TCS Infosys Wipro Google Microsoft Deloitte Accenture LTIMindtree Cognizant Meta Amazon IBM

---Advertisement---

AirTrunk का ₹3 लाख करोड़ दांव: भारत में 5 GW डेटा सेंटर

On: June 12, 2026 1:24 AM
Follow Us:
AirTrunk डेटा सेंटर निवेश भारत - IT Samachar
---Advertisement---

नई दिल्ली, 12 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): ऑस्ट्रेलिया की हाइपरस्केल डेटा सेंटर कंपनी AirTrunk भारत में क़रीब ₹3 लाख करोड़ ($30 अरब) का निवेश करेगी और 5 गीगावॉट (GW) डेटा सेंटर क्षमता विकसित करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कंपनी के फाउंडर-CEO Robin Khuda से मुलाक़ात के बाद यह घोषणा की, जिसे देश के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के सबसे बड़े प्रस्तावित विदेशी निवेशों में गिना जा रहा है।

यह ऐलान ऐसे समय आया है जब भारत में AI कंप्यूट और cloud सेवाओं की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। Meta-Reliance की जामनगर डील से लेकर IndiaAI Mission की GPU खरीद तक — हर बड़ा खिलाड़ी भारत में compute क्षमता खड़ी करने की होड़ में है। AirTrunk का 5 GW का लक्ष्य इस होड़ को नए स्तर पर ले जाता है, क्योंकि यह आँकड़ा भारत की मौजूदा कुल डेटा सेंटर क्षमता से कई गुना ज़्यादा है।

ऐलान में क्या-क्या है

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने 5 जून को X पर पोस्ट कर बताया कि AirTrunk भारत में ₹3 लाख करोड़ के निवेश से 5 GW डेटा सेंटर क्षमता बनाएगी। Daily Pioneer की रिपोर्ट में कहा गया कि यह क्षमता cloud सेवाओं, AI एप्लिकेशन्स और बड़े पैमाने के डेटा स्टोरेज की बढ़ती मांग को सपोर्ट करेगी।

निवेश की टाइमलाइन 2030 तक की बताई गई है। Daily Pioneer के मुताबिक़ इस विस्तार को ग्लोबल इन्वेस्टर्स Blackstone और Canada Pension Plan Investment Board (CPPIB) का समर्थन हासिल है, और क्षमता कई राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में फैलाई जाएगी। परियोजना से रोज़गार के अवसर, घरेलू सप्लाई चेन को मज़बूती और इनोवेशन-आधारित ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है।

मोदी और Khuda ने क्या कहा

“भारत की डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर यात्रा ज़बरदस्त रफ़्तार पकड़ रही है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, X पोस्ट में

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा कि ऐसे निवेश भारत को cloud computing और AI के ग्लोबल हब के तौर पर मज़बूत करेंगे।

“यह साफ़ है कि दुनिया की डिजिटल इकॉनमी का भविष्य भारत में आकार ले रहा है।” — नरेंद्र मोदी

Robin Khuda (फाउंडर-CEO, AirTrunk) ने Daily Pioneer को दिए बयान में कहा कि AI पर सरकार की सहायक नीतियाँ, renewable energy की उपलब्धता और स्किल्ड वर्कफ़ोर्स भारत को लंबी अवधि के निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने जोड़ा कि भारत का AI डेवलपमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार का तरीक़ा बड़े टेक्नोलॉजी निवेश के लिए मुफ़ीद माहौल बना रहा है।

AirTrunk कौन है, भारत में एंट्री कैसे हुई

2015 में स्थापित AirTrunk ने 2017 में ऑस्ट्रेलिया के पहले और सबसे बड़े हाइपरस्केल डेटा सेंटर खड़े किए थे। आज कंपनी एशिया-पैसिफ़िक और मिडल ईस्ट (APME) रीजन में cloud, content और बड़े एंटरप्राइज़ ग्राहकों के लिए डेटा सेंटर कैंपस ऑपरेट करती है। कंपनी की पहचान एनर्जी और वॉटर एफिशिएंसी पर फोकस करने वाले डिज़ाइन के लिए है।

