बेंगलुरु, 9 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): क्विक-कॉमर्स स्टार्टअप FirstClub ने $55 मिलियन (करीब ₹460 करोड़) की Series B फंडिंग जुटाई है, जिसकी अगुवाई Peak XV Partners और Sofina ने मिलकर की। इस राउंड के बाद बेंगलुरु की इस 18 महीने पुरानी कंपनी की वैल्यूएशन $255 मिलियन (~₹2,300 करोड़) पहुँच गई है — सितंबर 2025 के $120 मिलियन से नौ महीनों में ही दोगुने से ज़्यादा।
यह राउंड ऐसे माहौल में आया है जब भारतीय स्टार्टअप फंडिंग सुस्त है और कोई भी डील $100 मिलियन के पार नहीं जा रही। ऐसे में “स्पीड” की जगह “क्वालिटी” पर दाँव लगाने वाली FirstClub का यह सबसे बड़ा साप्ताहिक चेक निवेशकों की उस बदलती सोच का संकेत है, जो अब हर मिनट डिलिवरी की होड़ से आगे टिकाऊ बिज़नेस मॉडल खोज रही है।
राउंड में कौन-कौन, पैसा कहाँ लगेगा
Series B में मौजूदा निवेशकों Accel, RTP Global और Paramark Ventures ने भी हिस्सा लिया। इसके साथ FirstClub की कुल फंडिंग $86 मिलियन हो गई है। कंपनी ने बताया कि यह पूँजी नए शहरों में विस्तार, सप्लाई-चेन और टेक्नोलॉजी को मज़बूत करने, और beauty एवं personal care, home essentials तथा pet care जैसी नई प्रोडक्ट कैटेगरी में उतरने पर ख़र्च होगी।
FirstClub फ़िलहाल बेंगलुरु और हैदराबाद में सक्रिय है और कुल 24 स्टोर चलाती है — इनमें 21 बेंगलुरु में और 3 हैदराबाद में हैं। कंपनी पहले इन्हीं दो शहरों में पकड़ गहरी करेगी, फिर आगे बढ़ेगी।
संस्थापक का नज़रिया: ‘क्वालिटी पहले’
कंपनी की स्थापना 2024 में Ayyappan R ने की थी, जो पहले Flipkart में अहम भूमिका निभा चुके हैं और बाद में Cleartrip का नेतृत्व किया। उन्होंने अपने मॉडल को बाज़ार की मौजूदा होड़ से अलग बताया।
“जब क्विक कॉमर्स 5 मिनट और 10 मिनट में डिलिवरी की दौड़ लगा रहा था, हमने एक मुश्किल सवाल पूछा: अंदर जो है, क्या वह आपके परिवार के लिए सच में सुरक्षित है?” — Ayyappan R, संस्थापक, FirstClub
उन्होंने जोड़ा कि 200 से ज़्यादा हानिकारक तत्वों पर रोक लगाकर और शेल्फ़ तक पहुँचने से पहले प्रोडक्ट की लैब-टेस्टिंग कराकर कंपनी भरोसे का एक ऐसा मानक गढ़ रही है जो भारतीय रिटेल में पहले नहीं था। मेम्बरशिप मॉडल पर उन्होंने कहा, “हमने अभी मेम्बरशिप प्रोग्राम लॉन्च नहीं किया है, लेकिन यह कुछ ऐसा है जिसे हम जल्द पेश करेंगे” — साथ ही स्पष्ट किया कि प्लैटफ़ॉर्म तक पहुँच सिर्फ़ सदस्यों तक सीमित नहीं रहेगी।
निवेशक क्यों लगा रहे दाँव
Peak XV Partners के मैनेजिंग डायरेक्टर GV Ravishankar ने इस बदलाव को रेखांकित किया।
“क्विक कॉमर्स की पहली लहर स्पीड के लिए बनी थी। FirstClub भरोसे के लिए बन रही है। D2C ब्रांड्स की बाढ़ के बीच ग्राहकों को एक न्यूट्रल प्लैटफ़ॉर्म चाहिए जो क्वालिटी के लिए चीज़ें छाँटे।” — GV Ravishankar, मैनेजिंग डायरेक्टर, Peak XV Partners
