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Foodstories ने जुटाए ₹50 करोड़, निखिल कामथ ने की अगुवाई

On: June 17, 2026 6:29 AM
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Foodstories फंडिंग - IT Samachar
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मुंबई, 15 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): प्रीमियम गॉरमे फ़ूड और लाइफ़स्टाइल प्लेटफ़ॉर्म Foodstories ने Zerodha के सह-संस्थापक निखिल कामथ (Nikhil Kamath) की अगुवाई वाले राउंड में ₹50 करोड़ जुटाए हैं। इस राउंड में कंपनी के मौजूदा निवेशक Narotam Sekhsaria Family Office ने भी हिस्सा लिया।

यह फ़ंडिंग ऐसे समय आई है जब भारत का प्रीमियम और D2C फ़ूड-रिटेल सेगमेंट तेज़ी से आकार ले रहा है, और निवेशक ऐसे ब्रांड्स पर दांव लगा रहे हैं जो क्वालिटी तथा अनुभव-आधारित रिटेल को डिजिटल डिलीवरी के साथ जोड़ते हैं। कंपनी इस पूँजी का इस्तेमाल अपने डिजिटल कारोबार, डिलीवरी नेटवर्क और स्टोर फ़ुटप्रिंट के विस्तार में करेगी।

कंपनी और संस्थापक

Foodstories की स्थापना 2021 में अवनी बियानी (Avni Biyani) और अश्नी बियानी (Ashni Biyani) ने की थी, जो Future Group के संस्थापक किशोर बियानी (Kishore Biyani) की बेटियाँ हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म किसानों, उत्पादकों, शेफ़, बेकर्स और फ़ूड-मेकर्स को एक जगह लाकर उपभोक्ताओं को क्यूरेटेड फ़ूड तक पहुँच देता है। कंपनी अनुभव-आधारित फ़िज़िकल स्टोर और डिजिटल डिलीवरी नेटवर्क — दोनों चलाती है।

फ़िलहाल Foodstories के स्टोर दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और हैदराबाद में हैं, और कंपनी ने हाल ही में मुंबई के बांद्रा में एक फ़्लैगशिप आउटलेट के साथ प्रवेश किया है। लोखंडवाला में एक और स्टोर खोलने की योजना है।

निवेशक और संस्थापकों ने क्या कहा

निवेश पर निखिल कामथ ने कहा, “बेहतर भोजन किसी व्यक्ति के जीने के तरीक़े में सबसे ज़्यादा असर डालने वाले बदलावों में से एक है” और जोड़ा कि Foodstories उन गिने-चुने प्लेटफ़ॉर्म में से है जो “इसके लिए असली इंफ़्रास्ट्रक्चर” खड़ा कर रहे हैं।

सह-संस्थापक अश्नी बियानी ने कंपनी की महत्वाकांक्षा साफ़ करते हुए कहा, “हम ₹1,000 करोड़ का कारोबार खड़ा कर रहे हैं।” वहीं अवनी बियानी ने ब्रांड के फ़ोकस पर ज़ोर देते हुए कहा, “हम क्वालिटी, क्राफ़्ट्समैनशिप और प्रोवेनेंस पर ध्यान देते हैं; ग्रोथ इसे नहीं बदलती।”

पृष्ठभूमि: प्रीमियम रिटेल की वापसी

Future Group के बिखराव के बाद बियानी परिवार के लिए Foodstories एक नई शुरुआत है। जहाँ Big Bazaar जैसे मास-रिटेल फ़ॉर्मैट ने पैमाने पर दांव लगाया था, वहीं Foodstories का मॉडल प्रीमियम, क्यूरेशन और अनुभव पर केंद्रित है। निखिल कामथ का इस राउंड में आना एंजल और अर्ली-स्टेज निवेश में उनकी बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है, जहाँ वे कंज़्यूमर ब्रांड्स पर लगातार दांव लगा रहे हैं।

