार्जिंग, 3,000-साइकल बैटरी वॉरंटी
  • नए मोर्चे: बस चार्जिंग, रेट्रोफिट (~₹1.7 लाख), Exponent One फ़ाइनेंसिंग

स्रोत: EVreporter, Business Today, Business Standard, Outlook Business, StartupTalky (11 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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