गुरुग्राम, 21 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): पेट हेल्थकेयर नेटवर्क Vetic ने $40 मिलियन (लगभग ₹345 करोड़) की फंडिंग जुटाई है, जिसकी अगुवाई Bessemer Venture Partners ने की। मौजूदा निवेशकों Greenoaks Capital, Lachy Groom और JSW Family Office ने भी राउंड में हिस्सा लिया। कंपनी इस पूंजी से अपना क्लिनिक नेटवर्क और वेटरनरी टीम दोगुनी करेगी।
यह डील ऐसे समय आई है जब भारत में पेट केयर एक बिखरे हुए, असंगठित कारोबार से निकलकर एक संगठित कंज्यूमर हेल्थकेयर कैटेगरी बन रहा है। बढ़ती पेट-ओनरशिप और इलाज पर खर्च करने की इच्छा ने इस सेगमेंट को निवेशकों की रडार पर ला दिया है, और Vetic का AI-आधारित मॉडल इसी बदलाव पर दांव लगा रहा है।
Vetic फंडिंग में नया क्या है
Gaurav Ajmera द्वारा 2022 में स्थापित Vetic इस समय 11 शहरों में 65 से ज़्यादा क्लिनिक चलाती है और इसके पास 250 से अधिक वेटरनरियन का नेटवर्क है। कंपनी एक ही जुड़े हुए प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए कंसल्टेशन, क्लिनिक, e-pharmacy, डायग्नॉस्टिक्स, पेट इंश्योरेंस और रिकवरी सेवाएँ देती है। StartupTalky और Business Standard की रिपोर्टिंग के मुताबिक़, कंपनी के पास 15 राउंड-द-क्लॉक इमरजेंसी सुविधाएँ भी हैं।
नई पूंजी का इस्तेमाल क्लिनिक नेटवर्क और इन-क्लिनिक, होम तथा वर्चुअल केयर टीम को दोगुना करने में होगा। कंपनी ने बताया कि अगले दो तिमाहियों में Vet at Home सेवा को राष्ट्रीय स्तर पर रोलआउट किया जाएगा, साथ ही पेट इंश्योरेंस और वेलनेस प्लान का दायरा बढ़ाया जाएगा। कंपनी का दावा है कि इस कदम से देशभर के पेट पैरेंट्स तक इलाज की पहुँच बढ़ेगी।
क्या कह रहे हैं फाउंडर और निवेशक
Vetic की रणनीति के केंद्र में एक ही सोच है — पेट्स को “human-grade” यानी इंसानों जैसी क्वालिटी की देखभाल देना।
“Vetic एक ऐसा connected system बना रही है जहाँ कंसल्टेशन, क्लिनिक, दवाएँ, डायग्नॉस्टिक्स, इंश्योरेंस और वेलनेस सब साथ काम करें — ताकि लोग अपने पेट्स की बेहतर देखभाल कर सकें।” — Gaurav Ajmera, Founder & CEO, Vetic
निवेशक इसे एक “doctor-led trade” से असली कंज्यूमर हेल्थकेयर प्लेटफ़ॉर्म में बदलने की कहानी मानते हैं।
“Gaurav और उनकी टीम ने एक बिखरे, डॉक्टर-निर्भर कारोबार को एक सच्चे कंज्यूमर हेल्थकेयर प्लेटफ़ॉर्म में बदल दिया है — सही यूनिट इकोनॉमिक्स और क्लिनिकल स्टैंडर्ड के साथ।” — Vishal Gupta, Partner, Bessemer Venture Partners
Bessemer पहले भी Vetic के कई राउंड में निवेशक रहा है, और इस बार लीड निवेशक के तौर पर उसने अपनी पोज़ीशन और मज़बूत की है।
AI और टेक प्लेटफ़ॉर्म पर दांव
Vetic का असली फ़र्क़ उसका टेक स्टैक है। कंपनी ने अपना प्रोप्राइटरी ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया है जो हर पेट का longitudinal health record कैप्चर करता है। YourStory को दिए ब्योरे के अनुसार, कंपनी ने AI को हर टचपॉइंट पर लगाया है — पेट पैरेंट्स की बेहतर triaging, वेटरनरियन को diagnostic intelligence से सपोर्ट, और Vetic ऐप के ज़रिए personalised गाइडेंस।