भारत में AirTrunk की एंट्री इसी साल हुई। Daily Pioneer की रिपोर्ट के मुताबिक़ कंपनी ने अप्रैल 2026 में Lumina CloudInfra का अधिग्रहण किया, जिसके ज़रिए उसे मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में क़रीब 600 MW की डेवलपमेंट पाइपलाइन पहले ही मिल चुकी है। यानी 5 GW का ऐलान शून्य से शुरुआत नहीं, बल्कि मौजूदा पाइपलाइन का 8 गुना से ज़्यादा विस्तार है।

भारतीय डेटा सेंटर मार्केट के लिए मायने

भारत का डेटा सेंटर सेक्टर इस समय निवेश की लहर पर सवार है। पिछले हफ़्ते ही Meta और Reliance की जामनगर में 168 MW AI डेटा सेंटर डील सामने आई थी, जबकि Reliance अपने स्तर पर ₹1.6 लाख करोड़ के AI इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान पर काम कर रही है। AirTrunk का ₹3 लाख करोड़ का आँकड़ा इन सबसे बड़ा है।

इंडस्ट्री ट्रैकर्स का अनुमान है कि भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक कई गुना बढ़ेगी — ऐसे में ज़मीन, बिजली और पानी जैसे संसाधनों पर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ होगी। हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई और नोएडा जैसे हब पहले से हाइपरस्केलर्स की पसंद हैं। 5 GW क्षमता के लिए AirTrunk को renewable energy के बड़े PPA (पावर परचेज़ एग्रीमेंट) भी करने होंगे, जिसका सीधा फ़ायदा भारतीय ग्रीन एनर्जी कंपनियों को मिल सकता है। साथ ही construction, cooling, networking और IT services — हर सेगमेंट के भारतीय वेंडर्स के लिए नया बिज़नेस खुलेगा।

पैमाने को ऐसे समझिए — 5 GW बिजली खपत के लिहाज़ से लाखों घरों के बराबर लोड है, और इतनी क्षमता के लिए कूलिंग, सब-स्टेशन और फाइबर कनेक्टिविटी का पूरा इकोसिस्टम चाहिए। यही वजह है कि सेक्टर के जानकार इस ऐलान को सिर्फ़ एक कंपनी का निवेश नहीं, बल्कि भारत में AI-era इन्फ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन के लिए डिमांड सिग्नल मान रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 600 MW पाइपलाइन का आँकड़ा फ़िलहाल Daily Pioneer की रिपोर्टिंग पर आधारित है — कंपनी ने राज्य-वार ब्रेकअप सार्वजनिक नहीं किया है।

मुख्य तथ्य

  • निवेश: ₹3 लाख करोड़ ($30 अरब), 2030 तक चरणबद्ध
  • क्षमता लक्ष्य: 5 GW डेटा सेंटर
  • मौजूदा पाइपलाइन: क़रीब 600 MW (मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद) — Lumina CloudInfra अधिग्रहण के ज़रिए
  • निवेशक समर्थन: Blackstone, CPPIB

आगे क्या?

अगले 30-90 दिनों में तीन चीज़ों पर नज़र रहेगी। पहली — AirTrunk किन राज्यों में साइट चुनती है और किन राज्य सरकारों से इंसेंटिव पैकेज पर बात होती है। दूसरी — Lumina CloudInfra की मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद पाइपलाइन में से पहला कैंपस कब ग्राउंड-ब्रेक करता है। तीसरी — 5 GW के लिए renewable PPA और ग्रिड कनेक्टिविटी की डीलें, जो प्रोजेक्ट की असली रफ़्तार तय करेंगी। निवेश 2030 तक चरणबद्ध है, इसलिए शुरुआती 12 महीनों की प्रगति ही बताएगी कि यह ऐलान कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतरता है।

स्रोत: PTI/Telangana Today, Daily Pioneer, Deccan Herald, DD News, Millennium Post (5 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।

Ganesh Thik

गणेश ठीक IT Samachar के संस्थापक एवं मुख्य लेखक हैं। IT Samachar के माध्यम से वे IT इंडस्ट्री से जुड़ी ताज़ा खबरें, कंपनी अपडेट्स, layoffs, AI और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स पर विश्वसनीय जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment