बेंगलुरु, 19 जून 2026 (IT Samachar डेस्क): भारतीय AI स्टार्टअप Avataar.ai ने IndiaAI Mission के सहयोग से अपना स्वदेशी वीडियो-जेनरेशन मॉडल Varya पेश किया है, जिसे कंपनी ने देश का पहला distilled वीडियो AI मॉडल बताया है। 12 जून को लॉन्च हुआ यह मॉडल दुनिया के बड़े वीडियो सिस्टम के मुक़ाबले 10 गुना तक सस्ता और तेज़ होने का दावा करता है।
Varya का मक़सद साफ़ है — महँगे और भारी वीडियो मॉडलों का एक किफ़ायती, भारत-केंद्रित विकल्प देना। ई-कॉमर्स और एंटरप्राइज़ वीडियो प्रोडक्शन के लिए बना यह मॉडल भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ को पहचानने पर ख़ास ज़ोर देता है, जहाँ अब तक ज़्यादातर ग्लोबल मॉडल कमज़ोर रहे हैं।
Varya में तकनीकी रूप से नया क्या है
Avataar ने Varya को अलीबाबा के ओपन-सोर्स वीडियो मॉडल Wan 2.2 पर बनाया और फिर distillation तकनीक से इसका हल्का संस्करण तैयार किया। नतीजा चौंकाने वाला है: जहाँ Wan 2.2 को एक वीडियो बनाने में 50 steps लगते हैं, वहीं Varya सिर्फ़ 4 steps में काम पूरा कर लेता है।
स्पीड का अंतर और भी बड़ा है। एक NVIDIA H200 GPU पर 5-सेकंड का 720p वीडियो बनाने में Varya को क़रीब 45 सेकंड लगते हैं, जबकि Wan 2.2 इसी काम में 1,230 सेकंड ले लेता है। लागत के मोर्चे पर मॉडल क़रीब ₹0.48 प्रति सेकंड पर वीडियो बनाता है।
कंपनी का दावा और भरोसा
Avataar के CEO Sravanth Aluru ने मॉडल की किफ़ायत को इसका सबसे बड़ा हथियार बताया।
“Affordable AI is inclusive AI.” — Sravanth Aluru, CEO, Avataar.ai
Aluru के मुताबिक़ प्लेटफ़ॉर्म पर हर ₹100 खर्च करने पर यूज़र क़रीब 211 सेकंड का वीडियो बना सकेंगे।
“India’s AI opportunity will not be defined only by the largest models.” — Sravanth Aluru, CEO, Avataar.ai
उन्होंने जोड़ा कि 1.4 अरब की आबादी वाले देश के लिए affordability एक फ़ीचर नहीं, बल्कि एक पूर्व-शर्त है, और अगली अरब कहानियाँ, विज्ञापन व सेवाएँ AI से बनेंगी जिन्हें कुछ ही लोगों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
पृष्ठभूमि और ग्राहक
Avataar कोई नया नाम नहीं है। Peak XV (पूर्व Sequoia India) समर्थित यह कंपनी अब तक क़रीब $55.5 मिलियन जुटा चुकी है और इसने पहले AI व कंप्यूटर-विज़न प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर पहचान बनाई थी। Varya को IndiaAI Mission से कंप्यूट सपोर्ट भी मिला है, जो सरकार की स्वदेशी AI मॉडल बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
कंपनी का दावा है कि उसके Velocity प्रोडक्ट के ज़रिए HP, Victoria’s Secret और Newegg जैसे ग्राहक पहले से भुगतान कर रहे हैं — यानी यह सिर्फ़ डेमो नहीं, बल्कि रेवेन्यू देने वाला प्रोडक्ट है।
मुख्य तथ्य
- बेस मॉडल: अलीबाबा का ओपन-सोर्स Wan 2.2, distillation से कॉम्प्रेस
- स्पीड: H200 पर 5-सेकंड 720p वीडियो — 45 सेकंड बनाम 1,230 सेकंड
- लागत: ~₹0.48 प्रति सेकंड; ₹100 में ~211 सेकंड वीडियो
- ग्राहक: HP, Victoria’s Secret, Newegg (Velocity के ज़रिए)
- कुल फ़ंडिंग: ~$55.5 मिलियन; निवेशक: Peak XV
Varya का distillation आधारित तरीक़ा इसलिए मायने रखता है क्योंकि वीडियो मॉडल कंप्यूट के लिहाज़ से सबसे महँगे AI सिस्टम में गिने जाते हैं। steps घटाने से न सिर्फ़ बिजली और GPU समय की बचत होती है, बल्कि छोटे व्यवसाय और कंटेंट क्रिएटर भी इन्हें अपना सकते हैं — जो भारत जैसे प्राइस-सेंसिटिव बाज़ार के लिए निर्णायक है।
भारतीय इंडस्ट्री के लिए मायने
Varya का लॉन्च भारत की उस बहस के बीच आया है जहाँ सवाल उठता रहा है कि क्या देश को सबसे बड़े फ़ाउंडेशन मॉडल बनाने की दौड़ में शामिल होना चाहिए, या किफ़ायती और एप्लिकेशन-केंद्रित मॉडलों पर ध्यान देना चाहिए। एनालिस्टों का मानना है कि distillation जैसी तकनीकें भारतीय स्टार्टअप्स को सीमित कंप्यूट बजट में भी मुक़ाबले में बने रहने का रास्ता देती हैं। Sarvam और BharatGen जैसे स्वदेशी प्रयासों के बाद Varya इस दिशा में एक और ठोस क़दम है।
वैश्विक मोर्चे पर Google के Veo, OpenAI के Sora और Runway जैसे वीडियो मॉडल अभी इस क्षेत्र में सबसे आगे माने जाते हैं, लेकिन इनकी लागत और कंप्यूट ज़रूरतें बहुत ऊँची हैं। Avataar का दाँव इसी पर है कि क्वालिटी में बड़ा समझौता किए बिना अगर लागत दस गुना घटाई जाए, तो भारतीय ई-कॉमर्स, एड-टेक और एजुकेशन कंपनियाँ बड़े पैमाने पर वीडियो AI अपना सकती हैं।
आगे क्या?
अब देखना होगा कि Varya स्वतंत्र बेंचमार्क पर अपने 10x दक्षता के दावे को कितना साबित करता है, क्योंकि अभी ज़्यादातर आँकड़े कंपनी के आंतरिक परीक्षण पर आधारित हैं। दूसरा, IndiaAI Mission का कंप्यूट सपोर्ट कब तक और किस पैमाने पर जारी रहता है। तीसरा, क्या Avataar घरेलू ग्राहकों — विशेषकर भारतीय ई-कॉमर्स और एड-टेक कंपनियों — को बड़े पैमाने पर जोड़ पाता है। अगले 90 दिनों में मॉडल की public availability और प्राइसिंग टियर इसकी असली परीक्षा होंगे।
स्रोत: TechCrunch, Business Standard, BusinessToday, ANI, Outlook Business (19 जून 2026 तक की रिपोर्टिंग)।





