नई दिल्ली, 12 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) की Digital India BHASHINI Division (DIBD) ने Current AI और Kalpa Impact के साथ मिलकर VYOMA Innovation Challenge लॉन्च किया है। इसका लक्ष्य ऐसे open-source, बहुभाषी और voice-first AI सॉल्यूशन तैयार कराना है जो बिना इंटरनेट या कमज़ोर कनेक्टिविटी वाले इलाक़ों में भी चल सकें। विजेता टीमों को ₹80 लाख तक के इनाम और सरकारी विभागों में डिप्लॉयमेंट का मौक़ा मिलेगा।
यह चैलेंज भारत की उस बड़ी समस्या पर सीधा हमला है जिस पर ज़्यादातर AI प्रोडक्ट चुप रहते हैं — देश की बड़ी आबादी अंग्रेज़ी नहीं बोलती, और ग्रामीण इलाक़ों में भरोसेमंद इंटरनेट अब भी चुनौती है। Cloud पर निर्भर chatbot वहाँ काम नहीं आते। ऑफलाइन चलने वाला, हाथ में पकड़ा जाने वाला, भारतीय भाषाओं में बोलने-समझने वाला AI डिवाइस इस खाई को पाट सकता है।
Sunno Sutra डिवाइस पर बनेगा पूरा चैलेंज
PIB की आधिकारिक रिलीज़ के अनुसार, VYOMA चैलेंज Sunno Sutra प्लेटफॉर्म पर आधारित है — एक बहुभाषी, voice-first, open-source हैंडहेल्ड AI रेफरेंस डिवाइस, जिसे BHASHINI और Current AI ने मिलकर बनाया है। इसे IndiaAI Impact Summit 2026 में पेश किया गया था। डिवाइस की ख़ासियत यह है कि भाषा तकनीक और on-device AI को जोड़कर यह बिना cloud इन्फ्रास्ट्रक्चर के भारतीय भाषाओं में बातचीत वाला AI अनुभव देता है।
प्रतिभागियों से नए use case, हार्डवेयर सुधार, model optimisation और फ़ील्ड में तैनाती लायक़ एप्लिकेशन बनाने को कहा गया है। डिवाइस को छोटा, सस्ता और ज़्यादा एफिशिएंट बनाने के आइडिया भी आमंत्रित हैं।
कौन हिस्सा ले सकता है, क्या मिलेगा
चैलेंज स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स, छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों, MSME, इंडस्ट्री पार्टनर्स और स्वतंत्र इनोवेटर्स — सबके लिए खुला है। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और bhashini.gov.in पर आवेदन लिए जा रहे हैं।
चुनी गई 20 टीमों को डेवलपर किट और Sunno Sutra प्लेटफॉर्म का एक्सेस मिलेगा, साथ ही BHASHINI और Current AI के विशेषज्ञों से तकनीकी मेंटरशिप भी। फाइनलिस्ट अपनी प्रोटोटाइप एक्सपर्ट जूरी के सामने पेश करेंगे। विजेताओं के लिए ₹80 लाख तक के इनाम के अलावा केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ डिप्लॉयमेंट का रास्ता खुलेगा — यानी सीधा सरकारी ग्राहक मिलने की संभावना।
चैलेंज कई चरणों में चलेगा — खुली आवेदन प्रक्रिया से शुरुआत, फिर शॉर्टलिस्टिंग, बिल्ड फेज़ और अंत में जूरी के सामने प्रोटोटाइप शोकेस। PIB रिलीज़ में ख़ास तौर पर ऐसी संयुक्त टीमों को प्रोत्साहित किया गया है जिनमें स्टार्टअप, MSME, इंजीनियर, रिसर्चर और शैक्षणिक संस्थान एक साथ हों — यानी अकेले कोडर के बजाय हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर का मिला-जुला हुनर रखने वाली टीमों का पलड़ा भारी रहेगा।
BHASHINI के CEO ने क्या कहा
“Multilingual AI सिर्फ़ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि भारत के लिए public-impact इन्फ्रास्ट्रक्चर है।” — Amitabh Nag, CEO, Digital India BHASHINI Division
Nag ने आगे कहा कि BHASHINI भारतीय भाषा AI इकोसिस्टम को मज़बूत कर रही है और Sunno Sutra जैसे समाधान low-resource, ऑफलाइन, हैंडहेल्ड माहौल में काम करते हैं।
“आख़िरी छोर के नागरिक तक, हर क्षेत्र और भाषा में voice-first इंटेलिजेंट सेवाएँ पहुँचाना ही लक्ष्य है।” — Amitabh Nag, CEO, DIBD, PIB रिलीज़ में
PIB रिलीज़ में यह भी कहा गया कि संभावित एप्लिकेशन शिक्षा, कृषि, हेल्थकेयर, गवर्नेंस और पब्लिक सर्विस डिलीवरी जैसे सेक्टर में फैले हैं, जहाँ भाषाई और भौगोलिक विविधता के कारण AI की पहुँच अब तक सीमित रही है।
BHASHINI का स्केल कितना बड़ा है
आँकड़े बताते हैं कि यह प्रयोग छोटा नहीं है। PIB के अनुसार BHASHINI प्लेटफॉर्म इस समय 800 से ज़्यादा सरकारी वेबसाइटों को पावर करता है, रोज़ाना 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से ज़्यादा inference प्रोसेस करता है, और 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय voice भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। National Hub for Language Technology (NHLT) के ज़रिए यह speech और text आधारित AI सेवाएँ सरकारी प्लेटफॉर्म्स तक पहुँचाता है।
भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह चैलेंज एक व्यावहारिक एंट्री पॉइंट है। Edge AI और भारतीय भाषाओं का कॉम्बिनेशन ऐसा सेगमेंट है जहाँ ग्लोबल कंपनियों की पकड़ कमज़ोर है — बड़े विदेशी मॉडल हिंदी बोल लेते हैं, पर सस्ते ऑफलाइन हैंडहेल्ड डिवाइस पर दर्जनों भारतीय भाषाओं में चलने वाला सिस्टम बनाना अलग ही इंजीनियरिंग चुनौती है। जो टीमें यहाँ जीतेंगी, उनके पास सरकारी पैमाने का डिस्ट्रीब्यूशन चैनल होगा।
मुख्य तथ्य
- लॉन्च: DIBD (MeitY), Current AI और Kalpa Impact — 2 जून 2026
- प्लेटफॉर्म: Sunno Sutra ऑफलाइन हैंडहेल्ड AI डिवाइस
- शॉर्टलिस्ट: 20 टीमें, डेवलपर किट + मेंटरशिप
- इनाम: ₹80 लाख तक + सरकारी डिप्लॉयमेंट का अवसर
- BHASHINI स्केल: 800+ सरकारी वेबसाइट, रोज़ 1.5 करोड़ inference
आगे क्या?
अगले 30-90 दिनों में तीन पड़ाव अहम होंगे। पहला — आवेदन की अंतिम तारीख़ और 20 शॉर्टलिस्टेड टीमों का ऐलान, जिससे पता चलेगा कि कौन से स्टार्टअप और संस्थान इस रेस में हैं। दूसरा — डेवलपर किट की डिलीवरी और बिल्ड फेज़ की शुरुआत। तीसरा — IndiaAI Mission के बाक़ी कार्यक्रमों के साथ तालमेल, क्योंकि IndiaAI के तहत 34,381 GPU पहले से उपलब्ध कराए जा रहे हैं और sovereign AI पर सरकार का ख़र्च बढ़ रहा है। अगर VYOMA से निकले प्रोटोटाइप सरकारी विभागों में तैनात होते हैं, तो यह भारत में जमीनी स्तर के AI hardware स्टार्टअप्स के लिए नया टेम्पलेट बन सकता है।
स्रोत: PIB (MeitY), DD News, NewsX, The Tribune, Asianet Newsable (2 जून 2026 की आधिकारिक रिलीज़ और उसके बाद की रिपोर्टिंग)।





