बिहार ने tech-driven economy की दिशा में एक बड़ा कदम तब उठाया जब Patna में ‘Bihar AI Summit 2026’ का भव्य आयोजन हुआ। राज्य के IT मंत्री नीतीश मिश्रा ने मंच से ऐलान किया कि अब बिहार सिर्फ़ workforce supplier नहीं रहेगा, बल्कि AI, startups और digital governance का एक उभरता हुआ राष्ट्रीय हब बनेगा। यह summit बिहार के IT sector में निवेश आकर्षित करने और digital transformation को तेज़ करने की direct messaging थी।
Summit में क्या-क्या बड़े फ़ैसले हुए?
BiharConnect और 22Scope की reports के अनुसार, इस आयोजन में कई significant announcements हुए:
- राज्य की पहली AI Policy CM Samrat Choudhary ने unveil की।
- Diaspora Investment के लिए विशेष appeal — विदेश में बसे बिहारियों से tech-investment माँगी गई।
- SECLAN, BSWAN और GCC Policy 2026 जैसी major schemes की समीक्षा।
- CM Digital Library Scheme को और expand करने का खाका।
Digital Governance में AI का इस्तेमाल
सरकार अब ‘सहयोग शिविर’ ग्रीवांस-रिड्रेसल सिस्टम में AI को integrate कर रही है, जिसमें हर शिकायत को 30 दिन के अंदर resolve करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही AI को राज्य की policing और crime monitoring systems में भी लगाया जाएगा — यानी data-driven law-enforcement की दिशा में बिहार का पहला बड़ा शिफ्ट।
निवेश और रोज़गार पर असर
नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार का focus distress migration रोकने पर है — यानी राज्य के अंदर ही IT/AI sector में हज़ारों जॉब्स पैदा हों ताकि युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। GCC (Global Capability Centre) Policy 2026 इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो multi-national companies को राज्य में operations स्थापित करने के लिए incentives देगी।
पूर्वी भारत के लिए मॉडल?
अगर Bihar AI Summit 2026 के commitments ज़मीन पर उतरते हैं, तो यह पूरे पूर्वी भारत के लिए एक template बन सकता है। UP, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में भी AI-policy-driven economic transformation की रूपरेखा बनाने का दबाव बढ़ेगा।
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स्रोत / Source: BiharConnect





