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AI IPO दौड़ तेज़: OpenAI और Anthropic दोनों ने गोपनीय IPO दाख़िल किया, भारत बना अहम बाज़ार

On: June 20, 2026 10:47 AM
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AI IPO दौड़ - IT Samachar
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सैन फ्रांसिस्को, 8 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): दुनिया की दो सबसे चर्चित AI कंपनियों ने एक ही पखवाड़े में Wall Street की ओर क़दम बढ़ा दिए। OpenAI ने 8 जून 2026 को अमेरिकी SEC के पास गोपनीय रूप से ड्राफ़्ट S-1 दाख़िल करने की पुष्टि की, जबकि प्रतिद्वंद्वी Anthropic ने इससे पहले 1 जून को यही क़दम उठाया था। इन दोनों फ़ाइलिंग ने दशक के सबसे बड़े संभावित तकनीकी IPO चक्र का आग़ाज़ कर दिया है।

यह सिर्फ़ दो लिस्टिंग की कहानी नहीं है। यह इस बात का इम्तिहान है कि AI को लेकर बने अरबों-खरबों डॉलर के मूल्यांकन ज़मीनी कमाई पर टिकते हैं या नहीं — और इस पूरे खेल में भारत एक केंद्रीय किरदार बनकर उभरा है।

किसने, कब, कितने पर दाख़िल किया

Anthropic, जो Claude बनाती है, ने सोमवार 1 जून को एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि उसने SEC के पास गोपनीय S-1 दाख़िल किया है। इससे ठीक पहले, मई के अंत में कंपनी ने $65 बिलियन का Series H राउंड पूरा किया, जिसके बाद उसका पोस्ट-मनी मूल्यांकन $965 बिलियन पर पहुंच गया — पहली बार OpenAI से आगे निकलते हुए।

दूसरी ओर OpenAI ने 8 जून को पुष्टि की कि उसने भी गोपनीय रूप से IPO प्रक्रिया शुरू कर दी है। CNBC के मुताबिक़ कंपनी का मूल्यांकन मार्च में बताए गए $852 बिलियन पर है और वह सितंबर 2026 के आसपास लिस्टिंग का लक्ष्य रख रही है, जहां मूल्यांकन $1 ट्रिलियन को पार कर सकता है। ऑफ़रिंग की अगुआई Goldman Sachs, Morgan Stanley और JPMorgan कर रहे हैं।

कमाई बनाम कथानक: बुलबुले की बहस

इतने बड़े मूल्यांकन पर विश्लेषक बंटे हुए हैं। Anthropic के अनुसार उसका सालाना (annualized) रेवेन्यू रन-रेट अब $47 बिलियन तक पहुंच चुका है, जो Claude के कोडिंग और एंटरप्राइज़ इस्तेमाल से आ रहा है। फिर भी कई जानकार इसे डॉट-कॉम दौर जैसी तेज़ी मान रहे हैं।

“यह विशाल IPO चक्र असल में जमा हो चुके जोखिम का शुरुआती निवेशकों से पब्लिक मार्केट की ओर बड़े पैमाने पर हस्तांतरण है।” — Bank of America (विश्लेषक नोट)

हालांकि सब निराश नहीं हैं। IPO बाज़ार के जानकार और शोधकर्ता Jay R. Ritter का कहना है कि भले ही AI में बहता पैसा बुलबुला बना रहा हो या नहीं, इस क्षेत्र से उभरने वाली चंद सफल कंपनियां आगे चलकर भारी मुनाफ़ा कमा सकती हैं।

“2026 की यह खिड़की या तो डॉट-कॉम युग के बाद का सबसे अहम IPO चक्र बनेगी, या फिर पब्लिक मार्केट को कथानक-बनाम-बुनियादी आंकड़ों का सबसे महंगा सबक़ देगी।” — एक मार्केट एनालिस्ट

पृष्ठभूमि: कैसे पहुंचे यहां तक

कुछ ही साल पहले तक AI स्टार्टअप्स के लिए सार्वजनिक लिस्टिंग दूर का सपना थी। लेकिन 2025 के बाद से जिस रफ़्तार से इन कंपनियों ने रेवेन्यू और निजी मूल्यांकन बढ़ाया, उसने तस्वीर पलट दी। Anthropic का $965 बिलियन मूल्यांकन और OpenAI का $852 बिलियन — दोनों मिलकर किसी भी पारंपरिक टेक दिग्गज की लिस्टिंग को बौना कर देते हैं। Al Jazeera के अनुसार मई के अंत में $965 बिलियन पर पहुंचकर Anthropic ने पहली बार OpenAI को मूल्यांकन में पीछे छोड़ा, जिससे दोनों के बीच की होड़ और तीखी हो गई। यही प्रतिस्पर्धा अब लिस्टिंग की दौड़ में बदल चुकी है, जहां दोनों इस पतझड़ (fall 2026) तक सार्वजनिक होने का लक्ष्य रख रहे हैं।

विश्लेषकों के लिए असली पेच यह है कि ये कंपनियां अब भी भारी निवेश कर रही हैं और मुनाफ़े का रास्ता लंबा है। The Register जैसी रिपोर्ट्स इन्हें “AI बुलबुले के शिखर” पर बैठी कंपनियां कह रही हैं, जबकि समर्थक इसे अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग में हिस्सेदारी का मौक़ा बता रहे हैं।

भारत क्यों है इस कहानी का केंद्र

इन फ़ाइलिंग का असर सिलिकॉन वैली तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ भारत Claude का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है, और अक्टूबर 2025 की विस्तार घोषणा के बाद से कंपनी का भारत रन-रेट रेवेन्यू दोगुना हो चुका है। 5 मई 2026 को OpenAI और Anthropic, दोनों ने औपचारिक रूप से भारत में अपनी AI सर्विसेज़ इकाइयां शुरू कीं। OpenAI बेंगलुरु और मुंबई में दफ़्तर खोल रही है, जबकि Anthropic बेंगलुरु में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

यह विस्तार भारत के पारंपरिक ऑफ़शोर आईटी मॉडल के लिए सीधी चुनौती भी है। Business Standard के अनुसार OpenAI और Anthropic का एंटरप्राइज़ AI दांव TCS और Infosys जैसी कंपनियों के सर्विस रेवेन्यू पूल पर दबाव बना सकता है — यानी जिस AI तेज़ी पर ये IPO टिके हैं, वही भारतीय आईटी के लिए दोधारी तलवार है।

आगे क्या? (Outlook)

अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ें तय करेंगी दिशा। पहला — क्या OpenAI सितंबर तक सार्वजनिक प्रॉस्पेक्टस जारी कर पाती है और किस मूल्यांकन पर। दूसरा — Anthropic बनाम OpenAI के बीच मूल्यांकन की होड़ निवेशकों की भूख बढ़ाती है या आशंका। तीसरा — भारत में दोनों कंपनियों की एंटरप्राइज़ डील्स कितनी तेज़ी से बढ़ती हैं, क्योंकि यही उनके रेवेन्यू नैरेटिव को असली कसौटी पर कसेगा।

स्रोत: CNBC, Fortune, TechCrunch, Al Jazeera, The Register, Business Standard (1-8 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

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