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Ethereal Machines फंडिंग: ₹272 करोड़ की Series B, CNC मेकर का बड़ा प्लान

On: June 13, 2026 1:26 AM
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Ethereal Machines फंडिंग - IT Samachar
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बेंगलुरु, 13 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): डीपटेक प्रिसिज़न मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप Ethereal Machines ने $28.5 मिलियन (क़रीब ₹272 करोड़) की Series B फंडिंग जुटाई है। राउंड की अगुवाई Avataar Ventures ने की, जिसमें मौजूदा निवेशक Peak XV Partners समेत अन्य निवेशकों ने हिस्सा लिया। Entrackr की 11 जून की रिपोर्ट के अनुसार यह डील पिछले राउंड के मुक़ाबले क़रीब 4 गुना वैल्यूएशन प्रीमियम पर हुई है।

यह फंडिंग ऐसे समय आई है जब ग्लोबल सप्लाई चेन China+1 के विकल्प तलाश रही हैं और भारत सेमीकंडक्टर से लेकर डिफेंस तक हाई-प्रिसिज़न मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता घर में खड़ी करने की कोशिश में है। प्रिसिज़न मशीन टूल्स के मामले में भारत आज भी बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है — Ethereal Machines इसी गैप को अपना सबसे बड़ा मौक़ा मानती है।

डील की डिटेल: Series A के दो साल बाद 4x प्रीमियम

कंपनी ने जून 2024 में $13 मिलियन का Series A राउंड जुटाया था; नया राउंड उसके क़रीब दो साल बाद आया है। Entrackr ने अप्रैल में ही रिपोर्ट किया था कि कंपनी 4x वैल्यूएशन प्रीमियम पर $28.5 मिलियन जुटाने की बातचीत कर रही है — वही डील अब पक्की हुई है। YourStory और Business Standard समेत कई प्रकाशनों ने राउंड की पुष्टि की है, हालांकि कंपनी ने सटीक वैल्यूएशन सार्वजनिक नहीं किया।

क्या बनाती है कंपनी: सब-10-माइक्रॉन सटीकता वाली CNC मशीनें

2014 में Kaushik Mudda और Navin Jain की बनाई यह बेंगलुरु की कंपनी प्रोप्राइटरी मल्टी-एक्सिस CNC मशीनें डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर करती है — यानी कंप्यूटर से नियंत्रित वे सिस्टम जो ड्रिल, लेथ और मिलिंग जैसे टूल्स को ऑटोमेट करते हैं। कंपनी के दो प्रमुख प्लेटफॉर्म हैं: Aura (3-axis) और Nimbus (5-axis), जो कंपनी के दावे के मुताबिक़ सब-10-माइक्रॉन सटीकता देते हैं।

मशीन बेचने के अलावा कंपनी Machining-as-a-Service (MaaS) मॉडल पर प्रिसिज़न कंपोनेंट भी बनाती है, जिसके ग्राहक एयरोस्पेस, डिफेंस, हेल्थकेयर, सेमीकंडक्टर और कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में हैं। बेंगलुरु के Peenya में कंपनी की फुली-ऑटोमेटेड स्मार्ट फैक्ट्री तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे चलती है।

फाउंडर और निवेशक क्या कह रहे हैं

“दुनिया ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में भरोसेमंद विकल्प तलाश रही है, और भारत के पास deep-tech मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने का once-in-a-generation मौक़ा है।” — Kaushik Mudda, Co-founder & CEO, Ethereal Machines

YourStory को दिए बयान में Avataar Ventures के Anirudh Singh ने कंपनी के फुल-स्टैक अप्रोच को निवेश की मुख्य वजह बताया।

“अपनी CNC मशीनें ख़ुद बनाकर उन्हें इंटेलिजेंट फैक्ट्री सॉफ्टवेयर से जोड़ने का इनका तरीक़ा इन्हें ग्लोबल कंपनियों की एक-छठाई लागत पर ऑपरेट करने देता है।” — Anirudh Singh, Avataar Ventures

पैसा कहां लगेगा: 3 लाख वर्ग फुट फैक्ट्री, देसी CNC कंट्रोलर

कंपनी के अनुसार नई पूंजी पांच जगह लगेगी। पहला, बेंगलुरु के बाहरी इलाक़े में 300,000 वर्ग फुट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी, जिसके लिए कर्नाटक सरकार से MoU साइन हो चुका है — कंपनी का दावा है कि यह प्लांट 2,000 से ज़्यादा नौकरियां पैदा करेगा और चीन के बाहर सबसे बड़ी ऑटोमेटेड एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़ में होगा। दूसरा, भारत का पहला indigenous मल्टी-एक्सिस CNC कंट्रोलर — वह कमांड सेंटर जो मशीन की हर एक्सिस की मूवमेंट और माइक्रॉन-लेवल सटीकता को नियंत्रित करता है। तीसरा, Vesper नाम का AI-पावर्ड फैक्ट्री ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर, जो लीड टाइम का अनुमान लगाता है और फैक्ट्री का रियल-टाइम परफॉर्मेंस मॉनिटर करता है। बाक़ी रक़म सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग initiatives और US-यूरोप विस्तार में जाएगी।

यह सेक्टर तकनीकी रूप से कितना मुश्किल है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि 5-axis CNC मशीनें — जो एक ही सेटअप में किसी पुर्ज़े को पांच दिशाओं से काट सकती हैं — दुनिया में गिनी-चुनी कंपनियां ही बनाती हैं, और इनमें ज़्यादातर जर्मनी, जापान और ताइवान की हैं। Ethereal का दावा है कि उसके सिस्टम इन ग्लोबल विकल्पों के मुक़ाबले काफ़ी कम लागत पर वही माइक्रॉन-लेवल सटीकता देते हैं — यही दावा निवेशकों के भरोसे की बुनियाद भी है।

फाइनेंशियल्स: MaaS रेवेन्यू 3 गुना, पर घाटा भी बड़ा

कंपनी के मुताबिक़ Series A के बाद से उसका MaaS रेवेन्यू सालाना 3 गुना बढ़ा है और प्रोडक्शन क्षमता 10 गुना हुई है। हालांकि Entrackr के अनुसार FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹11.45 करोड़ ही था और घाटा ₹27.27 करोड़ रहा — यानी स्केल अभी शुरुआती है और कैपेसिटी, टेक्नोलॉजी और विस्तार में भारी निवेश जारी है।

भारतीय डीपटेक में निवेशकों की दिलचस्पी फिलहाल तेज़ है। Indian Startup News के अनुसार हाल के हफ्तों में F2A का ₹2,000 करोड़ का SEBI-approved AI/डीपटेक फंड, Piper Serica का ₹600 करोड़ टार्गेट वाला Bharat Tech Fund और Shastra VC का $100 मिलियन का फंड लॉन्च हुए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर की तरफ़ भी बड़े दांव लग रहे हैं — जैसे AirTrunk का भारत में 5 GW डेटा सेंटर प्लान

आगे क्या?

अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ों पर नज़र रहेगी: पहली, नई 300,000 वर्ग फुट फैसिलिटी की कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन और कर्नाटक सरकार के MoU का ज़मीन पर उतरना; दूसरी, indigenous CNC कंट्रोलर का डेवलपमेंट रोडमैप — यह बनेगा तो भारत की मशीन-टूल आयात निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा क़दम होगा; और तीसरी, US-यूरोप में कंपनी के पहले बड़े एंटरप्राइज़ कॉन्ट्रैक्ट। सेमीकंडक्टर और डिफेंस सप्लाई चेन के भारत आने की रफ़्तार जितनी तेज़ होगी, Ethereal जैसे प्रिसिज़न प्लेयर्स की मांग उतनी ही बढ़ेगी।

स्रोत: Entrackr, YourStory, Indian Startup News, Business Standard, StartupTalky, Channel I’M (12 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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