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Nifty IT 2026 में 24% टूटा, AI डर से TCS-Infosys पर दबाव

On: June 9, 2026 1:31 AM
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Nifty IT 2026 crash AI disruption - IT Samachar
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मुंबई, 8 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): भारतीय IT सेक्टर का बेंचमार्क Nifty IT इंडेक्स 2026 में अब तक क़रीब 24% गिर चुका है, और AI से नौकरियों तथा बिज़नेस मॉडल पर असर की आशंका ने TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro के शेयरों को सबसे बड़े नुक़सान में धकेल दिया है।

यह गिरावट सिर्फ़ बाज़ार की चाल नहीं, बल्कि भारत की सबसे भरोसेमंद इंडस्ट्री पर उठे ढाँचागत सवाल का संकेत है। दशकों से billable-hour मॉडल पर टिकी भारतीय IT सर्विसेज़ अब उसी AI लहर का सामना कर रही हैं, जिसने उन्हें कभी ग्राहक दिए थे।

किस शेयर को कितनी चोट

BusinessToday की 8 जून की रिपोर्ट के मुताबिक़ 2026 में अब तक TCS 33%, HCL Technologies 30%, Infosys 27% और Wipro 31% तक गिर चुके हैं, जबकि Tech Mahindra में क़रीब 7% की नरमी रही। India Infoline की रिपोर्ट कहती है कि इंडेक्स अपने फ़रवरी के शिखर से लगभग 40% नीचे आ चुका है। मई में Nifty IT एक सत्र में 3.7% गिरकर 28,235 पर बंद हुआ था — मई 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर।

गिरावट की असली वजह

विश्लेषकों के मुताबिक़ मुख्य डर AI-आधारित ऑटोमेशन का है। वैश्विक स्तर पर AI की ओर तकनीकी ख़र्च 10-13% बढ़ा है, जबकि भारतीय IT सर्विसेज़ की ग्रोथ घटकर महज़ 3-4% रह गई है — यानी ख़र्च तो बढ़ रहा है, पर वह पारंपरिक भारतीय वेंडरों के पास नहीं पहुँच रहा। इसके अलावा कमज़ोर तिमाही नतीजे और वैश्विक अनिश्चितता ने भी सेंटिमेंट बिगाड़ा है।

ब्रोकरेज और विश्लेषक क्या कह रहे हैं

ब्रोकरेज Nuvama ने सेक्टर पर मध्यम-से-लंबी अवधि का सकारात्मक रुख़ बनाए रखते हुए चेताया कि बाज़ार अब फ़ंडामेंटल्स से ज़्यादा वैश्विक AI ख़बरों पर प्रतिक्रिया दे रहा है।

“IT stocks are now reacting more to AI developments around the world than to their fundamentals and performances.” — Nuvama (ब्रोकरेज नोट)

वहीं Bajaj Broking के विश्लेषक Shashwat Singh ने OpenAI की नई “Deployment Company” यूनिट को सीधी चुनौती बताया।

“OpenAI’s launch of its Deployment Company business unit marked a structural threat to the traditional billable-hour models that have long sustained the global IT industry.” — Shashwat Singh, Bajaj Broking

सुनहरे दौर से सवालों तक

भारतीय IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री दशकों तक देश की आर्थिक कहानी का सबसे चमकदार अध्याय रही है — अरबों डॉलर का निर्यात, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और नोएडा जैसे शहरों का विकास, और मध्यवर्ग के लाखों परिवारों के लिए स्थिर करियर। इसका मूल मॉडल सीधा था: ग्राहक को घंटे या हेडकाउंट के हिसाब से सेवाएँ बेचना। लेकिन जनरेटिव और agentic AI इसी मॉडल की जड़ पर चोट कर रहा है — अगर कोडिंग, टेस्टिंग और सपोर्ट के बड़े हिस्से ऑटोमेट हो जाएँ, तो “billable hours” का गणित बदल जाता है। यही चिंता बाज़ार में दिख रही बिकवाली के पीछे की असली कहानी है, न कि सिर्फ़ एक-दो तिमाही के नतीजे।

विश्लेषकों के बीच राय बँटी हुई है। एक धड़ा मानता है कि भारतीय कंपनियाँ AI को अपनाकर मार्जिन बेहतर कर सकती हैं और एंटरप्राइज़ ग्राहकों के लिए “AI तैनाती भागीदार” बन सकती हैं। दूसरा धड़ा चेताता है कि अमेरिकी AI लैब्स और प्रोडक्ट कंपनियाँ अब सीधे एंटरप्राइज़ को समाधान बेच सकती हैं, जिससे बीच की सर्विस लेयर सिकुड़ सकती है।

भारतीय इंडस्ट्री पर असर

भारतीय IT सेक्टर देश के सबसे बड़े निजी रोज़गारदाताओं में से एक है, इसलिए यह गिरावट सिर्फ़ निवेशकों की नहीं, बल्कि लाखों इंजीनियरों और शहरों की अर्थव्यवस्था की भी चिंता है। हालाँकि Nuvama समेत कई विश्लेषक मानते हैं कि AI भारतीय IT कंपनियों को पूरी तरह ख़त्म नहीं करेगा, बल्कि सिस्टम इंटीग्रेटर एंटरप्राइज़ AI को कस्टमाइज़ और तैनात करने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। जोखिम यह है कि उच्च-मूल्य वाले consulting और transformation सौदों में ये कंपनियाँ बायपास न हो जाएँ।

सबसे बड़ा सवाल फ्रेशर भर्ती और एंट्री-लेवल नौकरियों का है। पारंपरिक रूप से भारतीय IT कंपनियाँ हर साल लाखों इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को नौकरी देती रही हैं, लेकिन जब रूटीन कोडिंग और टेस्टिंग का बड़ा हिस्सा AI टूल्स कर दें, तो शुरुआती स्तर की माँग घट सकती है। यही वजह है कि निवेशकों के साथ-साथ कॉलेज परिसरों और परिवारों की नज़र भी इन नतीजों पर टिकी है।

Aage kya?

अगले कुछ हफ़्तों में निवेशकों की नज़र तीन चीज़ों पर रहेगी — पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे और मैनेजमेंट का AI-रेवेन्यू गाइडेंस; बड़े वेंडरों की AI-डील पाइपलाइन और कर्मचारी पुनर्गठन की रफ़्तार; और अमेरिकी सॉफ़्टवेयर शेयरों का रुझान, जिनसे भारतीय IT अक्सर संकेत लेता है। हाल ही में अमेरिकी टेक में रिबाउंड के बाद Nifty IT में एक सत्र की 2.5% तेज़ी भी दिखी, जो बताती है कि सेंटिमेंट बेहद नाज़ुक और दोतरफ़ा है।

स्रोत: BusinessToday, India Infoline, Business Standard, Multibagg, Upstox (8 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

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Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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