Foodstories का मॉडल “discovery-led retail” पर टिका है — यानी उपभोक्ता को नए, क्यूरेटेड और अक्सर स्थानीय उत्पादकों से जुड़े फ़ूड-प्रोडक्ट्स खोजने का अनुभव देना। यह तेज़-डिलीवरी वाले क्विक-कॉमर्स से अलग पोज़िशनिंग है, जहाँ ज़ोर गति और छूट पर रहता है। कंपनी का दांव इस बात पर है कि भारत का बढ़ता हुआ अपर-मिडिल-क्लास उपभोक्ता अब क्वालिटी और प्रोवेनेंस के लिए प्रीमियम चुकाने को तैयार है।

भारतीय बाज़ार के लिए मायने

भारत में प्रीमियम फ़ूड-रिटेल अब भी कुल ग्रॉसरी बाज़ार का छोटा हिस्सा है, पर बढ़ती शहरी आय और हेल्थ-कॉन्शस उपभोक्ताओं के चलते यह सेगमेंट तेज़ी से बढ़ रहा है। उद्योग पर्यवेक्षकों के अनुसार, असली चुनौती ओमनीचैनल मॉडल को मुनाफ़े के साथ स्केल करने की है — क्योंकि प्रीमियम स्टोर और लास्ट-माइल डिलीवरी, दोनों की लागत ऊँची रहती है। निखिल कामथ हाल के वर्षों में अपने वेंचर WTFund और निजी निवेशों के ज़रिए कई कंज़्यूमर और टेक स्टार्टअप्स में सक्रिय रहे हैं।

आगे क्या? (Outlook)

अगले 30-90 दिनों में देखने लायक़ तीन चीज़ें: पहला, क्या Foodstories नए शहरों में स्टोर-विस्तार की रफ़्तार तेज़ करता है। दूसरा, डिजिटल डिलीवरी का योगदान कुल रेवेन्यू में कितना बढ़ता है। और तीसरा, ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू के लक्ष्य की ओर कंपनी किस टाइमलाइन पर बढ़ती है। प्रीमियम रिटेल में पूँजी की यह नई ख़ुराक बताती है कि निवेशक अब सिर्फ़ डिस्काउंट-लेड क्विक-कॉमर्स ही नहीं, क्वालिटी-लेड कंज़्यूमर ब्रांड्स पर भी दांव लगा रहे हैं।

निवेश का व्यापक संदर्भ

Foodstories की यह फ़ंडिंग ऐसे दौर में आई है जब भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में पूँजी का प्रवाह चुनिंदा और थीम-आधारित हो गया है। निवेशक अब बिना सोचे-समझे ग्रोथ के बजाय उन कंज़्यूमर ब्रांड्स को तरजीह दे रहे हैं जिनके पास साफ़ यूनिट इकोनॉमिक्स और मज़बूत ब्रांड-पुल हो। प्रीमियम फ़ूड और लाइफ़स्टाइल कैटेगरी में पिछले एक साल में कई D2C ब्रांड्स ने फ़ंडिंग जुटाई है, और निखिल कामथ जैसे नए-ज़माने के निवेशकों की दिलचस्पी इस ट्रेंड को और मज़बूती दे रही है।

कंपनी के लिए चुनौती सिर्फ़ पूँजी जुटाना नहीं, बल्कि उसे सही ढंग से तैनात करना है। प्रीमियम रिटेल में स्टोर-लेवल प्रॉफ़िटेबिलिटी, इन्वेंट्री प्रबंधन और ब्रांड-डिफ़रेंशिएशन — तीनों एक साथ साधना ज़रूरी होता है। Foodstories की अगली परीक्षा यह होगी कि वह नए बाज़ारों में प्रवेश करते हुए अपने मुख्य प्रॉमिस — क्वालिटी और क्यूरेशन — के साथ समझौता किए बिना पैमाना कैसे बढ़ाती है।

मुख्य तथ्य

राउंड: ₹50 करोड़, अगुवाई निखिल कामथ। अन्य निवेशक: Narotam Sekhsaria Family Office। संस्थापक: अवनी और अश्नी बियानी (2021)। मौजूदगी: दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई (बांद्रा)। उपयोग: डिजिटल कारोबार, डिलीवरी नेटवर्क व स्टोर विस्तार। लक्ष्य: ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू।

स्रोत: Business Standard, Entrackr, StartupTalky, BestMediaInfo, Hotelier India, D2C Insider (15 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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