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Accenture गाइडेंस कट से Nifty IT 6% लुढ़का, Infosys पांच साल के निचले स्तर पर

On: June 20, 2026 10:47 AM
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Nifty IT गिरावट - IT Samachar
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मुंबई, 19 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): ग्लोबल कंसल्टिंग दिग्गज Accenture के कमज़ोर तिमाही नतीजों और घटाए गए रेवेन्यू गाइडेंस के बाद शुक्रवार को भारतीय आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। Nifty IT इंडेक्स इंट्राडे में करीब 6% टूट गया, और Infosys का शेयर लगभग 8% गिरकर ₹1,035 के आसपास — यानी पांच साल के निचले स्तर पर — पहुंच गया।

यह गिरावट सिर्फ़ एक दिन की घबराहट नहीं थी। यह उस बड़े सवाल का संकेत है जो पिछली कई तिमाहियों से सेक्टर के नीचे पक रहा है — क्या एजेंटिक AI भारतीय आईटी सर्विसेज़ कंपनियों के रेवेन्यू पूल को सिकोड़ रहा है? निवेशकों के लिए यह दांव अब सीधे शेयर भाव में उतर आया है।

बाज़ार में क्या हुआ

Tata Consultancy Services (TCS) करीब 6.5% गिरकर ₹2,060 के पास आ गया, जो लगभग छह साल का निचला स्तर है। HCL Technologies 5.11%, Wipro 3.30% और Coforge 4.50% तक टूटे। Tech Mahindra, LTIMindtree, Persistent Systems और Mphasis भी लाल निशान में रहे। Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक़ कुछ शेयर इंट्राडे में 8% तक लुढ़के, जिससे Nifty IT इंडेक्स दिन का सबसे कमज़ोर सेक्टोरल इंडेक्स रहा।

Infosys इस गिरावट का अगुआ रहा और Nifty 50 का सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाला शेयर बना। ट्रिगर साफ़ था — समुद्र पार से आई एक चेतावनी, जिसने पूरे घरेलू आईटी पैक की सांसें फुला दीं।

Accenture के नतीजों ने क्यों डराया

18 जून को जारी Accenture के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) नतीजे आंकड़ों में बुरे नहीं थे — रेवेन्यू $18.72 बिलियन रहा, जो डॉलर में 6% और लोकल करेंसी में 3% की बढ़त है, और EPS 9% बढ़कर $3.80 रहा। असली झटका गाइडेंस में था। Accenture के अनुसार कंपनी ने FY26 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का ऊपरी सिरा 2-5% से घटाकर 2-4% (कॉन्स्टैंट करेंसी, US फ़ेडरल बिज़नेस को छोड़कर) कर दिया।

कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव का असर Q3 में करीब $100 मिलियन रहा और चौथी तिमाही में भी यह व्यवधान बने रहने की आशंका है। चूंकि Accenture को भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक अग्रिम संकेतक (bellwether) माना जाता है, इसलिए इसका कमज़ोर आउटलुक सीधे TCS, Infosys और Wipro की संभावनाओं पर सवाल खड़ा करता है। इसी कारण भारतीय बाज़ार खुलते ही आईटी पैक में तेज़ बिकवाली शुरू हो गई।

एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट क्या कह रहे हैं

Accenture का शेयर भी एक ही सत्र में तेज़ी से टूटा, और इसी का असर भारतीय आईटी पर पड़ा।

“Accenture का एक ही सत्र में 18% गिरना और Nifty IT का सहानुभूति में 6% टूटना कोई घटना भर नहीं है; यह AI-आधारित रेवेन्यू पूल कंप्रेशन की उस सच्चाई की पहचान है जो सेक्टर के नीचे कई तिमाहियों से बन रही थी।” — Harshal Dasani, बिज़नेस हेड, INVAsset PMS

Equirus Securities के एनालिस्ट्स ने नोट किया कि Accenture का चौथी तिमाही का ग्रोथ गाइडेंस इशारा करता है कि मैक्रो-आधारित डिमांड की दिक्कतें भारतीय आईटी सेक्टर के लिए H1-FY27 (अप्रैल–सितंबर 2026) तक जारी रह सकती हैं। दूसरी ओर, खुद Accenture का प्रबंधन भरोसा जता रहा है।

“बड़े पैमाने पर रीइन्वेंशन की मांग मज़बूत बनी हुई है; इस साल अब तक $100 मिलियन से बड़े 104 क्लाइंट बुकिंग्स हुई हैं, जो 13% ज़्यादा है।” — Julie Sweet, चेयर व CEO, Accenture

हालांकि सबसे ज़्यादा जोखिम Wipro पर बताया जा रहा है। Goldman Sachs की चेतावनी के मुताबिक़ FY27 कंपनी के लिए लगातार चौथा रेवेन्यू-गिरावट वाला साल हो सकता है।

भारतीय आईटी इंडस्ट्री के लिए मायने

भारत का आईटी सर्विसेज़ सेक्टर देश के एक्सपोर्ट और रोज़गार का बड़ा स्तंभ है, और इसका भाव वैश्विक एंटरप्राइज़ खर्च से सीधे जुड़ा है। जब Accenture जैसी कंपनी डिस्क्रिशनरी (विवेकाधीन) खर्च में सुस्ती की बात करती है, तो उसका मतलब है कि क्लाइंट नए, बड़े ट्रांसफ़ॉर्मेशन सौदों पर हाथ रोक रहे हैं। यही चिंता Nifty IT के बाज़ार पूंजीकरण से शुक्रवार को हज़ारों करोड़ रुपये उड़ा गई। ANI की रिपोर्ट के अनुसार Accenture की कमज़ोर Q3 और पश्चिम एशिया संकट, दोनों मिलकर भारतीय आईटी के लिए FY27 की शुरुआत पर बादल मंडरा रहे हैं। कई एनालिस्ट इस गिरावट को सिर्फ़ चक्रीय (cyclical) नहीं, बल्कि संरचनात्मक (structural) मान रहे हैं — यानी AI ख़ुद कुछ रूटीन सर्विस वर्क की मांग घटा रही है, जिससे कंपनियों को अपने डिलीवरी मॉडल को नए सिरे से ढालना होगा।

आगे क्या? (Outlook)

निवेशकों की नज़र अब अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ों पर रहेगी। पहला — जुलाई में आने वाले TCS, Infosys और HCL के Q1 FY27 नतीजे और उनका कमेंट्री टोन, ख़ासकर डील पाइपलाइन व डिस्क्रिशनरी खर्च पर। दूसरा — पश्चिम एशिया तनाव का असर कब तक रेवेन्यू पर रहता है। तीसरा — क्या कंपनियां AI-led कॉस्ट कंप्रेशन को नए AI सर्विस रेवेन्यू से भरपाई कर पाती हैं या मार्जिन पर दबाव बढ़ता है। तब तक आईटी शेयरों में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं।

स्रोत: Business Standard, Upstox, India Infoline, NiftyTrader, ANI News, Accenture Newsroom (19-20 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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