क्यूपर्टिनो, 9 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): Apple ने WWDC 2026 में अपने वॉइस असिस्टेंट का ज़मीन से नया वर्ज़न Siri AI पेश किया, जिसके पीछे इस बार Google Gemini मॉडल काम करेंगे। यह असिस्टेंट अब बातचीत के अंदाज़ में सवाल-जवाब कर सकता है, ईमेल-मैसेज-फ़ोटो से context खींच सकता है और ऐप्स के पार जाकर काम कर सकता है। यह CEO Tim Cook का बतौर प्रमुख आख़िरी WWDC भी था।
इस घोषणा का मतलब सिर्फ़ एक बेहतर Siri नहीं है। पिछले दो साल से Apple AI की दौड़ में पिछड़ने और अपने core सॉफ़्टवेयर — search, file-sharing, design — की शिकायतों से जूझ रहा था। WWDC 2026 की पूरी संरचना ही “पहले खामियाँ ठीक करो, फिर features” वाले रुख़ पर टिकी रही, जिसमें बेहतर Siri को मुख्य आकर्षण के बजाय सुधारों की लंबी सूची का एक हिस्सा बनाकर पेश किया गया।
Siri AI में नया क्या है
Apple का दावा है कि नया Siri ज़्यादा capable, conversational और visual intelligence के साथ compatible है, और अब यह मौजूदा ऐप्स के अलावा एक standalone ऐप में भी रहेगा। नए Siri की रीढ़ Google Gemini है — Apple ने माना कि उसने Google और Gemini family के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के Apple Foundation Models विकसित किए, जो उसके Apple Intelligence अनुभव को चलाते हैं।
Siri AI के साथ Apple Intelligence में कई अपडेट आए: Safari में tab management, one-tap password updating, cross-app context awareness, Messages में AI रिप्लाई सुझाव, और Phone ऐप जो कॉल के बीच Mail तथा Messages से context खींच सकता है। हालाँकि features से पहले Apple ने privacy पर ज़ोर दिया।
कौन क्या बोला
Apple के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Craig Federighi ने स्ट्रीम के दौरान कंपनी के privacy-केंद्रित रुख़ को दोहराया।
“We believe privacy in AI is non-negotiable.” — Craig Federighi, Senior Vice President, Apple
उन्होंने यह भी कहा कि डेटा का इस्तेमाल सिर्फ़ यूज़र की request पूरी करने के लिए होता है और बाहरी विशेषज्ञ इस वादे को किसी भी समय जाँच सकते हैं। दूसरी ओर, keynote के अंत में Tim Cook ने विदाई संदेश दिया।
“…the best is still ahead at Apple.” — Tim Cook, CEO, Apple
Cook ने कहा कि बेहतरीन प्रोडक्ट देकर लोगों के जीवन को समृद्ध करना हमेशा कंपनी का “North Star” रहा है। उल्लेखनीय है कि Cook 1 सितंबर से कमान हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर VP John Ternus को सौंप रहे हैं।
भारत के लिए इसका क्या मतलब
यहीं भारतीय यूज़र और IT इंडस्ट्री के लिए असली बात छिपी है। नया Siri AI इस साल के अंत में पहले English-only beta के रूप में आएगा। यह China में उपलब्ध नहीं होगा क्योंकि Apple वहाँ regulatory शर्तों से गुज़र रहा है, और लॉन्च के समय EU में iOS/iPadOS पर भी नहीं मिलेगा। चूँकि भारत एक बड़ा English-friendly बाज़ार है और Apple यहाँ iPhone असेंबली तेज़ी से बढ़ा रहा है, इसलिए भारतीय यूज़र इस फ़ीचर के शुरुआती दायरे में आ सकते हैं — हालाँकि rollout चरणबद्ध रहेगा।
भारतीय डेवलपर और IT सर्विस कंपनियों के लिए एक और संकेत है: Apple का Gemini पर निर्भर होना यह दिखाता है कि असिस्टेंट-लेयर पर भी अब foundation model साझेदारियाँ आम हो रही हैं — वही पैटर्न जो भारतीय एंटरप्राइज़ deployments में दिख रहा है, जहाँ कंपनियाँ अपना मॉडल बनाने के बजाय बड़े मॉडलों को integrate कर रही हैं।
बाक़ी बड़े अपडेट
Apple ने दावा किया कि iOS 27 “किसी भी iOS रिलीज़ से ज़्यादा यूज़र्स” तक पहुँचेगा और iPhone 11 तक के सभी डिवाइस इसके पात्र होंगे। परफ़ॉर्मेंस के मोर्चे पर कंपनी का कहना है कि नई फ़ोटो 70% तेज़ी से दिखेंगी और AirDrop ट्रांसफ़र 80% तेज़ होंगे। Photos ऐप में spatial “Reframe” और “Extend” जैसे नए AI एडिटिंग टूल आए, Shortcuts में natural-language से workflow बनाने की सुविधा जुड़ी, और बच्चों के लिए नए parental controls — “Ask to Browse” और “Ask to Buy” — डिफ़ॉल्ट किए गए। App Store में पहली बार subscription bundles और personalized recommendations भी पेश हुए, जहाँ अलग-अलग डेवलपर मिलकर कम क़ीमत पर bundled access दे सकेंगे। इसके अलावा Apple ने systemwide dictation और Image Playground को नए सिरे से पेश किया, और Health ऐप में perimenopause तथा menopause insights जोड़े — एक ऐसा क्षेत्र जिसमें डिजिटल हेल्थ टूल्स को हाल के वर्षों में बड़ा निवेश मिला है।
आगे क्या?
पहली नज़र अगले कुछ महीनों में Siri AI के English-only beta पर रहेगी — क्या यह Google और OpenAI के असिस्टेंट्स के मुक़ाबले टिक पाता है। दूसरा, सितंबर के iPhone इवेंट और Cook-से-Ternus ट्रांज़िशन के बाद Apple की AI दिशा कितनी बदलती है, यह देखना होगा; iOS 27 beta में मिले “foldState” जैसे संकेतों ने foldable iPhone की अटकलें भी तेज़ की हैं। तीसरा, भारत और EU जैसे बाज़ारों में रोलआउट की टाइमलाइन और भाषा-समर्थन का विस्तार तय करेगा कि यह overhaul भारतीय यूज़र तक कितनी जल्दी पहुँचता है।
स्रोत: TechCrunch, CNBC, Variety, TechRepublic, Bloomberg (9 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





