बेंगलुरु, 17 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): भारत की तीन सबसे बड़ी IT कंपनियों — Infosys, TCS और Wipro — ने Microsoft 365 Copilot को छह महीने से कम समय में सामूहिक रूप से 3 लाख (300,000+) कर्मचारियों तक पहुँचा दिया है। Microsoft के मुताबिक़ यह उसकी वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी और सबसे तेज़ enterprise AI रोलआउट में से एक है।
यह मील का पत्थर सिर्फ़ पैमाने का नहीं, रफ्तार का भी है। तीनों कंपनियाँ “tool-level deployment” से आगे बढ़कर AI को operating model बना रही हैं, जहाँ agents अब कर्मचारियों के साथ रोज़मर्रा के कारोबारी काम संभाल रहे हैं। भारत में मुख्यालय वाली ये तीन दिग्गज Asia में Copilot अपनाने की रफ्तार तय कर रही हैं।
आँकड़े: किसने कितना तैनात किया
यह घोषणा दिसंबर 2025 में हुई 50,000-seat तैनाती पर आधारित है। Infosys ने 100,000 से ज़्यादा seats तक विस्तार किया है और इसके 91% licensed कर्मचारी मासिक रूप से सक्रिय हैं। TCS में 100,000+ associates Copilot इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें 86% रोज़ाना सक्रिय हैं; कंपनी के अनुसार research व content कार्यों में 20–25% productivity सुधार और 2 गुना तेज़ insight देखा गया है। Wipro ने 95% मासिक सक्रिय उपयोग दर्ज किया है, जहाँ associates हर महीने 7.5 मिलियन prompts चला रहे हैं और हर तिमाही 2,50,000 FTE दिन की बचत हो रही है। Wipro में 29,000 end-user-developed agents और 60 enterprise-grade agentic solutions भी चालू हैं।
कंपनी प्रमुख क्या बोले
तीनों CEO ने इसे “Human + AI” मॉडल की ओर बदलाव बताया।
“AI को हम enterprise value को फिर से कल्पित करने वाली परिवर्तनकारी शक्ति मानते हैं।” — सलिल पारेख, CEO व MD, Infosys
“हमने 1 लाख से ज़्यादा associates को Microsoft 365 Copilot से सशक्त किया है।” — के. कृतिवासन, CEO व MD, TCS
Wipro के CEO श्रीनि पल्लिया ने इसे कंपनी के “proof-over-promise” सिद्धांत से जोड़ा, जबकि Microsoft India व South Asia के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने इसे “Intelligence + Trust” का जीवंत उदाहरण कहा।
Microsoft की वैश्विक रफ्तार
यह विस्तार Microsoft 365 Copilot की वैश्विक गति के बीच हुआ है। कंपनी के मुताबिक़ इस तिमाही में जुड़ी seats में 250% से अधिक वृद्धि हुई, कुल paid seats 2 करोड़ (20 मिलियन) तक पहुँचीं, और 50,000+ seats वाले ग्राहकों की संख्या साल-दर-साल चार गुना बढ़ी। Microsoft के Work Trend Index 2026 के अनुसार वैश्विक स्तर पर अब 49% Copilot उपयोग विश्लेषण व समस्या-समाधान जैसे cognitive कामों में हो रहा है।
कंपनी के मुताबिक़ 58% उपयोगकर्ता मानते हैं कि वे अब ऐसा काम कर पा रहे हैं जो साल भर पहले मुमकिन नहीं था, और advanced users में यह आँकड़ा 80% तक पहुँच जाता है। यह दर्शाता है कि Copilot का असर सिर्फ़ रफ्तार तक सीमित नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता और दायरे को भी बदल रहा है।
भारतीय IT पर असर
Microsoft Commercial Business के CEO जडसन एल्थॉफ़ के अनुसार इस पैमाने पर AI का असर अब सिर्फ़ बचाए गए समय से नहीं, बल्कि इस बात से मापा जा रहा है कि संगठन कैसे काम करते, प्रतिस्पर्धा करते और बढ़ते हैं। भारतीय IT services के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि कंपनियाँ अब client delivery और core operations को “Frontier Firm” मॉडल पर ढाल रही हैं — जहाँ दोहराव वाले काम agents करते हैं और कर्मचारी judgment व रचनात्मकता पर ध्यान देते हैं।
तीनों कंपनियाँ इस बदलाव को अपने-अपने आंतरिक AI कार्यक्रमों से जोड़ रही हैं — Infosys का Topaz, TCS का tcsAI और Wipro Intelligence™। यह विस्तार दिसंबर 2025 की उस घोषणा का अगला चरण है जब Cognizant समेत इन कंपनियों ने 50,000 seats के साथ “Frontier Firm” बनने की राह पकड़ी थी। उद्योग के लिए बड़ा सवाल यह है कि इतनी तेज़ productivity बढ़ोतरी का असर भविष्य में fresher hiring और reskilling पर क्या पड़ेगा — एक ऐसा मुद्दा जो भारत के लाखों IT पेशेवरों को सीधे छूता है।
मुख्य तथ्य
- कुल तैनाती: 300,000+ seats, छह महीने में
- Infosys 91% MAU · TCS 86% सक्रिय · Wipro 95% MAU
- Wipro: हर तिमाही 2,50,000 FTE दिन की बचत
- Microsoft वैश्विक: 2 करोड़ paid Copilot seats
आगे क्या?
अगले चरण में नज़र इस पर रहेगी कि Copilot को client delivery और business operations में कितनी गहराई तक उतारा जाता है, end-user agents की संख्या कैसे बढ़ती है, और इन productivity बचतों का असर तीनों कंपनियों के margins व hiring पर क्या पड़ता है। यदि उपयोग दरें इसी तरह ऊँची रहीं, तो भारत वैश्विक enterprise AI अपनाने का सबसे बड़ा प्रयोगशाला बाज़ार बन सकता है।
स्रोत: Microsoft Source Asia, BusinessToday, Storyboard18, Windows News, Microsoft Work Trend Index (17 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





