बेंगलुरु, 7 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): भारत की तीन सबसे बड़ी IT सर्विसेज़ कंपनियों – Infosys, Tata Consultancy Services (TCS) और Wipro – ने मिलकर Microsoft 365 Copilot को 3,00,000 से ज़्यादा कर्मचारियों तक पहुँचा दिया है। Microsoft ने 3 जून 2026 को घोषणा की कि तीनों कंपनियों ने अलग-अलग 1,00,000+ सीट तैनात की हैं।
यह दुनिया के सबसे बड़े enterprise generative-AI रोलआउट में से एक है और इस बात का संकेत है कि भारतीय IT उद्योग AI के “प्रयोग” के दौर से निकलकर “रोज़मर्रा के इस्तेमाल” के दौर में आ गया है। तीनों कंपनियाँ मिलकर दुनिया भर में 15 लाख से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देती हैं, और इन शुरुआती 3 लाख लाइसेंसों का बड़ा हिस्सा इनके भारतीय कार्यबल को मिला है।
किसने कितनी सीट तैनात की
तीनों कंपनियों ने पूर्ण रोलआउट से पहले बड़े pilot चलाए। WindowsNews.ai के अनुसार Infosys ने 2025 के अंत में 20,000 इंजीनियरों के साथ Teams और Outlook पर परीक्षण शुरू किया था और अब अपनी पूरी delivery organization में 1,10,000 सीट तक पहुँच गई है। TCS ने banking, financial services व insurance (BFSI) टीमों को प्राथमिकता देते हुए 1,08,000 सीट तैनात कीं, जबकि Wipro ने अपने Cloud व Infrastructure Services डिवीज़न पर ज़ोर देते हुए 1,05,000 सीट तक रोलआउट किया।
इतने बड़े पैमाने पर पहचान और एक्सेस संभालने के लिए तीनों ने Microsoft Entra ID (पहले Azure Active Directory) पर भरोसा किया – single sign-on, conditional access और role-based provisioning के लिए। डेटा रेज़िडेंसी एक अहम चिंता रही: भारत के आगामी Digital Personal Data Protection Act को देखते हुए तीनों ने अपने tenants को इस तरह कॉन्फ़िगर किया कि Copilot के prompts और responses भारत की सीमा के भीतर ही प्रोसेस हों, जिसके लिए 2025 में लॉन्च हुआ Azure India Central रीजन काम आया।
कंपनियाँ और analysts क्या बोले
विश्लेषक इसे भारतीय IT के लिए निर्णायक क्षण मान रहे हैं। TechArc की प्रिंसिपल एनालिस्ट Ritika Singh ने कहा, “यह एक watershed moment है। सालों तक भारतीय IT पर AI की बात करने पर आरोप लगते थे; अब 3 लाख सीट के साथ ये दुनिया के सबसे बड़े GenAI यूज़र्स में हैं।” Microsoft India के एक प्रवक्ता ने कहा, “ये दिखावटी (vanity) deployments नहीं हैं – हर कंपनी ने Copilot को अपने रोज़मर्रा के कामकाज में उतारा है।”
तकनीकी पक्ष पर Wipro के एक cloud architect ने WindowsNews.ai को बताया, “Entra ID ही धुरी थी। हमें यह पक्का करना था कि बेंगलुरु में बैठा डेवलपर proprietary कोड क्वेरी करे तो प्रोसेसिंग कभी ग़ैर-भारतीय डेटा सेंटर में न जाए।” इसी के साथ कंपनियों ने governance को केंद्र में रखा – Infosys ने AI Council बनाई, TCS ने Responsible AI दिशानिर्देश अपडेट किए, और Wipro ने 1,05,000 यूज़र्स के लिए अनिवार्य “Copilot Ethics and You” ट्रेनिंग शुरू की।
productivity और कारोबारी असर
Microsoft के India AI Summit में साझा शुरुआती आँकड़े साफ़ फ़ायदा दिखाते हैं। Infosys के मुताबिक़ Teams में Copilot इस्तेमाल करने वाले project managers मीटिंग नोट्स और फ़ॉलो-अप ईमेल पर 35% कम समय लगा रहे हैं। TCS ने RFP जवाबों के पहले ड्राफ़्ट बनाने में 28% की कमी दर्ज की, और Wipro के डेवलपर Visual Studio Code में 20% तेज़ी से कोडिंग कर रहे हैं, जबकि peer review में 15% कम बग मिल रहे हैं।
असली कहानी सिर्फ़ अंदरूनी productivity नहीं है। एक Microsoft पार्टनर एग्ज़ीक्यूटिव के शब्दों में, “ये तीनों कंपनियाँ ऐसे playbook बना रही हैं जिन्हें अब वे हर Global 2000 ग्राहक को बेचेंगी – भारत दुनिया की Copilot फ़ैक्ट्री बन रहा है।” TCS ने बैंकिंग ग्राहकों के लिए “Copilot Center of Excellence” शुरू किया है, Infosys अपने digital transformation सौदों में Copilot readiness जोड़ रहा है, और Wipro ने इसे अपने HOLMES प्लैटफ़ॉर्म से जोड़ा है।
चुनौतियाँ और भारत का बड़ा चित्र
राह आसान नहीं रही। कर्मचारियों के फ़ीडबैक में licensing की उलझन (E3/E5 के ऊपर Copilot add-on), बड़े Excel डेटासेट पर latency, और बीच के प्रबंधन में सांस्कृतिक झिझक जैसे मुद्दे सामने आए। कुछ TCS टीमों में जूनियर डेवलपर बिना ठीक समीक्षा के Copilot का कोड भरोसे में ले रहे थे, जिससे सुरक्षा कमज़ोरियाँ बढ़ीं – कंपनी ने अब हर AI-जनित artifact के लिए अनिवार्य peer-review लागू किया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स व IT मंत्रालय (MeitY) ने इस deployment डेटा पर नज़र रखी है, और प्रतिद्वंद्वी HCLTech व Tech Mahindra भी जल्द अपने रोलआउट की घोषणा कर सकते हैं।
आगे क्या? (Outlook)
अगले कुछ महीनों में तीनों कंपनियाँ Copilot को नई भूमिकाओं तक ले जाएँगी – Infosys अपने BPO डिवीज़न में, TCS अपने 30,000+ SAP कंसल्टेंट्स तक, और Wipro अपनी sales टीम में। दूसरा, उद्योग-विशिष्ट Copilot: TCS एक Banking Copilot, Infosys एक HIPAA-अनुरूप Healthcare Copilot और Wipro एक Sustainability Copilot पर काम कर रहे हैं। तीसरा, WindowsNews.ai के अनुसार HCLTech जुलाई में अपने रोलआउट की घोषणा कर सकती है – जिससे “Big Five” की पूरी कतार AI-फ़र्स्ट हो जाएगी।
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स्रोत: Microsoft (Source Asia), WindowsNews.ai, People Matters (3 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।






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