भारतीय IT दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाले अपने रेवेन्यू का पहली बार खुलासा किया है, जो सालाना $1.5 बिलियन (लगभग ₹12,500 करोड़) तक पहुँच गया है। कंपनी ने इस क्षेत्र में 16% से अधिक की प्रभावशाली तिमाही वृद्धि भी दर्ज की है, जो AI को TCS के लिए एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में स्थापित करती है। यह घोषणा भारतीय IT सेक्टर में AI की बढ़ती भूमिका और TCS की AI-केंद्रित रणनीति को रेखांकित करती है।
TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने बताया कि AI अब केवल प्रयोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी के मुख्य व्यवसाय का चालक बन गया है। उन्होंने “AI-फर्स्ट” दृष्टिकोण पर जोर दिया, जहाँ कंपनी अपने आंतरिक कार्यों को बदलने, सेवाओं को नया स्वरूप देने, एक भविष्य-तैयार टैलेंट मॉडल बनाने और ग्राहक मूल्य श्रृंखलाओं को फिर से परिभाषित करने के लिए AI का उपयोग कर रही है।
कंपनी के अनुसार, उसके 85% ग्राहक और शीर्ष 60 ग्राहकों में से 54 पहले से ही TCS की AI सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। TCS ने अब तक 5,500 से अधिक AI प्रोजेक्ट पूरे किए हैं और 209 प्लेटफॉर्म डिप्लॉयमेंट किए हैं, जो AI को बड़े पैमाने पर अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का अनुमान है कि AI से संबंधित अवसरों से समय के साथ राजस्व में लगभग $15 बिलियन (लगभग ₹1.35 लाख करोड़) की वृद्धि हो सकती है।
AI क्षमताओं को बढ़ाने के लिए, TCS बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। इसमें डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में $6.5 बिलियन का निवेश शामिल है, जिसका लक्ष्य 1 गीगावाट क्षमता का निर्माण करना है। कंपनी ने TPG के साथ मिलकर HyperVault AI Data Centre नामक एक संयुक्त उद्यम भी शुरू किया है, जिसमें भारत भर में AI-केंद्रित डेटा सेंटर बनाने के लिए लगभग $2 बिलियन का निवेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, TCS ने अपने 180,000 से अधिक कर्मचारियों को उन्नत AI दक्षताओं में प्रशिक्षित किया है और सभी ग्राहक-सामना करने वाली टीमों को AI में प्रशिक्षित किया गया है।
TCS ने Microsoft, NVIDIA, Kore.ai, Informatica और Databricks सहित कई प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी भी की है ताकि AI को अपनाने में तेजी लाई जा सके और ग्राहकों के लिए इनोवेटिव समाधान विकसित किए जा सकें। ये साझेदारियाँ TCS को एक एकीकृत AI इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही हैं, जहाँ टेक्नोलॉजी, उद्योग ज्ञान और फॉरवर्ड-थिंकिंग रणनीति एक साथ मिलकर भविष्य को आकार दे रहे हैं।
भारतीय IT सेक्टर के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि यह दर्शाता है कि AI अब केवल चर्चा का विषय नहीं बल्कि ठोस राजस्व और विकास का स्रोत बन रहा है। TCS की यह पहल अन्य भारतीय IT कंपनियों को भी AI में अपने निवेश और रणनीतियों को तेज करने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे पूरे सेक्टर में AI-संचालित नवाचार और परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा।
KEY POINTS:
– TCS का AI से सालाना राजस्व $1.5 बिलियन तक पहुँचा।
– AI सेवाओं में तिमाही-दर-तिमाही 16% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
– TCS के 85% ग्राहक और शीर्ष 60 में से 54 ग्राहक AI सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
– कंपनी ने 5,500 से अधिक AI प्रोजेक्ट और 209 प्लेटफॉर्म डिप्लॉयमेंट पूरे किए हैं।
– TCS AI में $6.5 बिलियन का निवेश कर रही है, जिसमें डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट अपस्किलिंग शामिल है।
– TCS ने Microsoft और TPG जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के साथ AI-केंद्रित साझेदारियाँ की हैं।
सूचना के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित टेक और बिज़नेस न्यूज़ सोर्सेस की मदद ली गई है।
TCS का AI रेवेन्यू $1.5 बिलियन सालाना पहुँचा, 16% से ज़्यादा की तिमाही वृद्धि दर्ज





