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चीन का 295 बिलियन डॉलर AI डेटा सेंटर प्लान, 80% घरेलू चिप

On: June 14, 2026 6:28 AM
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चीन AI डेटा सेंटर - IT Samachar
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बीजिंग, 9 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): चीन अगले पाँच साल में क़रीब 2 लाख करोड़ युआन ($295 बिलियन) ख़र्च कर एक राष्ट्रीय AI डेटा सेंटर नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में है, जिसमें इस्तेमाल होने वाली 80% तकनीक — AI चिप समेत — घरेलू होगी। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक़ यह योजना Nvidia और AMD जैसी अमेरिकी कंपनियों को इस सरकारी निर्माण से लगभग बाहर कर देगी।

यह सिर्फ़ डेटा सेंटर बनाने की बात नहीं है। यह इस बात की घोषणा है कि अगली AI दौड़ अब सबसे चतुर मॉडल की नहीं, बल्कि उस compute की होगी जिस पर मॉडल चलते हैं — और चीन उस compute को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखना चाहता है। भारत समेत हर उस देश के लिए यह संकेत है, जो अमेरिकी चिप-आपूर्ति पर निर्भर है।

योजना में क्या है: ठोस आँकड़े

Bloomberg के अनुसार चीन का National Development and Reform Commission (NDRC) और अन्य एजेंसियाँ एक “National Computing Network” का खाका तैयार कर रही हैं, जो 2028 तक देश भर के AI डेटा सेंटरों को एक ग्रिड की तरह जोड़ देगा। इसे सरकारी टेलिकॉम कंपनियाँ China Mobile और China Telecom चलाएँगी। कम-से-कम 80% हार्डवेयर Huawei जैसे घरेलू आपूर्तिकर्ताओं से आएगा। बिजली ग्रिड के उन्नयन को जोड़ें तो कुल लागत 5 लाख करोड़ युआन के पार जा सकती है।

Bloomberg ने अपनी रिपोर्ट में योजना का पैमाना यूँ बताया:

“चीन अगले पाँच वर्षों में देश भर में डेटा सेंटर बनाने पर लगभग 2 लाख करोड़ युआन ($295 बिलियन) ख़र्च करने की तैयारी में है।” — Bloomberg

क्यों अभी: तकनीकी आत्मनिर्भरता की होड़

अमेरिका ने Nvidia और AMD की सबसे उन्नत चिपों के निर्यात पर पाबंदियाँ कड़ी कीं, और रिपोर्टों के मुताबिक़ इन्हीं प्रतिबंधों ने चीन की घरेलू-निर्माण की रफ़्तार बढ़ा दी। मई 2026 में चीन ने Huawei, Alibaba, Biren Technology और Moore Threads की बनाई नौ श्रेणियों की घरेलू AI चिपों को मंज़ूरी दी, जिससे सरकारी और सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में इनकी तैनाती का रास्ता खुला।

हालाँकि चुनौती बड़ी है। उद्योग अनुमानों के मुताबिक़ चीन के घरेलू आपूर्तिकर्ता 2030 तक भी देश की कुल AI चिप माँग का सिर्फ़ क़रीब 76% ही पूरा कर पाएँगे, जबकि यह बाज़ार बढ़कर $67 बिलियन तक पहुँच जाएगा। यानी आत्मनिर्भरता का लक्ष्य महत्वाकांक्षी ज़रूर है, पर पूरी तरह पूरा होना अभी दूर है।

विशेषज्ञ नज़रिया: दो अलग-अलग रास्ते

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और चीन अब दो अलग “technology stacks” बना रहे हैं। अमेरिका में Meta, Microsoft, Amazon और Google जैसी निजी कंपनियाँ सैकड़ों अरब डॉलर डेटा सेंटरों में लगा रही हैं, जबकि चीन सरकारी समन्वय, राष्ट्रीय योजना और घरेलू आपूर्ति-श्रृंखला पर टिका है। Tech Startups की रिपोर्ट के अनुसार, “$295 बिलियन का आँकड़ा इसलिए ख़ास है क्योंकि यह तिमाही-दर-तिमाही ख़र्च नहीं, बल्कि राज्य-संस्थानों द्वारा समर्थित एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता दर्शाता है।”

पर हर विश्लेषक उत्साहित नहीं है। तकनीकी प्रकाशन Tom’s Hardware ने योजना की व्यावहारिक सीमा पर सवाल उठाया।

“2028 की प्रस्तावित समयरेखा घरेलू चिप उत्पादन की क्षमता-सीमाओं से टकरा सकती है।” — Tom’s Hardware, विश्लेषण

यह बिंदु अहम है। चीन की चिप-फ़ाउंड्री क्षमता अभी अमेरिकी और ताइवानी प्रतिस्पर्धियों से पीछे है, और 80% घरेलू-सोर्सिंग का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब Huawei जैसी कंपनियाँ उत्पादन कई गुना बढ़ा सकें। यानी निवेश की घोषणा और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच बड़ा फ़ासला है — और यही फ़ासला तय करेगा कि योजना समय पर पूरी होती है या नहीं।

भारतीय नज़रिया: ISM 2.0 के लिए सबक़

चीन की यह छलांग भारत के लिए सीधी चेतावनी और प्रेरणा दोनों है। भारत की India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 के लिए FY2026-27 में ₹1,000 करोड़ का प्रावधान है, जबकि IndiaAI Mission के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित हैं। Tata Electronics, ताइवान की PSMC के साथ गुजरात के Dholera में महीने के 50,000 wafer क्षमता वाला fab बना रही है, और 16 मई 2026 को हुए Tata-ASML समझौते से उन्नत lithography तकनीक मिलेगी। उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन जिस पैमाने और गति से चल रहा है, उसकी तुलना में भारत का निवेश अभी छोटा है — पर compute-संप्रभुता की दिशा सही है।

आगे क्या? (Outlook)

अगले कुछ महीनों में तीन बातों पर नज़र रहेगी। पहला, NDRC का अंतिम ब्लूप्रिंट कब जारी होता है और funding कहाँ से (sovereign debt, राज्य निवेश कोष, या Alibaba जैसी कंपनियाँ) आती है। दूसरा, Huawei की Ascend चिपों की उत्पादन क्षमता — क्या वह 80% घरेलू लक्ष्य के लिए पर्याप्त wafers बना पाएगी। तीसरा, इस होड़ का असर बिजली और पानी की खपत पर — 2025 में वैश्विक डेटा सेंटर बिजली खपत क़रीब 448 TWh थी, जो AI के साथ तेज़ी से बढ़ेगी। भारत के लिए देखने लायक़ यह होगा कि ISM 2.0 के तहत कोई नई बड़ी fab घोषणा होती है या नहीं।

स्रोत: Bloomberg, Tech Startups, Tom’s Hardware, heise online, Yahoo Finance, India Semiconductor Mission (9 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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