मुंबई, 19 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम और डिजिटल कंपनी Jio Platforms अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) कुछ ही दिनों में सेबी के पास दाखिल कर सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक़ यह इश्यू क़रीब $4 अरब (₹33,000 करोड़ से ज़्यादा) का होगा और इसकी टाइमिंग आज, 19 जून को होने वाली Reliance Industries (RIL) की सालाना आम बैठक (AGM) से ठीक पहले रखी गई है।
निवेशकों की नज़र इसलिए टिकी है क्योंकि यह भारतीय पूँजी बाज़ार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। AGM में चेयरमैन मुकेश अंबानी का एक भी वाक्य — लिस्टिंग की तिमाही या वैल्यूएशन पर — सीधे RIL के शेयर को हिला सकता है। यही वजह है कि दलाल स्ट्रीट से लेकर ग्लोबल फ़ंड मैनेजरों तक, सबका ध्यान आज की बैठक पर है।
IPO में नया क्या है
सबसे बड़ा बदलाव इश्यू के स्ट्रक्चर में है। मार्च 2026 में Reliance ने ऑफ़र-फ़ॉर-सेल (OFS) मॉडल छोड़कर इसे 100% फ़्रेश इश्यू बना दिया, यानी जुटाई गई पूरी रक़म सीधे Jio के कारोबार में जाएगी — क़र्ज़ चुकाने, नेटवर्क विस्तार और AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पूँजीगत खर्च के लिए। यह संकेत है कि Jio अब सिर्फ़ टेलिकॉम नहीं, बल्कि एक AI-डेटा सेंटर प्लेटफ़ॉर्म के रूप में पूँजी जुटाना चाहती है।
दूसरा अहम पहलू है पब्लिक फ़्लोट। एक नियामकीय बदलाव के तहत अब ₹5 लाख करोड़ से बड़ी कंपनियाँ शुरुआत में सिर्फ़ 2.5% हिस्सेदारी सूचीबद्ध करा सकती हैं, जबकि पहले न्यूनतम 10% ज़रूरी था। इसी राहत ने Jio जैसी विशाल कंपनी के लिए DRHP प्रक्रिया व्यावहारिक बनाई। 2.5% फ़्लोट पर ही इश्यू का आकार $4 अरब के आसपास बैठता है।
वैल्यूएशन पर एनालिस्ट क्या कह रहे हैं
वैल्यूएशन को लेकर अनुमानों में बड़ा अंतर है। निवेश बैंक Jefferies ने Jio की क़ीमत क़रीब $180 अरब आँकी है, जबकि कुछ बैंकर $200–240 अरब तक की पिच कर रहे हैं। Goldman Sachs, Jefferies और Citi ने स्वतंत्र रूप से Jio को लिस्टिंग के बाद मार्केट कैप के लिहाज़ से भारत की टॉप-5 कंपनियों में रखा है।
“Jio Infocomm की वैल्यू ₹12–13 लाख करोड़, 13x FY28E EV/EBITDA पर।” — Elara Capital रिसर्च नोट
Elara Capital ने FY26–29E के दौरान 11% रेवेन्यू CAGR और 14% EBITDA CAGR का अनुमान लगाया है। एनालिस्टों का कहना है कि $130 अरब (₹11 लाख करोड़) से ऊपर की पुष्टि होने पर RIL के शेयर की दोबारा रीरेटिंग हो सकती है, क्योंकि बाज़ार अभी Jio की पूरी क़ीमत RIL के भाव में नहीं जोड़ रहा।
“लिस्टिंग के बाद Jio भारत की टॉप-5 कंपनियों में शामिल होगी।” — Goldman Sachs, Jefferies व Citi का साझा आकलन
हालाँकि सभी अनुमान सशर्त हैं। Reliance ने अब तक कोई पक्का आँकड़ा तय नहीं किया है, और अंतिम वैल्यूएशन बाज़ार की स्थिति, एंकर निवेशकों की भूख और DRHP में दिए गए वित्तीय आँकड़ों पर निर्भर करेगा। यही वजह है कि एनालिस्ट $180 अरब से $240 अरब के बीच की चौड़ी रेंज दे रहे हैं — जो दिखाता है कि इतनी बड़ी कंपनी की क़ीमत तय करना भी अपने आप में एक चुनौती है।
पृष्ठभूमि: इंतज़ार लंबा रहा है
Jio के IPO की चर्चा 2019 से चल रही है, जब कंपनी ने Facebook (अब Meta) और Google समेत वैश्विक निवेशकों से अरबों डॉलर जुटाए थे। 2024 में Jefferies ने अनुमान दिया था कि 2025 में Jio $112 अरब पर लिस्ट हो सकती है। लेकिन लिस्टिंग टलती रही, और इस बीच कंपनी का यूज़र बेस, ARPU और डिजिटल सेवाओं का दायरा कई गुना बढ़ गया। आज Jio भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम ऑपरेटर है और इसका 5G नेटवर्क देशभर में फैल चुका है।
भारतीय बाज़ार पर असर
Jio का IPO सिर्फ़ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं, बल्कि भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए एक मील का पत्थर होगा। इस आकार का इश्यू घरेलू म्यूचुअल फ़ंड, बीमा कंपनियों और विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों की भारी माँग खींचेगा। बाज़ार विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी बड़ी पूँजी एक साथ बाज़ार में आने से अल्पकाल में लिक्विडिटी पर दबाव भी पड़ सकता है।
IT और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिहाज़ से सबसे अहम बात है फ़्रेश इश्यू की मंशा — Jio का AI डेटा सेंटर और नेटवर्क पर पूँजी लगाने का इरादा भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और गहरा करेगा, जिसका सीधा फ़ायदा क्लाउड और एंटरप्राइज़ AI सेवाओं को मिल सकता है।
घरेलू निवेशकों के लिए यह दुर्लभ मौक़ा होगा कि वे देश की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनी में सीधे हिस्सेदारी ख़रीद सकें, जो अब तक सिर्फ़ RIL के ज़रिए परोक्ष रूप से ही संभव था। रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी इस इश्यू को लेकर पहले से ही ऊँची है। हालाँकि DRHP दाखिल होने से पहले किसी भी अनौपचारिक प्राइस संकेत को सावधानी से देखना ज़रूरी है।
आगे क्या?
अब तीन चीज़ों पर नज़र रहेगी। पहला, आज AGM में अंबानी का बयान — क्या वे लिस्टिंग की तिमाही और वैल्यूएशन रेंज पर साफ़ संकेत देते हैं। दूसरा, DRHP दाखिल होने के बाद सेबी की समीक्षा-अवधि, जो आमतौर पर कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों तक चलती है। तीसरा, फ़ाइनल इश्यू प्राइस और एंकर निवेशकों की सूची, जिससे संस्थागत भरोसे का अंदाज़ा लगेगा। अगर सबकुछ योजना के मुताबिक़ रहा, तो Jio की लिस्टिंग अगले कुछ महीनों में भारतीय बाज़ार की सबसे बड़ी घटना बन सकती है।
स्रोत: BusinessToday, Business Standard, NiftyTrader, MarketScreener, Jefferies, Elara Capital (19 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





