बेंगलुरु, 16 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): फिनटेक दिग्गज Razorpay ने पूंजी बाज़ार में उतरने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए SEBI के पास confidential रूट से अपना DRHP (Draft Red Herring Prospectus) दाखिल कर दिया है। बेंगलुरु की इस कंपनी का IPO ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ के बीच का हो सकता है, जिससे इसका मूल्यांकन ₹50,000 से ₹60,000 करोड़ ($5–6 बिलियन) तक आँका जा रहा है।
यह सिर्फ़ एक और स्टार्टअप लिस्टिंग नहीं है। Razorpay का यह कदम भारतीय फिनटेक के उस दौर की पुष्टि करता है जिसमें अमेरिका से domicile वापस भारत लाकर (reverse-flip) घरेलू एक्सचेंज पर लिस्ट होना अब आम रणनीति बन चुकी है। पेमेंट गेटवे बाज़ार के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक का सार्वजनिक होना निवेशकों के लिए डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में सीधी हिस्सेदारी का दुर्लभ मौक़ा है।
फाइलिंग में क्या है
Business Standard की रिपोर्टर Shivani Shinde की 15 जून की रिपोर्ट के अनुसार, Razorpay ने draft पेपर 12 जून 2026 को दाखिल किए और इसकी सार्वजनिक सूचना 15 जून को अख़बार में विज्ञापन के ज़रिए दी गई। Confidential रूट में कंपनियाँ अपने संवेदनशील कारोबारी, परिचालन और वित्तीय आँकड़े सार्वजनिक किए बिना draft जमा कर सकती हैं — यही वजह है कि Zepto, NSE और अब Razorpay जैसी कंपनियाँ इसे चुन रही हैं।
इश्यू में fresh issue और Offer for Sale (OFS) दोनों शामिल होंगे, और दोनों का अनुपात लगभग बराबर (50:50) रहने की संभावना है। TechStory के मुताबिक़ कंपनी $500–600 मिलियन जुटाने का लक्ष्य रख रही है। डील पर सलाह देने वाले बैंकरों में Axis Capital, JPMorgan, Citi और Kotak Mahindra Capital शामिल हैं।
कंपनी, संस्थापक और निवेशक
Razorpay की स्थापना Harshil Mathur और Shashank Kumar ने की थी, और यह आज भारत के सबसे बड़े पेमेंट गेटवे में गिनी जाती है। कंपनी ने FY25 में ₹3,783 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। इसके निवेशकों में Peak XV Partners, Tiger Global, Ribbit Capital, TCV, Matrix Partners और Lightspeed जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
लिस्टिंग की तैयारी मई 2025 में तब पुख़्ता हुई जब कंपनी ने अपनी अमेरिकी पैरेंट एंटिटी को भारतीय इकाई में मिलाकर reverse-flip पूरा किया। CEO Harshil Mathur पहले ही संकेत दे चुके थे कि लिस्टिंग एजेंडे पर है।
“रिवर्स-फ्लिप पूरा होने के बाद IPO हमारे एजेंडे पर है।” — Harshil Mathur, सह-संस्थापक एवं CEO, Razorpay
Global Fintech Festival 2025 में Mathur ने कंपनी की दिशा साफ़ की थी।
“AI-आधारित पेमेंट अगले पाँच वर्षों में कॉमर्स का प्रमुख माध्यम बन सकते हैं।” — Harshil Mathur, CEO, Razorpay
उनका इशारा था कि जैसे UPI ने भारत में लेन-देन का तरीक़ा बदला, वैसे ही अगली छलाँग AI-संचालित कॉमर्स से आएगी — और एक सूचीबद्ध कंपनी के पास इस दाँव को खेलने के लिए ज़्यादा पूँजी होगी।
PhonePe का टलना और बाज़ार की धारणा
Razorpay की यह फाइलिंग ऐसे समय आई है जब प्रतिद्वंद्वी फिनटेक PhonePe ने पश्चिम एशिया में तनाव और बाज़ार की अस्थिरता का हवाला देते हुए अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी है। Business Standard के अनुसार PhonePe क़रीब $15 बिलियन मूल्यांकन पर $1.5 बिलियन जुटाने की योजना बना रहा था, लेकिन वांछित वैल्यूएशन पर इश्यू की क़ीमत तय करने की चुनौती से जूझ रहा है।
इस अंतर का मतलब साफ़ है — जहाँ एक बड़ा फिनटेक प्रतिकूल हालात में रुक गया है, वहीं Razorpay मौक़े को भुनाने आगे बढ़ रहा है। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों में सतर्कता है, क्योंकि पेमेंट गेटवे कारोबार में मार्जिन पर दबाव और MDR (merchant discount rate) से जुड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। यही कारण है कि कुछ विश्लेषक ₹60,000 करोड़ की ऊपरी वैल्यूएशन को महत्वाकांक्षी मान रहे हैं और इसे कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ की रफ़्तार से जोड़कर देख रहे हैं।
भारतीय फिनटेक IPO लहर में Razorpay की जगह
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम 2026 में IPO की एक नई लहर देख रहा है। Zepto ने ₹8,010 करोड़ के DRHP के साथ अर्ज़ी दी, NSE की लिस्टिंग आगे बढ़ रही है, और अब Razorpay। यह दिखाता है कि निजी बाज़ार में फंडिंग सूखने के बीच कंपनियाँ सार्वजनिक बाज़ार की ओर रुख़ कर रही हैं। भारतीय IT और डिजिटल पेमेंट सेक्टर के लिए यह एक परिपक्वता का संकेत है — स्टार्टअप अब “ग्रोथ एट एनी कॉस्ट” से हटकर मुनाफ़े और सार्वजनिक जवाबदेही की राह पर हैं।
मुख्य तथ्य
IPO साइज़: ₹5,000–6,000 करोड़; मूल्यांकन: ₹50,000–60,000 करोड़ ($5–6 बिलियन); DRHP दाखिल: 12 जून 2026 (confidential); FY25 रेवेन्यू: ₹3,783 करोड़; बैंकर: Axis Capital, JPMorgan, Citi, Kotak।
आगे क्या?
अगले 30–90 दिनों में तीन बातों पर नज़र रहेगी। पहला, SEBI की समीक्षा और updated DRHP के सार्वजनिक होने का समय। दूसरा, बाज़ार की अस्थिरता — पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की क़ीमतों का असर इश्यू की टाइमिंग पर पड़ सकता है। तीसरा, क्या PhonePe भी हालात सुधरने पर वापस लौटता है, जिससे दो बड़े फिनटेक IPO आमने-सामने आ सकते हैं। Razorpay की लिस्टिंग 2026 के अंत तक मुमकिन मानी जा रही है, बशर्ते मंज़ूरी और बाज़ार दोनों साथ दें।
स्रोत: Business Standard, Entrackr, TechStory, Tradebrains, Free Press Journal, PYMNTS (15 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





