नई दिल्ली, 18 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): देश की तीन सबसे बड़ी IT कंपनियों — Infosys, TCS और Wipro — ने Microsoft 365 Copilot को छह महीने से कम समय में मिलकर 3,00,000 सीट के पार पहुँचा दिया है। हर कंपनी ने अपने 1,00,000 से ज़्यादा कर्मचारियों तक यह AI टूल पहुँचाया है, जिसे Microsoft ने अपनी अब तक की सबसे तेज़ एंटरप्राइज़ AI तैनाती बताया है।
यह आँकड़ा सिर्फ़ लाइसेंस की गिनती नहीं है। इसका मतलब है कि भारत की IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री अब “AI के साथ प्रयोग” के दौर से निकलकर “AI को ऑपरेटिंग मॉडल बनाने” के दौर में पहुँच रही है — और इस बदलाव की रफ़्तार पूरे एशिया में सबसे तेज़ भारत में दिख रही है, जहाँ इन तीनों दिग्गज कंपनियों का मुख्यालय है।
3 लाख सीट का आँकड़ा कहाँ से आया
Microsoft के 3 जून 2026 के आधिकारिक बयान के मुताबिक़, यह तैनाती दिसंबर 2025 में घोषित 50,000-सीट के रोलआउट पर आधारित है। यानी छह महीने में हर कंपनी ने लगभग 50,000 से बढ़ाकर 1,00,000+ कर्मचारियों तक Copilot पहुँचाया। अपनाने की दर भी उतनी ही अहम है — Infosys में 91% से ज़्यादा मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता (MAU), TCS में 86% लाइसेंस-धारी कर्मचारी रोज़मर्रा के काम में AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, और Wipro में 95% से ज़्यादा मासिक सक्रिय उपयोग दर्ज हुआ है।
Wipro के आँकड़े सबसे विस्तृत हैं — कंपनी के कर्मचारी हर महीने 75 लाख (7.5 मिलियन) prompts जेनरेट कर रहे हैं और प्रति उपयोगकर्ता औसतन 23 actions प्रति सप्ताह कर रहे हैं, जिससे हर तिमाही 2,50,000 से ज़्यादा FTE days की बचत हो रही है। Wipro के मुताबिक़ उसके पास अब 29,000 से अधिक एंड-यूज़र डेवलप्ड एजेंट और 60+ एंटरप्राइज़-ग्रेड agentic समाधान काम में हैं, और उसके appraisal एजेंट ने परफ़ॉर्मेंस रिव्यू में लगने वाली मेहनत क़रीब 70% तक घटा दी है।
कंपनियों के CEO क्या बोले
तीनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने इस तैनाती को “मानव + AI” ऑपरेटिंग मॉडल की तरफ़ बढ़ता क़दम बताया।
“At TCS, we have empowered over 100,000 associates with Microsoft 365 Copilot to enhance everyday productivity… By embedding Agentic AI into the flow of work, our employees are redefining how work gets done.” — K. Krithivasan, CEO & MD, TCS
Infosys के CEO एवं MD Salil Parekh ने Microsoft को दिए बयान में कहा, “हम AI को एंटरप्राइज़ वैल्यू की फिर से कल्पना करने वाली परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में देखते हैं… असली अवसर इस बात में है कि AI रोज़मर्रा के काम में कितनी गहराई से समाया हुआ है।” Parekh ने इसे कंपनी के Infosys Topaz प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ा। वहीं Wipro के CEO एवं MD Srini Pallia ने इसे “proof-over-promise” सिद्धांत बताते हुए कहा कि कंपनी मापने-योग्य वैल्यू पर केंद्रित है।
Microsoft इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट Puneet Chandok ने कहा कि “Infosys, TCS और Wipro जो कर रहे हैं वह उल्लेखनीय है — वे Copilot को अपने काम के केंद्र में रख रहे हैं।” Microsoft कमर्शियल बिज़नेस के CEO Judson Althoff के अनुसार, इस पैमाने पर AI का असर अब सिर्फ़ “बचाए गए समय” से नहीं, बल्कि इस बात से तय होता है कि संगठन कैसे काम करते, प्रतिस्पर्धा करते और बढ़ते हैं।
वैश्विक संदर्भ और Microsoft का दाँव
यह भारतीय तैनाती Microsoft 365 Copilot की वैश्विक रफ़्तार का हिस्सा है। कंपनी के मुताबिक़ इस तिमाही में जोड़ी गई सीट्स में 250% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दुनिया भर में कुल भुगतान वाली सीट्स 2 करोड़ (20 मिलियन) तक पहुँच गई हैं। 50,000+ सीट वाले ग्राहकों की संख्या साल-दर-साल चार गुना बढ़ी है। Microsoft के Work Trend Index 2026 के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 49% Copilot उपयोग अब विश्लेषण, समस्या-समाधान और रचनात्मकता जैसे संज्ञानात्मक कामों पर केंद्रित है।
भारतीय IT सेक्टर के लिए मायने और निवेशकों की राय
भारत की IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री के लिए यह दोधारी तस्वीर है। एक ओर AI को इतने बड़े पैमाने पर अपनाना दिखाता है कि कंपनियाँ डिलीवरी लागत घटाकर मार्जिन बचा सकती हैं। दूसरी ओर, यही ऑटोमेशन पारंपरिक “हेडकाउंट-आधारित” रेवेन्यू मॉडल पर सवाल खड़े करता है। निवेश बैंक Goldman Sachs ने हाल ही में TCS, Infosys और Tech Mahindra को डाउनग्रेड किया है, जबकि Wipro को अपग्रेड किया — फ़र्म के मुताबिक़ ऊँचे वैल्यूएशन इंडस्ट्री की आने वाली सुस्ती को नहीं दर्शाते। Goldman का अनुमान है कि टॉप-5 कंपनियों की औसत डॉलर रेवेन्यू ग्रोथ घटकर 6% साल-दर-साल रह सकती है।
यानी AI एक साथ अवसर भी है और जोखिम भी — और भारतीय IT दिग्गज इस बात को साबित करने की दौड़ में हैं कि बढ़ी हुई उत्पादकता ग्राहक के लिए नई वैल्यू में बदलेगी, न कि सिर्फ़ नौकरियों की जगह लेगी।
आगे क्या?
अगले कुछ महीनों में तीन चीज़ें देखने लायक़ रहेंगी। पहला — जुलाई 2026 की तिमाही नतीजों में देखें कि क्या Copilot की तैनाती से डिलीवरी मार्जिन या बिलिंग रेट पर साफ़ असर दिखता है। दूसरा — क्या ये कंपनियाँ अपने आंतरिक productivity एजेंट को ग्राहक-डिलीवरी में बदलकर नई agentic सर्विस लाइन बेच पाती हैं। तीसरा — Goldman की चेतावनी के बीच निवेशकों की प्रतिक्रिया, ख़ासकर अगर अमेरिकी क्लाइंट खर्च में सुस्ती बनी रहती है। फ़िलहाल, 3 लाख सीट का यह आँकड़ा भारतीय IT को वैश्विक “Frontier Firm” बहस के केंद्र में ले आया है।
स्रोत: Microsoft Source Asia (आधिकारिक बयान), WION, Whalesbook, Windows News, Microsoft Work Trend Index 2026 (दिनांक तक की रिपोर्टिंग)।





