मुंबई, 21 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को अगले दशक की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए AI इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और डिजिटल क्षमताओं में भारी निवेश का रोडमैप पेश किया।
यह घोषणा सिर्फ़ एक कंपनी की रणनीति नहीं, बल्कि भारत के AI-कंप्यूट ढाँचे को लेकर बड़ा संकेत है। ऐसे समय जब घरेलू AI मॉडल और कंप्यूट पर “सॉवरेन” नियंत्रण की बहस तेज़ है, देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह का गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर और AI सेवाओं पर दाँव भारतीय एंटरप्राइज़ व सरकारी डिजिटल सेवाओं की दिशा तय कर सकता है।
AGM में AI केंद्र में
19 जून को हुई इस बैठक में अंबानी ने कहा कि AI आने वाले दौर में आर्थिक विकास और उत्पादकता की निर्णायक शक्ति होगी। रिलायंस इसी सोच के साथ AI इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और डिजिटल क्षमताओं में निवेश बढ़ा रही है ताकि भारत के टेक्नोलॉजी ट्रांसफ़ॉर्मेशन को रफ़्तार मिले। AGM का माहौल भी इसी थीम पर केंद्रित रहा — कनेक्टिविटी, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी।
“कठिन समय कभी नहीं टिकता, कठिन राष्ट्र टिकते हैं।” — मुकेश अंबानी, चेयरमैन, रिलायंस इंडस्ट्रीज़
वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद अंबानी ने आशावादी रुख रखा और भारत की विकास-गति पर भरोसा जताया। उन्होंने रिलायंस को इस यात्रा में टेक्नोलॉजी, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल समावेशन जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जुड़ा हुआ भागीदार बताया।
गीगावॉट डेटा सेंटर और जामनगर
रिलायंस की AI रणनीति का केंद्र जामनगर है, जहाँ कंपनी गीगावॉट-स्केल, हरित ऊर्जा से चलने वाले AI-रेडी डेटा सेंटर बना रही है। फ़रवरी में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में रिलायंस ने अगले सात वर्षों में AI से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹10 लाख करोड़ (क़रीब $110 अरब) निवेश की योजना का ऐलान किया था, जिसे AGM में दोहराया गया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार इस पूँजी से गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर, राष्ट्रीय एज-कंप्यूटिंग नेटवर्क और Jio प्लेटफ़ॉर्म में एकीकृत नई AI सेवाएँ बनेंगी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ जामनगर में बन रहे इन डेटा सेंटरों से 2026 की दूसरी छमाही में 120 मेगावॉट से ज़्यादा क्षमता ऑनलाइन आने की उम्मीद है। कंपनी ने इस AI धक्के के लिए एक नई पूर्ण-स्वामित्व वाली इकाई Reliance Intelligence का गठन भी किया है, जो हरित ऊर्जा-संचालित डेटा सेंटरों के निर्माण पर केंद्रित है।
Jio के नए AI टूल और ‘Kamdhenu’
उपभोक्ता-स्तर पर रिलायंस ने Jio प्लेटफ़ॉर्म के लिए नए AI टूल पेश किए हैं। टेकगेन्यज़ की रिपोर्ट के अनुसार इनमें Jio Teleframe और Jio Call Agent शामिल हैं, जो ग्राहक-सेवा और संचार को AI से जोड़ते हैं। इसके साथ ही अंबानी ने AI ‘Kamdhenu’ पहल का ऐलान किया, जिसका मक़सद AI को व्यापक रूप से उद्यमों और नागरिक सेवाओं तक पहुँचाना है।
AI डेटा सेंटर के लिए रिलायंस ने Meta के साथ साझेदारी की भी पुष्टि की है, जिसके तहत जामनगर में AI इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा। इन घोषणाओं से साफ़ है कि रिलायंस सिर्फ़ कंप्यूट कैपेसिटी नहीं, बल्कि मॉडल-से-एप्लिकेशन तक का पूरा AI स्टैक बनाना चाहती है।
रिलायंस के लिए यह दाँव उसके मौजूदा डिजिटल पैमाने पर टिका है। TRAI के अप्रैल 2026 के आँकड़ों के अनुसार Jio के पास 51.25 करोड़ वायरलेस ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं, जो इसे देश का सबसे बड़ा वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बनाते हैं। इसी विशाल यूज़र-बेस पर AI सेवाएँ चढ़ाकर रिलायंस उन्हें तेज़ी से करोड़ों उपभोक्ताओं तक पहुँचाने की रणनीति पर काम कर रही है। AGM में कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹6 प्रति शेयर लाभांश की भी घोषणा की।
Background: सॉवरेन AI की दौड़
पिछले कुछ महीनों में भारत में घरेलू AI ढाँचे को लेकर रफ़्तार बढ़ी है। फ़रवरी की इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में सरकार ने राष्ट्रीय कॉमन कंप्यूट के लिए 38,000 GPU से आगे और GPU जोड़ने का ऐलान किया, जबकि निजी क्षेत्र में रिलायंस का $110 अरब निवेश और Sarvam जैसे स्टार्टअप्स की फ़ंडिंग इसी दिशा में बढ़ते कदम हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी मॉडल और कंप्यूट पर निर्भरता घटाना अब रणनीतिक प्राथमिकता बन गया है, और रिलायंस का गीगावॉट-स्केल ढाँचा इस दिशा में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है।
भारतीय एंगल और उद्योग प्रतिक्रिया
रिलायंस का यह दाँव ऐसे वक़्त आया है जब भारत AI का बड़ा उपभोक्ता बाज़ार है पर घरेलू कंप्यूट क्षमता सीमित रही है। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार गीगावॉट-स्केल हरित डेटा सेंटर भारतीय एंटरप्राइज़ के लिए डेटा-संप्रभुता और लागत, दोनों मोर्चों पर राहत दे सकते हैं। हालाँकि AGM में Jio का IPO भी सुर्ख़ियों में रहा — बोर्ड ने DRHP को मंज़ूरी दी, जिसे बाज़ार विश्लेषक क़रीब $180 अरब आँक रहे हैं — पर निवेशकों की नज़र अब रिलायंस की AI मुनाफ़ा-क्षमता पर भी है।
“AI अगले दौर की निर्णायक शक्ति होगी।” — मुकेश अंबानी, चेयरमैन, रिलायंस इंडस्ट्रीज़
आगे क्या?
अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ों पर नज़र रहेगी: पहला, जामनगर के डेटा सेंटरों की 120 मेगावॉट क्षमता वास्तव में कब चालू होती है; दूसरा, Reliance Intelligence और Meta साझेदारी के तहत पहले एंटरप्राइज़ ग्राहक कौन बनते हैं; और तीसरा, Jio Teleframe व Call Agent जैसे उपभोक्ता AI टूल कितनी तेज़ी से बाज़ार में रोलआउट होते हैं। इन कदमों की रफ़्तार से तय होगा कि रिलायंस का AI-इन्फ्रास्ट्रक्चर दाँव भारत के डिजिटल ढाँचे को कितना बदलता है।
स्रोत: Business Today, Gulf News, TechGenyz, Bloomberg, Business Standard (19 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