Ravishankar के मुताबिक़ भारत में एक बड़ा, संपन्न और सेहत के प्रति सजग उपभोक्ता वर्ग उभर रहा है, जो बेहतर क्वालिटी के लिए ज़्यादा क़ीमत चुकाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि “एक ख़ास उपभोक्ता वर्ग ऐसे बेहतर-क्वालिटी प्लैटफ़ॉर्म की ओर झुकेगा जो भरोसेमंद प्रोडक्ट परोसता है।”
मुख्य तथ्य
राउंड: $55 मिलियन Series B। सह-अगुवाई: Peak XV Partners + Sofina। अन्य निवेशक: Accel, RTP Global, Paramark Ventures। कुल फंडिंग: $86 मिलियन। वैल्यूएशन: $255 मिलियन (सितंबर 2025 में $120 मिलियन से)। स्टोर: 24 (21 बेंगलुरु + 3 हैदराबाद)। स्थापना: 2024, संस्थापक Ayyappan R।
यह डील भारत के समग्र फंडिंग माहौल की कहानी भी कहती है। रिपोर्टों के अनुसार 2026 में जून तक भारत में 793 इक्विटी राउंड में करीब $7.9 अरब जुटे, जो 2025 की तुलना में लगभग 19% कम है। 1–6 जून के सप्ताह में ई-कॉमर्स सबसे सक्रिय सेक्टर रहा — आठ डील में करीब $49.1 मिलियन — और FirstClub का $55 मिलियन का चेक उस हफ़्ते का सबसे बड़ा था। बाज़ार खुला है, पर उत्साह नापा-तुला है; निवेशक वही कंपनियाँ चुन रहे हैं जो अगला माइलस्टोन साबित कर सकें।
भारतीय क्विक-कॉमर्स का बड़ा मैदान
FirstClub का मुक़ाबला सीधे-सीधे Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे दिग्गजों से है, जो रफ़्तार और छूट के बूते बाज़ार में छाए हैं। ऐसे में “quality-first” पोज़िशनिंग एक अलग दाँव है — यह बड़े वॉल्यूम के बजाय ऊँचे औसत ऑर्डर मूल्य और ब्रांड-भरोसे पर टिकी है। बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि इस मॉडल की असली परीक्षा यूनिट इकोनॉमिक्स में होगी: क्या क्यूरेशन और लैब-टेस्टिंग की अतिरिक्त लागत के बावजूद कंपनी मुनाफ़े की राह बना पाती है। यह राउंड भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी सकारात्मक संकेत है, जहाँ निवेशक अब ठोस बुनियाद वाले मॉडल चुन रहे हैं।
आगे क्या?
अगले 30–90 दिनों में देखने लायक़ तीन बातें: पहला, क्या FirstClub बेंगलुरु-हैदराबाद से बाहर किसी तीसरे महानगर में उतरती है; दूसरा, beauty और pet care जैसी नई कैटेगरी कब और कैसे लॉन्च होती हैं; और तीसरा, बहुप्रतीक्षित मेम्बरशिप प्रोग्राम की रूपरेखा क्या रहती है। निवेशकों की नज़र इस पर भी होगी कि नौ महीनों में दोगुनी हुई वैल्यूएशन को कंपनी राजस्व-वृद्धि से कितनी जल्दी सही ठहरा पाती है।
(और पढ़ें: भारतीय AI स्टार्टअप्स की रिकॉर्ड फंडिंग, $9.1 अरब इकोसिस्टम।)
स्रोत: TechCrunch, Inc42, DealStreetAsia, BW Disrupt, Outlook Business, Indian Startup News (9 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