फ़ंडिंग का एक हिस्सा इसी AI और टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म को और गहरा करने में जाएगा, ताकि इलाज से लेकर रिकवरी तक का पूरा सफ़र ज़्यादा proactive और connected बन सके। कंपनी मानती है कि data-driven हेल्थ रिकॉर्ड ही उसे लंबी रेस में बढ़त देंगे।
भारत का पेट-केयर बाज़ार और इंडस्ट्री एंगल
भारत में पेट केयर अब तक ज़्यादातर अकेले डॉक्टरों और छोटे क्लिनिकों पर टिका रहा है, जहाँ क्वालिटी और रिकॉर्ड-कीपिंग में एकरूपता नहीं है। Vetic जैसी कंपनियाँ इसी गैप को संगठित करने की कोशिश कर रही हैं — ठीक वैसे ही जैसे ह्यूमन हेल्थकेयर में चेन-क्लिनिक मॉडल आया। इंडस्ट्री पर्यवेक्षकों का मानना है कि अगर यूनिट इकोनॉमिक्स टिकाऊ रहती है, तो category leader को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता है, और Bessemer का दांव इसी “compounding” थीसिस पर है।
व्यापक तस्वीर में देखें तो भारत का स्टार्टअप फंडिंग माहौल फिर से गरमा रहा है। Sahyadri Startups की रिपोर्ट के मुताबिक़, 12-18 जून 2026 के हफ़्ते में भारतीय स्टार्टअप्स ने कुल $302 मिलियन जुटाए, जो पिछले हफ़्ते के मुक़ाबले दोगुने से ज़्यादा था। इसी ट्रेंड में हेल्थटेक और कंज़्यूमर-हेल्थकेयर जैसे “प्रैक्टिकल” सेगमेंट में पूंजी की वापसी हो रही है, और Vetic का राउंड इसी लहर का हिस्सा है। निवेशकों का फ़ोकस अब सिर्फ़ ग्रोथ नहीं, बल्कि टिकाऊ यूनिट इकोनॉमिक्स और साफ़ रेवेन्यू मॉडल पर है।
प्रतिस्पर्धा के मोर्चे पर Vetic का मुक़ाबला Supertails और HUFT (Heads Up For Tails) जैसे प्लेयर्स से है, लेकिन इसका फ़ोकस e-commerce के बजाय क्लिनिक-फ़र्स्ट हेल्थकेयर नेटवर्क पर है, जो इसे एक अलग पोज़ीशन देता है।
मुख्य तथ्य
फंडिंग: $40 मिलियन (Bessemer की अगुवाई)। नेटवर्क: 11 शहरों में 65+ क्लिनिक, 250+ वेटरनरियन, 15 इमरजेंसी सुविधाएँ। स्थापना: 2022, फाउंडर Gaurav Ajmera। योजना: Vet at Home का राष्ट्रीय रोलआउट, क्षमता दोगुनी, पेट इंश्योरेंस व AI प्लेटफ़ॉर्म पर निवेश।
Aage kya? (Outlook)
अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ें देखने लायक होंगी: पहला, Vet at Home का राष्ट्रीय रोलआउट कितनी तेज़ी से होता है; दूसरा, क्या Vetic नए शहरों और इमरजेंसी सेंटरों की संख्या बढ़ाती है; और तीसरा, पेट इंश्योरेंस तथा वेलनेस प्लान में इसकी पकड़ कितनी गहरी होती है। इन तीनों मोर्चों पर प्रगति यह तय करेगी कि $40 मिलियन की यह पूंजी कंपनी को मुनाफ़े की ओर ले जाती है या सिर्फ़ विस्तार की।
स्रोत: YourStory, Business Standard, StartupTalky, Entrepreneur India, DealStreetAsia, BestMediaInfo (दिनांक तक की रिपोर्टिंग)।





