TCS Infosys Wipro Google Microsoft Deloitte Accenture LTIMindtree Cognizant Meta Amazon IBM

---Advertisement---

Meta में बड़ी छंटनी: कर्मचारियों ने माहौल ‘सबसे खराब’ कहा

On: May 22, 2026 1:18 AM
Follow Us:
---Advertisement---

Meta में फिर बड़ी छंटनी, कर्मचारियों ने काम का माहौल ‘सबसे खराब’ कहा

सोशल मीडिया जायंट Meta की हालिया छंटनी ने तकनीकी जगत में फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। कंपनी ने हजारों कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है, जिसके बाद कर्मचारियों का मनोबल सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी की आंतरिक सर्वेक्षण में कर्मचारियों ने काम का माहौल ‘सबसे खराब’ बताया है, जो Meta के इतिहास में एक नई घटना है।

यह छंटनी का दौर खासकर इसलिए चिंताजनक है क्योंकि Meta एक ओर तो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रौद्योगिकी में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने कुशल कर्मचारियों को निकाल रहा है। यह विरोधाभासी नीति कंपनी की भविष्य की रणनीति को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।

Meta की लेआफ का इतिहास और वर्तमान परिस्थिति

Meta ने पिछले साल नवंबर 2022 में पहली बार बड़े पैमाने पर छंटनी की थी, जब कंपनी ने अपने 13,000 कर्मचारियों (कुल कर्मचारियों का 13 प्रतिशत) को निकाल दिया था। उस समय CEO मार्क जुकरबर्ग ने ‘Year of Efficiency’ की घोषणा की थी। लेकिन तब से लेकर अब तक, कंपनी लगातार कर्मचारियों को निकालती आ रही है।

वर्तमान लेआफ इस क्रम में सबसे अधिक दुःखदायी साबित हुई है क्योंकि:

• कर्मचारियों का विश्वास पूरी तरह खत्म हो गया है

• कंपनी की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं

• प्रतिभा पलायन तेजी से हो रहा है

• कर्मचारी संतुष्टि सूचकांक सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंच गया है

AI निवेश बनाम कर्मचारी कटौती – एक विरोधाभास

Meta का AI सेक्टर में निवेश असाधारण है। कंपनी ने 2024 में AI अनुसंधान और विकास के लिए 10 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की घोषणा की थी। यह निवेश मुख्य रूप से उनके Llama मॉडल को बेहतर बनाने और नए जेनरेटिव AI टूल्स विकसित करने के लिए है।

लेकिन इसी समय, कंपनी अपने सबसे अनुभवी इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को निकाल रही है। इस नीति के तहत:

हजारों तकनीकी विशेषज्ञों की जानकारी कंपनी से बाहर चली जाएगी

• प्रतिभा प्रतिद्वंद्विता (talent competition) में Meta पिछड़ सकता है

• अनुसंधान एवं विकास की गति धीमी हो सकती है

• नई परियोजनाओं में देरी हो सकती है

कर्मचारियों की मनस्थिति में भारी गिरावट

Meta के आंतरिक सर्वेक्षण से यह बात उजागर हुई है कि कर्मचारियों की मनस्थिति पूरी तरह टूट चुकी है। सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष हैं:

काम का माहौल ‘सबसे खराब’ बताया गया

• कंपनी में नेतृत्व और विश्वास की कमी दिखाई दी

• कर्मचारी संतुष्टि सूचकांक गिरकर सर्वकालिक निम्न पर पहुंच गया

• नई प्रतिभा को आकर्षित करने में असफलता

यह आंतरिक असंतोष Meta के दीर्घकालीन विकास के लिए एक बड़ा खतरा है। जब कर्मचारी ही कंपनी में सकारात्मक भविष्य नहीं देख पाते, तो उत्पादकता और नवाचार स्वाभाविक रूप से प्रभावित होते हैं।

भारत में Meta का प्रभाव और चिंताएं

Meta का Bangalore और अन्य भारतीय शहरों में एक बड़ा विकास केंद्र है। भारत Meta के लिए सबसे बड़ा बाजार भी है, जहां 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। यह छंटनी भारतीय तकनीकी पेशेवरों को भी प्रभावित कर सकती है:

• भारतीय इंजीनियरों की नौकरी में अनिश्चितता

• तकनीकी उद्योग में नकारात्मक संदेश

• स्टार्टअप और छोटी कंपनियों में प्रतिभा विस्थापन

• भारतीय बाजार में Meta की बड़ी लेआफ की संभावना

समग्र तकनीकी उद्योग पर प्रभाव

Meta की यह छंटनी सिर्फ एक अकेली घटना नहीं है। पूरे तकनीकी उद्योग में इसी तरह की स्थिति देखी जा रही है। Amazon, Google, Twitter जैसी बड़ी कंपनियों ने भी पिछले 18 महीने में लाखों नौकरियां कम की हैं। यह एक वैश्विक प्रवृत्ति बन गई है जो निम्नलिखित कारणों से हो रही है:

• मंदी की आशंका

• विज्ञापन राजस्व में कमी

• AI और ऑटोमेशन का दबाव

• शेयरहोल्डरों का दबाव

विशेषज्ञों की राय

तकनीकी उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि Meta की यह नीति दीर्घकालीन में हानिकारक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि:

AI और मानव पूंजी दोनों का संतुलन आवश्यक है

• कर्मचारियों को निकालकर उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता

• कंपनी की संस्कृति को ठीक करना अब चुनौतीपूर्ण हो गया है

• शीर्ष प्रतिभा अब Meta से दूर जा रही है

भविष्य के लिए संभावित समाधान

Meta को अपनी नीति में सुधार के लिए निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

• कर्मचारियों के साथ खुली बातचीत करें

• मानसिक स्वास्थ्य सहायता में निवेश करें

• कर्मचारी विकास कार्यक्रम शुरू करें

• स्पष्ट और न्यायसंगत लेआफ मानदंड बनाएं

• नई प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोग्राम

निष्कर्ष

Meta में हो रहा यह परिवर्तन तकनीकी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। जहां एक ओर AI और ऑटोमेशन तकनीकी जगत की भविष्य है, वहीं दूसरी ओर मानव पूंजी की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। Meta की छंटनी ने यह साबित कर दिया है कि बिना कर्मचारियों के विश्वास और सहयोग के, कोई भी कंपनी सफल नहीं हो सकती। AI में निवेश करना जरूरी है, लेकिन मनुष्य को निकालते हुए नहीं, बल्कि उन्हें साथ लेकर यह किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें

Amazon की बड़ी छंटनी और AI से जुड़ी खबर पढ़ें। Amazon Layoffs: 16 हजार नौकरियां खतरे में

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। वे एक अनुभवी QA Manager हैं और सॉफ़्टवेयर क्वालिटी एश्योरेंस के क्षेत्र में कार्यरत हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं। उनका उद्देश्य है — हर हिंदी पाठक तक तेज़, सटीक और निष्पक्ष IT न्यूज़ पहुंचाना। वे LinkedIn, Twitter, Facebook जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी सक्रिय हैं और IT industry की चर्चाओं का हिस्सा बनते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment