बेंगलुरु, 17 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): फिनटेक दिग्गज Razorpay ने ₹5,000–6,000 करोड़ के IPO के लिए बाज़ार नियामक SEBI के पास गोपनीय (confidential) Draft Red Herring Prospectus दाख़िल कर दिया है। इस लिस्टिंग में बेंगलुरु की इस कंपनी का मूल्यांकन ₹50,000–60,000 करोड़ (करीब $5–6 अरब) तक आँका जा रहा है।
यह दाख़िला D-Street पर बड़ी टेक लिस्टिंग की संभावित वापसी का संकेत है, ख़ासकर तब जब एक अन्य फिनटेक PhonePe ने बाज़ार की अस्थिरता का हवाला देकर अपनी लिस्टिंग फ़िलहाल टाल दी है। Razorpay के लिए यह IPO भारतीय पूँजी बाज़ार में लौटने की लंबी तैयारी का चरम बिंदु है।
IPO में क्या है
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार IPO का आकार ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ के बीच रहने की संभावना है, जिसमें fresh issue और Offer for Sale (OFS) का अनुपात लगभग 50:50 बताया जा रहा है। कंपनी ने 12 जून को draft पेपर दाख़िल किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ Razorpay ने इश्यू के लिए Axis Capital, JPMorgan, Citi और Kotak Mahindra Capital जैसे प्रमुख निवेश बैंकों को book-running lead managers नियुक्त किया है। कंपनी 2026 के अंत तक लिस्ट होने का लक्ष्य रखती है, जो SEBI की मंज़ूरी और बाज़ार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।
गोपनीय रूट क्यों चुना
confidential filing के तहत कंपनियाँ अपने draft offer दस्तावेज़ बिना संवेदनशील कारोबारी, परिचालन या वित्तीय जानकारी सार्वजनिक किए जमा कर सकती हैं। इससे उन्हें नियामक की प्रतिक्रिया पहले मिल जाती है और विस्तृत आँकड़ों का खुलासा लिस्टिंग के क़रीब तक टाला जा सकता है। बढ़ती बाज़ार अस्थिरता के बीच यह रास्ता कई बड़ी कंपनियों के लिए पसंदीदा बनता जा रहा है।
Razorpay की शुरुआत 2014 में payment gateway के रूप में हुई थी, पर आज यह payments से आगे बढ़कर business banking (RazorpayX), lending और payroll जैसे क्षेत्रों में फैल चुकी है। कंपनी खुद को एक समग्र financial infrastructure platform के रूप में स्थापित करना चाहती है, और हाल के वर्षों में इसका ज़ोर AI व agentic payments पर बढ़ा है। यही पोज़िशनिंग निवेशकों के सामने इसकी ग्रोथ-कहानी का आधार बनेगी।
माथुर की रणनीति
Razorpay के सह-संस्थापक व CEO हर्षिल माथुर कंपनी को महज़ payments प्रोवाइडर से आगे ले जाना चाहते हैं।
“Agentic platforms स्वतंत्र रूप से मौजूद हैं, पर किसी ने उन्हें सीधे payments infrastructure पर नहीं बनाया।” — हर्षिल माथुर, CEO व सह-संस्थापक, Razorpay
इससे पहले Global Fintech Festival 2025 में भी माथुर ने AI के असर को रेखांकित किया था।
“AI-संचालित payments उपभोक्ताओं के खरीदने और लेन-देन के तरीके को UPI जैसा बदल सकते हैं।” — हर्षिल माथुर, Razorpay
विश्लेषकों के लिए असली परीक्षा कंपनी का मुनाफ़ा और मूल्यांकन का तालमेल होगा। भारतीय फिनटेक में पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों ने ग्रोथ के साथ-साथ profitability पर ज़ोर बढ़ाया है, और Razorpay का दांव इसी कसौटी पर परखा जाएगा कि वह payments की पतली margins से आगे lending व software जैसे ऊँचे-margin कारोबार कितनी तेज़ी से बढ़ा पाती है।
भारतीय फिनटेक का संदर्भ
Razorpay ने 2025 में अपनी मूल कंपनी का domicile अमेरिका से भारत स्थानांतरित किया था — यानी खुद को “reverse-flip” किया — ताकि देश में लिस्टिंग की राह आसान हो। कंपनी को Peak XV Partners, Tiger Global, Ribbit Capital, TCV, Matrix Partners और Lightspeed जैसे निवेशकों का समर्थन है। हालाँकि कुछ बाज़ार विश्लेषक आगाह करते हैं कि ऊँचे मूल्यांकन पर growth re-rating को लेकर सवाल बने हुए हैं। तुलना के लिए, PhonePe लगभग $15 अरब के मूल्यांकन पर $1.5 अरब जुटाना चाहती थी, पर उसने भी इश्यू टाल दिया।
Razorpay की फाइलिंग ऐसे समय आई है जब घरेलू IPO बाज़ार में नई हलचल दिख रही है। quick-commerce कंपनी Zepto ने ₹8,010 करोड़ के fresh issue के लिए updated DRHP दाख़िल किया है, जबकि NSE और Jio जैसी बड़ी लिस्टिंग्स की तैयारी भी चर्चा में है। यानी Razorpay को निवेशकों की पूँजी के लिए कई हाई-प्रोफ़ाइल इश्यू से प्रतिस्पर्धा करनी होगी, और timing व pricing दोनों ही इसकी सफलता में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।
मुख्य तथ्य
- IPO आकार: ₹5,000–6,000 करोड़ (fresh + OFS, ~50:50)
- संभावित मूल्यांकन: ₹50,000–60,000 करोड़ (~$5–6 अरब)
- DRHP दाख़िल: 12 जून 2026, गोपनीय रूट
- लक्ष्य लिस्टिंग: 2026 के अंत तक, SEBI मंज़ूरी पर निर्भर
आगे क्या?
अगले कुछ महीनों में तीन चीज़ें तय करेंगी कि Razorpay का दांव कैसा रहेगा: SEBI से draft पर मिलने वाली टिप्पणियाँ, बाज़ार की अस्थिरता का रुख़, और NSE व Jio जैसी बड़ी संभावित लिस्टिंग्स के बीच निवेशकों की भूख। यदि बाज़ार स्थिर रहता है तो 2026 की दूसरी छमाही भारतीय फिनटेक के लिए IPO की निर्णायक खिड़की बन सकती है।
स्रोत: Business Standard, Storyboard18, BusinessToday, Outlook Money, Business Standard (DRHP) (17 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





